[tdb_header_weather inline="yes" temp_color="#000000" loc_color="#000000" api="653566bd56b7ecfee45d74c0fc937fc1" float_right="yes" align_horiz="content-horiz-center" icon_size="24" icon_space="10" f_temp_font_family="420" f_temp_font_size="14" f_temp_font_weight="500" f_unit_font_size="14" f_loc_font_size="14" f_unit_font_family="882" location="Ranchi" icon_color="#000000"]
[tdb_header_categories align_horiz="content-horiz-left" el_align_horiz="content-horiz-left" tdc_css="eyJhbGwiOnsibWFyZ2luLXJpZ2h0IjoiNSIsImhlaWdodCI6IjQwIiwiZGlzcGxheSI6IiJ9fQ==" icon_size="18" limit="18" elem_text_color="#2d2800" f_elem_font_family="420" f_elem_font_size="16px" f_elem_font_weight="500" tdicon="tdc-font-fa tdc-font-fa-navicon-reorder-bars" inline="yes" shadow_shadow_size="0" shadow_shadow_offset_vertical="0" shadow_shadow_spread="0" bg_color="#f9f9f9" include="1028, 1081, 1446, 1228, 3706, 2624,1071"][tdb_mobile_horiz_menu inline="yes" menu_id="372" tdc_css="eyJwaG9uZSI6eyJkaXNwbGF5IjoiIn0sInBob25lX21heF93aWR0aCI6NzY3LCJhbGwiOnsiYm9yZGVyLXN0eWxlIjoibm9uZSIsImRpc3BsYXkiOiIifX0=" f_elem_font_size="18px" f_elem_font_weight="eyJhbGwiOiI3MDAiLCJwaG9uZSI6IiJ9" f_elem_font_family="420" text_color_h="#f58220" main_sub_icon_size="13"]
Home बिहार जमुई नाइट ब्लड सर्वे में 85 माइक्रो फाइलेरिया के मरीज चिह्नित

नाइट ब्लड सर्वे में 85 माइक्रो फाइलेरिया के मरीज चिह्नित

0
नाइट ब्लड सर्वे में 85 माइक्रो फाइलेरिया के मरीज चिह्नित

जमुई . फाइलेरिया एक संक्रमण युक्त बीमारी है. अगर ये किसी इंसान को हो जाये तो फिर वो पूरी जिंदगी ठीक होने के लिए सोचता है पर हो नहीं पाता है. बस हांथी पांव के बोझ को ढोता रहता है. इसलिए इस बीमारी से बचने एवं जागरूकता बहुत ही जरूरी है. जिला वेक्टर जनित रोग नियंत्रण पदाधिकारी डॉ धीरेंद्र कुमार धुसिया ने बताया की विगत बीते 20 नवंबर से 25 नवंबर तक जिले में चलाये गये नाइट ब्लड सर्वे में कुल 85 माइक्रो फाइलेरिया के मरीज चिह्नित हुए हैं. जिन्हें विभाग द्वारा कुल 12 दिनों तक निःशुल्क दवा खिलायी जानी है. डॉ धुसिया ने बताया की ये सभी माइक्रो फाइलेरिया से ग्रसित लोग 12 दिनों तक दवा खाने के साथ-साथ चलने वाले सर्वजन दवा सेवन अभियान में लगातार पुरे 3 वर्षों तक खाने के बाद वो इस बीमारी से पूरी तरह से सुरक्षित हो जायेंगे. उन्होंने बताया कि फाइलेरिया से समुदाय को सुरक्षित रखने हेतु आगामी 10 फरवरी से सर्वजन दवा सेवन अभियान चलाया जाना है. उन्होंने जिलेवासियों से फाइलेरिया जैसी लाइलाज बीमारी से बचने के लिए जांच तथा सर्वजन दवा का सेवन करने की अपील की. जिला वेक्टर रोग नियंत्रण पदाधिकारी प्रमोद कुमार एवं विकास कुमार ने बताया की नाइट ब्लड सर्वे एक ऐसा सर्वेक्षण है जो फाइलेरिया नामक बीमारी की जांच के लिए किया जाता है. यह सर्वेक्षण रात में किया जाता है ,क्योंकि फाइलेरिया के परजीवी जिसे माइक्रोफिलेरिया कहते हैं ये परजीवी सिर्फ रात में ही रक्त में सक्रिय होते हैं. इस सर्वेक्षण का मुख्य उद्देश्य यह जानना है कि किसी क्षेत्र में फाइलेरिया से संक्रमित लोगों की संख्या कितनी है. उन्होंने बताया की यह सर्वेक्षण फाइलेरिया के उन्मूलन के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है. यह सुनिश्चित करता है कि बीमारी से प्रभावित लोगों की पहचान की जाये और उन्हें समय पर उपचार प्रदान किया जाये .

फाइलेरिया क्या है

– फाइलेरिया फ्युलेक्स एवं मैनसोनिया प्रजाति मच्छर के काटने से होने वाला एक संक्रामक रोग है.

– किसी भी उम्र के व्यक्ति फाइलेरिया से संक्रमित हो सकता है.

– फाइलेरिया के लक्षण हाथ और पैर में सूजन (हाँथीपाँव) व हाईड्रोशील (अण्डकोष में सूजन) है.

– किसी भी व्यक्ति को संक्रमण के पश्चात बीमारी होने में 05 से 15 वर्ष लग सकते.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

ऐप पर पढें
होम आप का शहर
News Snap News Reel