Mobile Veterinary Unit: वैशाली जिले में अब पशुपालकों को बीमार पशुओं के इलाज के लिए अस्पतालों के चक्कर नहीं लगाने पड़ रहे हैं. जिला प्रशासन की पहल पर संचालित मोबाइल वेटेरिनरी यूनिट (MVU) सेवा के माध्यम से पशु चिकित्सकों की टीम सीधे पशुपालकों के घर पहुंचकर निःशुल्क उपचार कर रही है. जून 2026 के दौरान इस सेवा के जरिए 2,413 पशुपालकों को लाभ मिला, जबकि 4,593 पशुओं का सफल उपचार किया गया.
आत्मनिर्भर बिहार के सात निश्चय-2′ योजना के तहत संचालित है सेवा
जिला पशुपालन विभाग के अनुसार मोबाइल वेटेरिनरी यूनिट सेवा बिहार सरकार की ‘आत्मनिर्भर बिहार के सात निश्चय-2’ योजना के तहत संचालित की जा रही है. जिले में फिलहाल 16 मोबाइल वेटेरिनरी यूनिट प्रतिदिन सुबह 8:30 बजे से शाम 4:30 बजे तक पशुपालकों को सेवाएं दे रही हैं.
सिर्फ 1962 पर कॉल करें, 30 मिनट में पहुंचेगी डॉक्टरों की टीम
यदि कोई पशु बीमार हो जाए या आपात स्थिति उत्पन्न हो, तो पशुपालक टोल फ्री नंबर 1962 पर कॉल कर सकते हैं. कॉल के बाद एक सर्विस आईडी जनरेट होती है और संबंधित मोबाइल चिकित्सा टीम को सूचना भेजी जाती है. इसके बाद टीम लगभग 30 मिनट के भीतर पशुपालक के घर पहुंचकर पशुओं का निःशुल्क इलाज करती है.
जून 2026 में हजारों पशुओं का हुआ उपचार
जून माह के दौरान मोबाइल वेटेरिनरी यूनिट के माध्यम से जिले में व्यापक स्तर पर पशु चिकित्सा सेवाएं दी गईं.
- 2,413 पशुपालकों को मिला लाभ.
- 4,593 पशुओं का उपचार किया गया.
- इनमें 2,673 गाय, 816 भैंस, 1,102 बकरियां और 2 कुत्ते शामिल रहे.
- 233 आपातकालीन मामलों का सफलतापूर्वक निस्तारण किया गया.
- जिले के 416 गांवों में विशेष पशु चिकित्सा शिविर आयोजित किए गए.
डीएम ने अधिक से अधिक लाभ उठाने की अपील की
जिलाधिकारी ने कहा कि पशुपालन ग्रामीण अर्थव्यवस्था का महत्वपूर्ण आधार है. पशुओं का समय पर उपचार सुनिश्चित करना जिला प्रशासन की प्राथमिकता है. उन्होंने सभी पशुपालकों से अपील की कि किसी भी पशु के बीमार होने या आपात स्थिति में तुरंत टोल फ्री नंबर 1962 पर कॉल कर मोबाइल पशु चिकित्सा सेवा का लाभ उठाएं.
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