Hajipur News: हाजीपुर नगर परिषद सभागार में जिला उर्दू भाषा कोषांग के तत्वावधान में उर्दू भाषी विद्यार्थी प्रोत्साहन राज्य योजना के अंतर्गत जिला स्तरीय वाद-विवाद प्रतियोगिता का आयोजन किया गया. कार्यक्रम का शुभारंभ सहायक समाहर्ता (प्रशिक्षु) अंकुर त्रिपाठी, अपर समाहर्ता संजय कुमार, उप विकास आयुक्त कुंदन कुमार, अपर समाहर्ता (आपदा प्रबंधन) राम दुलार राम, नजारत उप समाहर्ता तारिक राजा एवं अन्य अतिथियों ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलित कर किया.
तीन वर्गों में हुई प्रतियोगिता
प्रतियोगिता की अध्यक्षता सेवानिवृत्त उर्दू शिक्षक कौसर परवेज खान ने की. इसमें मैट्रिक स्तर के 23, इंटर स्तर के 15 तथा स्नातक/समकक्ष स्तर के 9 छात्र-छात्राओं ने भाग लिया. प्रत्येक प्रतिभागी को अपने विचार रखने के लिए पांच मिनट का समय दिया गया. कार्यक्रम का संचालन मदरसा इस्लामिया, चेहराकला के शिक्षक नजरुल नासमी ने किया.
इन विषयों पर हुई वाद-विवाद प्रतियोगिता
मैट्रिक वर्ग का विषय ‘उर्दू शेर व अदब : बिहार की शिनाख्त और विरासत’, इंटर वर्ग का विषय ‘उर्दू मीडिया और लेसानी तब्दीलियाँ’ तथा स्नातक वर्ग का विषय ‘उर्दू ज़बान और ग्लोबलाइजेशन : बिहार के अदबी मंजरनामे पर आलमी रुझानात का असर’ निर्धारित किया गया था.
इन प्रतिभागियों ने हासिल किया प्रथम स्थान
प्रतियोगिता के परिणाम में मैट्रिक वर्ग में नजीरा हसन, इंटर वर्ग में सुफिया नाज़ तथा स्नातक वर्ग में शाजिया परवीन ने प्रथम स्थान प्राप्त किया. सभी वर्गों में प्रथम, द्वितीय और तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले प्रतिभागियों को प्रशस्ति-पत्र एवं नकद पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया.
भाषायी विविधता अपनाने का दिया संदेश
सहायक समाहर्ता (प्रशिक्षु) अंकुर त्रिपाठी ने कहा कि उर्दू प्रेम, सौहार्द और साझा सांस्कृतिक विरासत की भाषा है. इसे किसी विशेष धर्म या समुदाय से जोड़कर नहीं देखा जाना चाहिए. उन्होंने विद्यार्थियों से अधिकाधिक भाषाओं का अध्ययन करने और भाषायी विविधता को अपनाने का आह्वान किया.
निर्णायक मंडल और आयोजन
प्रतियोगिता के निर्णायक मंडल में आफताब आलम, मंजूर हसन तथा हसन रज़ा शामिल रहे. कार्यक्रम के अंत में जिला उर्दू भाषा कोषांग के प्रभारी पदाधिकारी मो. सलामुद्दीन ने सभी अतिथियों, निर्णायकों, प्रतिभागियों एवं उपस्थित लोगों के प्रति धन्यवाद ज्ञापित किया.
