Hajipur LPG Gas News: वैशाली जिले में एलपीजी गैस आपूर्ति को लेकर पिछले चार महीने से चला आ रहा संकट अब काफी हद तक कम हो गया है. जिला प्रशासन का दावा है कि लगातार मॉनिटरिंग, औचक निरीक्षण और कालाबाजारी के खिलाफ कार्रवाई का सकारात्मक असर दिख रहा है. मई के मध्य में जहां लंबित रिफिल बुकिंग 71 हजार के पार पहुंच गई थी, वहीं अब यह घटकर 38,409 रह गई है. गैस एजेंसियों के पास उपलब्ध स्टॉक भी बढ़कर 17,898 सिलेंडर हो गया है. हालांकि सरकारी आंकड़ों में सुधार के बावजूद जमीनी स्तर पर उपभोक्ताओं की परेशानी अब भी पूरी तरह खत्म नहीं हुई है.
8 लाख से अधिक उपभोक्ताओं को मिल रही गैस आपूर्ति
जिला आपूर्ति कार्यालय के अनुसार, जिले में इंडियन ऑयल, भारत पेट्रोलियम और हिंदुस्तान पेट्रोलियम की 67 गैस एजेंसियों के माध्यम से 8,06,738 घरेलू उपभोक्ताओं को एलपीजी गैस उपलब्ध कराई जा रही है. पिछले 60 दिनों में प्रतिदिन औसतन 12,624 सिलेंडरों की आपूर्ति हुई है और औसत बैकलॉग घटकर लगभग तीन दिन रह गया है.
मई में चरम पर था गैस संकट
अप्रैल और मई के दौरान जिले में एलपीजी संकट गंभीर हो गया था. 18 मई को केवल 3,570 सिलेंडरों की डिलीवरी हो सकी थी, जबकि 71,885 रिफिल बुकिंग लंबित हो गई थी. उस समय बैकलॉग 5.7 दिन तक पहुंच गया था. कई गैस एजेंसियों में स्टॉक समाप्त होने से उपभोक्ताओं को घंटों लाइन में लगना पड़ता था और कई लोग बिना सिलेंडर लिए वापस लौट जाते थे.
आंकड़ों में सुधार, लेकिन होम डिलीवरी अब भी बाधित
पिछले डेढ़ महीने में लंबित रिफिल बुकिंग 71,885 से घटकर 38,409 रह गई है. यानी 33,476 लंबित बुकिंग कम हुई हैं. बैकलॉग 5.7 दिन से घटकर लगभग तीन दिन रह गया है. वहीं उपलब्ध स्टॉक 7,409 से बढ़कर 17,898 सिलेंडर हो गया है.
इसके बावजूद जिले की कई गैस एजेंसियों में होम डिलीवरी व्यवस्था अब भी सामान्य नहीं हो सकी है. उपभोक्ताओं का कहना है कि गैस वेंडर घर तक सिलेंडर पहुंचाने के बजाय मुख्य सड़क, चौक या निर्धारित स्थान पर ही वितरण कर रहे हैं. ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को कई किलोमीटर दूर जाकर सिलेंडर लेना पड़ रहा है. इससे बुजुर्ग, महिलाएं और दिव्यांग उपभोक्ताओं को सबसे अधिक परेशानी हो रही है.
कालाबाजारी पर कार्रवाई, तीन एफआईआर दर्ज
प्रशासन ने कालाबाजारी और जमाखोरी रोकने के लिए सभी गैस एजेंसियों पर दंडाधिकारी और पुलिस पदाधिकारियों की प्रतिनियुक्ति की है. अब तक तीन एफआईआर दर्ज की जा चुकी हैं. इसके अलावा गैस एजेंसियों और अन्य प्रतिष्ठानों का लगातार औचक निरीक्षण किया जा रहा है. जिला नियंत्रण कक्ष में प्राप्त 1,226 शिकायतों में से 1,225 शिकायतों का निष्पादन किए जाने का दावा किया गया है.
उपभोक्ताओं की मांग, घर तक पहुंचे गैस सिलेंडर
हालांकि जिला प्रशासन का कहना है कि गैस आपूर्ति की स्थिति अब नियंत्रण में है, लेकिन उपभोक्ताओं का कहना है कि केवल स्टॉक और लंबित बुकिंग के आंकड़ों में सुधार पर्याप्त नहीं है. जब तक प्रत्येक उपभोक्ता को समय पर उसके घर तक गैस सिलेंडर की होम डिलीवरी नहीं मिलेगी, तब तक व्यवस्था को पूरी तरह सामान्य नहीं माना जा सकता.
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