[tdb_header_weather inline="yes" temp_color="#000000" loc_color="#000000" api="653566bd56b7ecfee45d74c0fc937fc1" float_right="yes" align_horiz="content-horiz-center" icon_size="24" icon_space="10" f_temp_font_family="420" f_temp_font_size="14" f_temp_font_weight="500" f_unit_font_size="14" f_loc_font_size="14" f_unit_font_family="882" location="Ranchi" icon_color="#000000"]
[tdb_header_categories align_horiz="content-horiz-left" el_align_horiz="content-horiz-left" tdc_css="eyJhbGwiOnsibWFyZ2luLXJpZ2h0IjoiNSIsImhlaWdodCI6IjQwIiwiZGlzcGxheSI6IiJ9fQ==" icon_size="18" limit="18" elem_text_color="#2d2800" f_elem_font_family="420" f_elem_font_size="16px" f_elem_font_weight="500" tdicon="tdc-font-fa tdc-font-fa-navicon-reorder-bars" inline="yes" shadow_shadow_size="0" shadow_shadow_offset_vertical="0" shadow_shadow_spread="0" bg_color="#f9f9f9" include="1028, 1081, 1446, 1228, 3706, 2624,1071"][tdb_mobile_horiz_menu inline="yes" menu_id="372" tdc_css="eyJwaG9uZSI6eyJkaXNwbGF5IjoiIn0sInBob25lX21heF93aWR0aCI6NzY3LCJhbGwiOnsiYm9yZGVyLXN0eWxlIjoibm9uZSIsImRpc3BsYXkiOiIifX0=" f_elem_font_size="18px" f_elem_font_weight="eyJhbGwiOiI3MDAiLCJwaG9uZSI6IiJ9" f_elem_font_family="420" text_color_h="#f58220" main_sub_icon_size="13"]
Home बिहार गोपालगंज gopalganj news : जहां कभी गरजती थी बंदुकें, वहां इंडस्ट्रियल हब बनाने की तैयारी

gopalganj news : जहां कभी गरजती थी बंदुकें, वहां इंडस्ट्रियल हब बनाने की तैयारी

0
gopalganj news : जहां कभी गरजती थी बंदुकें, वहां इंडस्ट्रियल हब बनाने की तैयारी
सांकेतिक तस्वीर

gopalganj news : गोपालगंज. जहां कभी बंदुकें गरजती थीं. दिन में भी लोगों को जाने का साहस नहीं होता था. बरसात में नदी की तबाही उसके बाद जंगल पार्टी का अभयारण्य के रूप में दियारा विख्यात था.

दियारा का वह इलाका जहां भागड़ यादव, रामचंद्र यादव, नवल-बुनी, बासुदेव यादव, सुरेश यादव, अजय राय के आतंक से लोग थर्राते थे. अपराधियों के गैंगवार से यहां की धरती लाल होती रहती थी. अब उसी धरती को नीतीश कुमार अपनी समृद्धि यात्रा के दौरान इंडस्ट्रियल हव बनाने की घोषणा कर सकते हैं. यह तब संभव हुआ, जब डीएम पवन कुमार सिन्हा ने दियारा में सरकारी जमीनों की तलाश शुरू की. रामपुर टेंगराही में 12 सौ एकड़, तो रजवाही में लगभग पांच सौ एकड़ सरकारी जमीन को ढूंढ़ कर निकाला गया है. इसमें एडीएम राजेश्वरी पांडेय, एसडीओ अनिल कुमार व सीओ रजत बर्नवाल के विशेष प्रयास से जमीन को निकाला गया है. उस जमीन पर इलाके के लोगों द्वारा कब्जा कर खेती की जा रही थी. अब वहां इंडस्ट्री लगाने के लिए प्रशासन की तैयारियां शुरू हो गयी हैं. सबकुछ ठीक रहा, तो यहां इंडस्ट्री इलाका सीएम घोषित कर सकते हैं. माना तो यह भी जा रहा कि अदाणी व रिलायंस ग्रुप यहां इंडस्ट्री लगाने को तैयार है. यहां इंडस्ट्री लगी, तो इलाके में रोजगार का नया आयाम खुलेगा. इलाके में दुकान-बाजार और बेहतर माहौल होगा.

गोपालगंज से बेतिया को जोड़ने वाली सड़क से बदला माहौल

गोपालगंज से बेतिया को जोड़ने वाले हाइवे के निर्माण होने से इलाका का माहौल बदल चुका है. नारायणी नदी पर महासेतु के निर्माण होने से इलाके के सैकड़ाें गांव की कनेक्टिविटी जुड़ी. यहां अब बेहतर संपर्क मार्ग होने से दियारे की तस्वीर बदल चुकी है.

इंडस्ट्री लगने से बाढ़ से मिलेगी निजात

रामपुर टेंगराही व रजवाही में इंडस्ट्री बनने से नारायणी नदी के बाढ़ से निजात मिलेगी. इंडस्ट्री के लिए यह इलाका काफी उपयोगी है. यहां नदी में हमेशा पानी रहने से इंडस्ट्री को काफी लाभ मिलेगा. फैक्ट्रियों को लगने से सड़कें और बेहतर होंगी. नदी की धारा को रोकने का भी इंतजाम सरकार करेगी. पूरा इलाका कभी श्राप था, जो अब समृद्ध बनने की राह पर आ गया है.

सरकार ने बदली दियारा की तस्वीरें

बिहार में 2005 में बिहार में एनडीए की सरकार बनी. दियारा में फैले अपराधियों पर सरकार ने शिकंजा कसा. अपराधी या तो मारे गये या अपना मार्ग बदल लिये. दियारा की तस्वीर बदलने लगी. जंगल पार्टी से दियारा मुक्त होने के साथ बाढ़ से भी निजात दिलाने के लिए कोशिश कम नहीं हुई. विशुनपुर-अहिरौली दान में गाइड बांध बनाया गया. अब तटबंध को सड़क में बदलने का काम शुरू है.

दियारा की बदलेगी सूरत : डीएम

डीएम पवन कुमार सिन्हा ने बताया कि दियारा में सरकारी जमीनों को चिह्नित किया गया है. वहां इंडस्ट्रियल इलाका बनाने का काम चल रहा है.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

ऐप पर पढें
होम आप का शहर
News Snap News Reel