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Home बिहार गोपालगंज गैरइरादतन हत्या में दोषी चाचा को 10 वर्षों के सश्रम कारावास की सजा

गैरइरादतन हत्या में दोषी चाचा को 10 वर्षों के सश्रम कारावास की सजा

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गैरइरादतन हत्या में दोषी चाचा को 10 वर्षों के सश्रम कारावास की सजा

गोपालगंज. मांझा थाने के भैसही धमही टोला में टेंपो खड़ा करने के विवाद में हुई गैरइरादतन हत्या में शनिवार को अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश-10 मानवेंद्र मिश्र के कोर्ट ने एकमात्र अभियुक्त को दोषी पाते हुए 10 वर्षों के सश्रम कारावास की सजा सुनायी. साथ ही 50 हजार रुपये जुर्माना देने का आदेश दिया है. सजा की राशि नहीं जमा करने पर छह माह की कठोर सजा भुगतनी होगी. मृतक रिश्ते में भतीजा तो मारने वाला चाचा था. कोर्ट में अभियोजन पक्ष से एपीपी जयराम साह व अशोक कुमार गुप्ता तथा बचाव पक्ष के अधिवक्ता रूपेश तिवारी की ओर से साक्ष्य-साबूत पेश किया गया. बचाव पक्ष से दिये गये साक्ष्यों में कोर्ट ने साक्ष्य से पाया अभियुक्त बलिस्टर यादव का इरादा हत्या करने का नहीं था. उसे इस बात का ज्ञान था कि उसके इस कृत्य से किसी की मृत्यु हो सकती है. गैर इरादतन हत्या में भादसं 304 की परिधि में दंडनीय है. भादवी के धारा 302 नहीं माना. कोर्ट ने भादसं की धारा 304 के तहत दोषी मानते हुए सजा दिया. फैसला सुनाये जाने के साथ ही मृतक का चाचा बलिस्टर यादव फफक पड़ा.

पुलिस ने जांच के बाद हत्या 
में सौंपी चार्जशीट

जांच के बाद चार अगस्त, 2021 को सूचक भिखारी यादव द्वारा दी गयी तहरीर के आधार पर बलिस्टर यादव के विरुद्ध आरोप पत्र समर्पित किया गया. कोर्ट द्वारा 25 जुलाई, 2022 को अभियुक्त के विरुद्ध आरोप का गठन किया गया था. बाद में बचाव पक्ष की ओर से दिये गये साक्ष्य व गवाहों के बयान के बाद कोर्ट ने उसे दोषी पाया.

टेंपो खड़ा करने पर चाकू मारकर की थी हत्या

चार अगस्त, 2021 की शाम करीब 6:30 बजे नागेंद्र कुमार ने अपना टेंपो अपने दरवाजे के सामने खड़ा किया था. वहीं पर बलिस्टर यादव भी अपना टेंपो खड़ा करने लगा. इसी बात पर सूचक का लड़का बोला कि चाचा दरवाजे के सामने टेंपो खड़ा कीजियेगा तो हमलोग कैसे बाहर निकलेंगे. इसी बात पर बलिस्टर यादव ने अपने हाथ में लिये चाकू से नागेंद्र के सीने में मार दिया. सदर अस्पताल के डॉक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया.

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