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मांझा में कड़ाके की ठंड में अलाव की व्यवस्था नहीं, लोग बेहाल

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मांझा में कड़ाके की ठंड में अलाव की व्यवस्था नहीं, लोग बेहाल
सांकेतिक तस्वीर

मांझा. प्रखंड क्षेत्र में लगातार बढ़ रही ठंड ने आम जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है. पछुआ हवा के तेज बहाव के कारण कनकनी में लगातार इजाफा हो रहा है, जिससे लोगों का घर से बाहर निकलना मुश्किल हो गया है. सुबह और शाम के समय ठंड का असर सबसे अधिक देखा जा रहा है. हालात यह है कि लोग मजबूरी में ही घरों से बाहर निकल रहे हैं और ठंड से बचाव के लिए जगह-जगह अलाव जलाकर समय गुजारने को विवश हैं. बढ़ती ठंड का असर प्रखंड के बाजारों पर भी साफ नजर आ रहा है. मांझा नया बाजार, कोइनी बाजार, धर्मपरसा सहित अन्य बाजारों में जहां आम दिनों में दिन भर चहल-पहल रहती थी, वहां अब सन्नाटा पसरा हुआ है. स्थानीय लोगों का कहना है कि पछुआ हवा के कारण ठंड असहनीय हो गयी है. इसका सबसे ज्यादा असर बुजुर्गों, बच्चों और असहाय लोगों पर पड़ रहा है. गरीब तबके के लोग ठंड से बचने के लिए खुद ही जलावन की व्यवस्था करने को मजबूर हैं. कई स्थानों पर लकड़ी, कचरा और कुट जलाकर लोग अलाव तापते नजर आ रहे हैं, जिससे आग लगने और दुर्घटना की आशंका बनी रहती है. बावजूद इसके, स्थानीय प्रशासन की ओर से अब तक सार्वजनिक स्थानों, चौक-चौराहों, बस स्टैंड या बाजार क्षेत्रों में अलाव की कोई व्यवस्था नहीं की गयी है. इससे राहगीरों, मजदूरों, रिक्शा चालकों और दुकानदारों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. लोगों ने प्रशासन से जल्द सार्वजनिक स्थानों पर अलाव और ठंड से बचाव की व्यवस्था कराने की मांग की है.

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