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सेवानिवृत्त होने के बाद भी समाज के लिए मार्गदर्शक बने रहते हैं शिक्षक

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सेवानिवृत्त होने के बाद भी समाज के लिए मार्गदर्शक बने रहते हैं शिक्षक

पंचदेवरी. प्रखंड के जमुनहां बाजार स्थित सहायता प्राप्त मध्य विद्यालय परिसर में बुधवार को सेवानिवृत्त शिक्षकों के लिए विदाई सह सम्मान समारोह का आयोजन किया गया. कार्यक्रम में शिक्षकों व छात्र-छात्राओं ने इस विद्यालय से पूर्व में सेवानिवृत्त हो चुके शिक्षक राघव मिश्र, नरेंद्र मिश्र, विजय तिवारी, शंकर पांडेय व पुरुषोत्तम तिवारी के शिक्षा के क्षेत्र में दिये गये उल्लेखनीय योगदान को याद किया तथा अंगवस्त्र व उपहार देकर सभी गुरुजनों को सम्मानित किया. कार्यक्रम के मुख्य अतिथि बीडीओ आयुष राज आलोक ने कहा कि सेवानिवृत्त होने के बाद भी गुरुजनों का दायित्व कम नहीं होता. वे हमेशा समाज के लिए मार्गदर्शक बने रहते हैं. गुरु का सान्निध्य हर व्यक्ति के लिए जरूरी है. गुरु के बिना ज्ञान की प्राप्ति नहीं हो सकती. बीइओ जानकी कुमारी ने कहा कि शिक्षक ही हमें समाज में रहने योग्य बनाता है. इसलिए उसे समाज का शिल्पकार कहा गया है. ओजस्वी वक्ता जितेंद्र द्विवेदी ने कहा कि आज समारोह में जिन सेवानिवृत्त शिक्षकों को सम्मानित किया जा रहा है, उनलोगों ने पूरी तन्मयता व समर्पण के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन किया है. शिक्षा के क्षेत्र में इनके योगदान को कभी भुलाया नहीं जा सकता. प्रख्यात कवि संजय मिश्र ””संजय”” ने अपने गीतों के माध्यम से गुरुजनों की महिमा का बखान किया. कार्यक्रम के आयोजक प्रधानाध्यापक संजय तिवारी, शिक्षक केशव तिवारी, रामानंद पांडेय, डॉ दुर्गाचरण पांडेय आदि ने भी गुरुजनों के व्यक्तित्व व कृतित्व की सराहना की तथा उन्हें सम्मानित किया. कार्यक्रम की अध्यक्षता सेवानिवृत्त शिक्षक नंदकिशोर तिवारी ने की. संचालन जमुनहां हाइस्कूल के पूर्व प्रधानाध्यापक सुरेंद्र पाठक ने किया. मौके पर अविनाश मिश्रा, अभय सिंह, हरिशंकर राय, अश्विनी कुमार, राजू चौधरी, जनार्दन ओझा, अजीत तिवारी, संजय तिवारी, विनय पांडेय, संजीव कुमार, पूर्व मुखिया शंभूनाथ पांडेय, अरविंद पांडेय सहित काफी संख्या में शिक्षक व सम्मानित लोग मौजूद थे.

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