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Home बिहार गोपालगंज नारायणी महोत्सव में स्थानीय से लेकर अंतरराष्ट्रीय कलाकारों को शामिल करने की मांग

नारायणी महोत्सव में स्थानीय से लेकर अंतरराष्ट्रीय कलाकारों को शामिल करने की मांग

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नारायणी महोत्सव में स्थानीय से लेकर अंतरराष्ट्रीय कलाकारों को शामिल करने की मांग

गोपालगंज. नारायणी नदी के तट पर जिले के डुमरिया घाट पर प्रत्येक वर्ष आयोजित होने वाला नारायणी महोत्सव इस बार और भी भव्य रूप से मनाये जाने की के लिए विधायक मिथिलेश तिवारी कला संस्कृति विभाग के मंत्री अरुण शंकर प्रसाद से मिले. विधायक ने स्थानीय कलाकारों के साथ-साथ राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय कलाकारों की सहभागिता के साथ महोत्सव के आयोजन की मांग की. इस महोत्सव का आयोजन डुमरिया घाट पर स्थित नारायणी नदी के तटबंध पर होता है, जो धार्मिक और ऐतिहासिक दृष्टि से अत्यधिक महत्वपूर्ण है. यह घाट गंडक नदी के तट पर स्थित है, जहां राम घाट और सीता घाट का निर्माण भारत सरकार ने नमामि गंगे योजना के तहत किया है. यहां प्रतिमाह नारायणी महाआरती का आयोजन किया जाता है, जिसमें लाखों श्रद्धालु भाग लेते हैं. इन घाटों से सारण और चंपारण प्रमंडल के लाखों लोगों की आस्था जुड़ी हुई है. इतिहास में इस नदी के तट पर गज-ग्राह्य की लड़ाई भी लड़ी गयी थी, जो हजारों वर्षों तक चली थी और हरिहरनाथ सोनपुर में समाप्त हुई. भगवान विष्णु और प्रभु श्रीराम ने इस नदी को वरण किया था. इस नदी में पाये जाने वाले शालीग्राम पत्थर को भी भगवान विष्णु के रूप में पूजनीय माना जाता है. इस महोत्सव का आयोजन न केवल धार्मिक दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण है, बल्कि यह क्षेत्रीय संस्कृति और कला को भी बढ़ावा देता है. स्थानीय निवासियों ने इस वर्ष महोत्सव के आयोजन के लिए निर्धारित राशि में बढ़ोतरी करने की अपील की है, ताकि इसे दो दिवसीय महोत्सव के रूप में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय कलाकारों की सहभागिता से मनाया जा सके. मंत्री ने इसकी मंजूरी के लिए भरोसा दिया है.

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