Baba Bhutnath Inter College Gopalganj: (विकास दुबे) गोपालगंज जिले के फुलवरिया प्रखंड स्थित बथुआ बाजार के बाबा भूतनाथ इंटर कॉलेज में प्राचार्य पद को लेकर लंबे समय से चल रहे विवाद के बीच बड़ा खुलासा हुआ है. जिला शिक्षा विभाग की जांच रिपोर्ट में सामने आया है कि अध्यक्ष पद का विधिवत अनुमोदन मिलने से पहले ही नीरा देवी ने स्वयं को अध्यक्ष मानते हुए प्रभारी प्राचार्य को सेवा विस्तार दे दिया. जांच में इस कार्रवाई को नियमानुकूल नहीं माना गया है. इसके बाद बिहार विद्यालय परीक्षा समिति (BSEB) ने मामले में हस्तक्षेप करते हुए नई शासी निकाय के गठन का आदेश जारी किया है.
अध्यक्ष बनने से पहले ही दे दिया सेवा विस्तार
बिहार विद्यालय परीक्षा समिति द्वारा 22 जून 2026 को जारी आदेश के अनुसार महाविद्यालय की ओर से उपलब्ध कराए गए प्रतिवेदन, 12 जून को आयोजित बैठक के निर्णय तथा जिला शिक्षा पदाधिकारी (DEO) से प्राप्त जांच रिपोर्ट के आधार पर नई शासी निकाय के गठन की प्रक्रिया पूरी करने का निर्देश दिया गया है.
समिति ने स्पष्ट किया है कि कॉलेज परिसर में बैठक आयोजित कर विनियमावली के अनुरूप शासी निकाय का गठन किया जाए. बैठक की कम से कम 10 मिनट की वीडियोग्राफी, कार्यवाही की सत्यापित प्रति, सदस्यों के हस्ताक्षरयुक्त दस्तावेज, शपथ-पत्र तथा फोटोयुक्त सूची बिहार विद्यालय परीक्षा समिति को भेजना अनिवार्य होगा.
हालांकि, इससे पहले ही फरवरी 2026 में नीरा देवी ने स्वयं को अध्यक्ष घोषित करते हुए सेवानिवृत्त होने वाले प्रभारी प्राचार्य वशिष्ठ मिश्रा को सेवा विस्तार प्रदान कर दिया था, जबकि उस समय तक उन्हें बोर्ड से अध्यक्ष के रूप में औपचारिक मान्यता प्राप्त नहीं हुई थी.
जांच रिपोर्ट में सामने आया नियमों का उल्लंघन
जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (माध्यमिक शिक्षा) प्रवीण कुमार प्रभात द्वारा प्रस्तुत जांच रिपोर्ट में कहा गया है कि जिला अपीलीय प्राधिकार के आदेश के बाद भी बिहार विद्यालय परीक्षा समिति से औपचारिक अनुमोदन प्राप्त किए बिना ही नीरा देवी ने स्वयं को अध्यक्ष मानते हुए प्रबंध समिति का गठन कर लिया.
रिपोर्ट के अनुसार, फरवरी 2026 में सेवानिवृत्त हो चुके प्रभारी प्राचार्य वशिष्ठ मिश्रा को सेवा विस्तार भी दे दिया गया, जबकि उस समय तक उन्हें अध्यक्ष के रूप में न तो नामित किया गया था और न ही बिहार विद्यालय परीक्षा समिति से अनुमोदन मिला था. जांच में इस पूरी प्रक्रिया को नियमों के विरुद्ध बताया गया है.
2023 से चल रहा है प्राचार्य पद का विवाद
शिक्षा विभाग की जांच रिपोर्ट के अनुसार वर्ष 2021 में श्याम मिश्रा को दानदाता अध्यक्ष घोषित किया गया था और उनके नेतृत्व में शासी निकाय का गठन हुआ था.
वर्ष 2023 में तत्कालीन प्राचार्य के सेवानिवृत्त होने के बाद प्रभारी प्राचार्य के पद को लेकर वशिष्ठ मिश्रा और रविरंजन कुमार के बीच विवाद शुरू हुआ. मामला जिला अपीलीय प्राधिकार तक पहुंचा, जहां अलग-अलग आदेश पारित किए गए. इसके बाद दोनों पक्ष पटना हाईकोर्ट पहुंचे. वर्तमान में इस विवाद से संबंधित कई मामले उच्च न्यायालय में लंबित हैं.
अब BSEB ने दिया वैधानिक अधिकार
सभी तथ्यों की समीक्षा के बाद बिहार विद्यालय परीक्षा समिति ने 22 जून 2026 को जारी आदेश में नीरा देवी को दूसरे कार्यकाल के लिए शासी निकाय एवं प्रबंध समिति के गठन हेतु अध्यक्ष नामित कर दिया है.
समिति ने स्पष्ट किया है कि नई शासी निकाय का गठन बिहार विद्यालय परीक्षा समिति की संबद्धता विनियमावली-2011 (संशोधित-2013) के अनुरूप ही किया जाएगा. पूरी प्रक्रिया पूरी होने और आवश्यक दस्तावेज समिति को उपलब्ध कराने के बाद ही शासी निकाय के निबंधन की आगे की कार्रवाई होगी.
शिक्षा विभाग के अधिकारियों का मानना है कि बिहार विद्यालय परीक्षा समिति के इस निर्णय से वर्षों से चले आ रहे प्रशासनिक एवं प्राचार्य पद से जुड़े विवाद के समाधान की दिशा में रास्ता साफ हो सकता है.
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