पहली बारिश नहीं झेल पाया 37 करोड़ का गोपालगंज सदर अस्पताल, मुख्य पोर्च गिरा

Gopalganj Sadar Hospital News: गोपालगंज में 37 करोड़ रुपये की लागत से बने मॉडल सदर अस्पताल में मानसून की पहली बारिश के दौरान मुख्य पोर्च का हिस्सा गिर गया. घटना के बाद निर्माण गुणवत्ता पर सवाल उठे हैं. सिविल सर्जन ने जांच के आदेश दिए हैं.

By Vivek Pandey | June 30, 2026 12:24 PM

Gopalganj Sadar Hospital News: (मनीष राज) गोपालगंज में मानसून की पहली ही बारिश ने 37 करोड़ रुपये की लागत से बने मॉडल सदर अस्पताल की निर्माण गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. मंगलवार सुबह हुई बारिश के दौरान अस्पताल के मुख्य पोर्च का एक हिस्सा अचानक टूटकर गिर गया. घटना के समय अस्पताल परिसर में मरीज और उनके परिजन मौजूद थे, जिससे कुछ देर के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया. हालांकि राहत की बात यह रही कि इस घटना में कोई हताहत नहीं हुआ.

बारिश में सामने आई निर्माण की खामियां

घटना के बाद अस्पताल परिसर में मौजूद लोगों ने निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर सवाल उठाए. स्थानीय लोगों और मरीजों का कहना है कि अस्पताल भवन के निर्माण के बाद से ही कई तकनीकी और संरचनात्मक खामियां लगातार सामने आती रही हैं.

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लिफ्ट, फायर सेफ्टी और बिजली व्यवस्था पर भी सवाल

अस्पताल आने वाले लोगों का कहना है कि कई लिफ्ट लंबे समय से खराब पड़ी हैं, जिससे मरीजों और उनके परिजनों को काफी परेशानी होती है. इसके अलावा फायर सेफ्टी सिस्टम को लेकर भी पहले से सवाल उठते रहे हैं.

बारिश के दौरान अस्पताल के कई वार्डों में बिजली के बोर्ड और वायरिंग के पास पानी टपकने की शिकायत भी सामने आई है. इससे करंट लगने जैसी दुर्घटनाओं का खतरा बना रहता है.

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लोगों ने निर्माण गुणवत्ता की जांच की उठाई मांग

मुख्य पोर्च का हिस्सा गिरने के बाद लोगों ने निर्माण कार्य की गुणवत्ता की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है. उनका कहना है कि करोड़ों रुपये खर्च होने के बावजूद यदि पहली बारिश में ही भवन का हिस्सा टूटने लगे तो इसकी जवाबदेही तय होनी चाहिए.

सिविल सर्जन बोले- होगी जांच, दोषियों पर होगी कार्रवाई

सिविल सर्जन डॉ. वीरेंद्र प्रसाद ने कहा कि पूरे मामले की जांच कराई जाएगी. यदि जांच में किसी प्रकार की लापरवाही या निर्माण संबंधी गड़बड़ी सामने आती है तो दोषियों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी. उन्होंने यह भी कहा कि अस्पताल में मौजूद अन्य कमियों को भी जल्द दूर करने का प्रयास किया जाएगा, ताकि मरीजों को किसी तरह की असुविधा का सामना न करना पड़े.

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