[tdb_header_weather inline="yes" temp_color="#000000" loc_color="#000000" api="653566bd56b7ecfee45d74c0fc937fc1" float_right="yes" align_horiz="content-horiz-center" icon_size="24" icon_space="10" f_temp_font_family="420" f_temp_font_size="14" f_temp_font_weight="500" f_unit_font_size="14" f_loc_font_size="14" f_unit_font_family="882" location="Ranchi" icon_color="#000000"]
[tdb_header_categories align_horiz="content-horiz-left" el_align_horiz="content-horiz-left" tdc_css="eyJhbGwiOnsibWFyZ2luLXJpZ2h0IjoiNSIsImhlaWdodCI6IjQwIiwiZGlzcGxheSI6IiJ9fQ==" icon_size="18" limit="18" elem_text_color="#2d2800" f_elem_font_family="420" f_elem_font_size="16px" f_elem_font_weight="500" tdicon="tdc-font-fa tdc-font-fa-navicon-reorder-bars" inline="yes" shadow_shadow_size="0" shadow_shadow_offset_vertical="0" shadow_shadow_spread="0" bg_color="#f9f9f9" include="1028, 1081, 1446, 1228, 3706, 2624,1071"][tdb_mobile_horiz_menu inline="yes" menu_id="372" tdc_css="eyJwaG9uZSI6eyJkaXNwbGF5IjoiIn0sInBob25lX21heF93aWR0aCI6NzY3LCJhbGwiOnsiYm9yZGVyLXN0eWxlIjoibm9uZSIsImRpc3BsYXkiOiIifX0=" f_elem_font_size="18px" f_elem_font_weight="eyJhbGwiOiI3MDAiLCJwaG9uZSI6IiJ9" f_elem_font_family="420" text_color_h="#f58220" main_sub_icon_size="13"]
Home बिहार गया भगवान सूर्य से व्रतियों ने मांगी सुख-समृद्धि

भगवान सूर्य से व्रतियों ने मांगी सुख-समृद्धि

0
भगवान सूर्य से व्रतियों ने मांगी सुख-समृद्धि

भगवान सूर्य से व्रतियों ने मांगी सुख-समृद्धि त्योहार…..पारंपरिक छठ गीतों के साथ की उगते भगवान सूर्य की पूजन व अर्घ दान उगते भगवान सूर्य को अर्घ दान के साथ आस्था का महापर्व चैती छठ संपन्न अधिकतर छठ घाटों पर श्रद्धालुओं की उमड़ी भीड़ फ़ोटो- गया-संजीव संवाददाता, गया सूर्योपासना का महापर्व चार दिवसीय चैती छठ पूजा सोमवार को शहर समेत पूरे जिले में उगते भगवान सूर्य की पूजा व अर्घ दान के साथ संपन्न हुई. इस चार दिवसीय अनुष्ठान के आखिरी दिन सूर्योदय के पहले से ही छठव्रतियों व श्रद्धालुओं के घाटों पर आने का सिलसिला जो शुरू हुआ, वह सुबह करीब 10 बजे तक जारी रहा. फल्गु नदी के राय विंदेश्वरी घाट, सीढ़ियां घाट, महादेव घाट, पितामहेश्वर घाट, ब्राह्मणी घाट, देवघाट, झारखंडेश्वर घाट, केंदुई घाट, दिनकर घाट, सूर्यकुंड, रुक्मिणी तालाब, सिंगरा स्थान डैम समेत शहर के सभी छठ घाटों व तालाबों पर छठव्रतियों और श्रद्धालुओं की भीड़ जुटी. इन छठ घाटों पर पहुंचकर छठ व्रतियों ने पारंपरिक छठ गीतों के साथ उगते भगवान सूर्य की पूजा की और अर्घ दान किया. इसके बाद ब्राह्मण के निर्देशन में छठ व्रती धूप व अन्य पूजन सामग्री से भी भगवान सूर्य व अन्य देवी-देवताओं की पूजा-अर्चना की. अनुष्ठान पूरा होने के बाद छठ व्रतियों ने जल व शरबत ग्रहण कर अपना 36 घंटे का उपवास तोड़ा. चार दिवसीय छठ पूजा के आखिरी दिन भी छठ घाट गीतों से सुबह से लेकर दोपहर बाद तक गुंजायमान रहा. छठ के लिए महिला श्रद्धालु छठी मइया से जुड़े गीतों को गाती घरों से निकलकर छठ घाट पहुंची. भगवान सूर्य के उदय होने के साथ ही छठ व्रतियों ने पूजन, जल तर्पण व अर्घ दान कर अपना अनुष्ठान पूरा किया. इसके बाद छठ घाटों पर मौजूद परिजनों, सगे-संबंधियों व आम श्रद्धालुओं के बीच प्रसाद का वितरण किया. इसके साथ ही चार दिवसीय सूर्योपासना का महापर्व संपन्न हो गया. पकवानों का भी लिया स्वाद छठ पूजा संपन्न होने के बाद घर वापस जाने के क्रम में अधिकतर छठ व्रती व उनके परिजन छठ घाटों पर लगे अस्थायी चाट-पकौड़े व अन्य पकवानों के स्टॉल पर व्यंजनों का स्वाद भी चखा. पिता महेश्वर समेत कई अन्य छठ घाटों पर रुक-रुक कर आतिशबाजी भी होती रही. खिलौने व बैलून के लगे स्टॉल से अपने अभिभावकों से जिद कर बच्चों ने सामानों की खरीदारी भी की. जानकारी हो कि चार दिवसीय छठ पूजा का यह अनुष्ठान 12 अप्रैल को नहाय-खाय के साथ शुरू हुआ था. सुरक्षा की रही समुचित व्यवस्था छठ घाटों व शहर में छठ पूजा पर हर स्थिति से निबटने के लिए जिला व पुलिस प्रशासन तत्पर दिखा. फल्गु नदी के सभी घाटों व प्रशासनिक स्तर पर चिह्नित सभी छठ तालाबों के साथ-साथ शहर के प्रमुख पथों पर पर्याप्त संख्या में पुलिस जवानों की तैनाती रही. वहीं यातायात व्यवस्था की बेहतरी के लिए सभी प्रमुख छठ घाटों पर बड़े वाहनों के प्रवेश पर रोक लगी थी. इधर, छठ व्रतियों के स्वागत के लिए शहर में मुहल्ले स्तर पर सड़कों की साफ-सफाई कर उस पर आकर्षक रंगोली भी बनायी गयी थी. साथ ही समुचित रोशनी के लिए बड़े-बड़े हैलोजन भी लगाये गये थे.

ऐप पर पढें
होम आप का शहर
News Snap News Reel