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Home बिहार गया ज्यादातर मरीज व परिजन बोतल बंद पानी पर निर्भर

ज्यादातर मरीज व परिजन बोतल बंद पानी पर निर्भर

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ज्यादातर मरीज व परिजन बोतल बंद पानी पर निर्भर

एएनएमएमसीएच में और आ सकती है दिक्कत

फोटो- गया- 01- इएनटी ओपीडी के पास पीने के लिए अपनी बारी का इंतजार करते हुए लोग

फोटो- गया- 02- एआरटी के पास बंद पड़ा वाटर कूलर

फोटो- गया- 03- 04- बेड के पास रखा गया बोतल बंद पानी

फोटो- गया- 05- इमरजेंसी के गलियारे में दिखावा के लिए लगाया गया वाटर प्यूरिफायर

वरीय संवाददाता, गया

गर्मी की शुरुआत में ही एएनएमएमसीएच में पानी को लेकर हालत खराब होने लगा है, तो प्रभावती व जेपीएन हॉस्पिटल में फिलहाल काम चल रहा है. लेकिन, आगे होने वाली दिक्कत की आशंका से अस्पताल प्रशासन काफी चिंतित है. सबसे अधिक भर्ती व ओपीडी में मरीज एएनएमएमसीएच में रहते हैं. यहां के एक चौथाई हिस्सा से भी कम दोनों अस्पतालों मरीजों की संख्या रहती है. इस कारण पानी की खपत भी कम रहता है. एएनएमएमसीएच में हर दिन मरीजों व परिजनों की संख्या देखें, तो तीन हजार से अधिक ही होती है. यहां पर ज्यादातर मरीज व परिजन बोतल बंद पानी से ही काम चलाते हैं. बेड के पास कई बोतल बंद पानी रखा हुआ हर किसी के पास मिल जायेगा. अस्पताल का इतना बड़ा रकबा होने के बाद भी इएनटी ओपीडी, पैथोलॉजी, इमरजेंसी के बाहर, दवा काउंटर के बगल में सिर्फ पानी पीने के लिए वाटर कूलर या टंकी सं पाइप लाकर नल लगाया गया है. अस्पताल में सबसे अधिक मरीज मेडिसिन व सर्जरी वार्ड एक ही बिल्डिंग में रहते हैं. यहां पर पीने के लिए किसी तरह की व्यवस्था नहीं की गयी है. नीचे में एआरटी सेंटर के बगल में एक वाटर कूलर लगाया गया था. लेकिन, गर्मी शुरु होती ही यहां का वाटर कूलर खराब क्या उसका नल भी गायब हो गया है. यहां तैनात नर्सों ने बताया कि यहां पर मरीज को पानी की व्यवस्था नहीं की गयी है. पानी कही नहीं मिलने पर बाथरूम के पानी का यूज यहां लोग करते हैं. एआरटी के पास वाटर कूलर खराब होने के बाद स्थिति और बदतर हो गयी है. हर कोई यहां ऐसा मरीज नहीं होता कि बंद बोतल खरीद कर पानी पीएं.

अस्पतालों में बोरिंग की स्थिति

अस्पताल का नाम- बोरिंग की संख्या- कम दे रहा पानी- खराब

एएनएमएमसीएच- 14- 08- 01

प्रभावती अस्पताल- 07- 02- 01

जेपीएन हॉस्पिटल- 05- 01- 00

सप्लाइ पानी नहीं मिलता

गंगाजल पानी सप्लाइ के लिए मगध मेडिकल में पाइप बिछाया गया. लेकिन, बाद में पानी ही अस्पताल तक नहीं पहुंच सका. यह सप्लाइ पानी अगर यहां पहुंच जाता, तो बहुत हद तक समस्या दूर हो जाती. प्रभावती व जेपीएन में सप्लाइ का पाइप पुराना होने के चलते बंद हो गया है.

क्या कहते हैं जिम्मेदार

जेपीएन हॉस्पिटल के प्रबंधक संजय अंबष्ट ने बताया कि यहां पर इस बार बोरिंग फेल होने की आशंका जताई जा रही है. अब तक दिक्कत नहीं आ रही है. ऐसे सप्लाइ वाटर का पाइप पुराना होने के चलते पानी आना बंद हो गया है. प्रभावती अस्पताल के प्रबंधक विमलेश कुमार ने बताया कि अस्पताल में अब तक बोरिंग से काम चल जा रहा है. भीषण गर्मी में कुछ भी समस्या आ सकती है. इधर, एएनएमएमसीएच के उपाधीक्षक डॉ एनके पासवान ने बताया कि अस्पताल में समस्या किसी तरह की नहीं हो इसके लिए प्रयास किए जा रहे हैं. सभी बोरिंग को ढंग से जांच कर उसे ठीक रखने के लिए कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया है. ऐसे खराब वाटर कूलर को जल्द बनवा लिया जायेगा.

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