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Home बिहार गया Gaya News: ANMMCH में अब सिर्फ सीनियर डॉक्टर ही कर सकेंगे मरीजों को रेफर, बिना पूरी प्रक्रिया के मरीज नहीं भेजे जायेंगे दूसरे सेंटर

Gaya News: ANMMCH में अब सिर्फ सीनियर डॉक्टर ही कर सकेंगे मरीजों को रेफर, बिना पूरी प्रक्रिया के मरीज नहीं भेजे जायेंगे दूसरे सेंटर

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Gaya News: ANMMCH में अब सिर्फ सीनियर डॉक्टर ही कर सकेंगे मरीजों को रेफर, बिना पूरी प्रक्रिया के मरीज नहीं भेजे जायेंगे दूसरे सेंटर
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Gaya News: ANMMCH के अधीक्षक डॉ केके सिन्हा ने सभी विभागाध्यक्षों और संबंधित अधिकारियों को सख्त निर्देश देते हुए कहा कि रेफरल पॉलिसी का पालन हर हाल में अनिवार्य है. अब किसी भी मरीज को रेफर करते समय पूरा विवरण रेफरल फार्म में दर्ज करना अनिवार्य होगा. बैठक में यह स्पष्ट किया गया कि अब मरीजों को रेफर करने का अधिकार सिर्फ सीनियर रेजिडेंट स्तर के डॉक्टरों या उनसे ऊपर के चिकित्सकों को होगा.

जूनियर डॉक्टर या पीजी छात्रों द्वारा मरीजों को रेफर करने पर प्रतिबंध लगाया गया है. अभी तक आमतौर पर मरीजों को सिर्फ पर्ची पर ही रेफर कर दिया जाता था, लेकिन अब यह प्रक्रिया रेफरल फाॅर्म के माध्यम से पारदर्शिता और जवाबदेही के साथ होगी.

रेफर फाॅर्म में भरनी होंगी ये जानकारियां

डॉ. सिन्हा ने बताया कि मरीज को रेफर करते समय फाॅर्म में कई जानकारियों को भरना अनिवार्य है, जैसे- मरीज को अब तक कौन-कौन सी दवाएं दी गयीं, रेफर करने का स्पष्ट कारण, संबंधित विभाग में उस बीमारी के इलाज की सुविधा है या नहीं, मरीज को उच्च केंद्र भेजना क्यों जरूरी है. यह सब विवरण इसलिए जरूरी है ताकि हायर सेंटर पर मरीज के इलाज में कोई बाधा न आये और डॉक्टर को मरीज के मेडिकल इतिहास की पूरी जानकारी पहले से उपलब्ध हो.

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इमरजेंसी वार्ड की जिम्मेदारी उपाधीक्षक पर

अधीक्षक ने यह भी स्पष्ट किया कि इमरजेंसी विभाग की निगरानी और संचालन की पूरी जिम्मेदारी उपाधीक्षक पर होगी. रेफरल से जुड़ी किसी भी लापरवाही को बर्दाश्त नहीं किया जायेगा.

बैठक में उपाधीक्षक डॉ विपुल कुमार, सर्जरी विभागाध्यक्ष डॉ. एके झा सुमन, स्किन विभागाध्यक्ष डॉ पीपी प्रभाकर, मनोरोग विभागाध्यक्ष डॉ अभय कुमार, नेत्र विभागाध्यक्ष डॉ जावेद इकबाल, नोडल अधिकारी डॉ उपेंद्र कुमार, इमरजेंसी इंचार्ज डॉ मनीष सिंह, अस्पताल प्रबंधक नीरज कुमार सिंह, संतोष कुमार सहित अन्य पदाधिकारी उपस्थित थे.

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परितोष शाही पिछले 4 वर्षों से डिजिटल मीडिया और पत्रकारिता में सक्रिय हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका से की और वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल की बिहार टीम का हिस्सा हैं. राजनीति, सिनेमा और खेल, विशेषकर क्रिकेट में उनकी गहरी रुचि है. जटिल खबरों को सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाना और बदलते न्यूज माहौल में तेजी से काम करना उनकी विशेषता है. परितोष शाही ने पत्रकारिता की पढ़ाई बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (BHU) से की. पढ़ाई के दौरान ही पत्रकारिता की बारीकियों को समझना शुरू कर दिया था. खबरों को देखने, समझने और लोगों तक सही तरीके से पहुंचाने की सोच ने शुरुआत से ही इस क्षेत्र की ओर आकर्षित किया. पत्रकारिता में करियर की पहली बड़ी शुरुआत बिहार विधानसभा चुनाव 2020 के दौरान हुई, जब उन्होंने जन की बात के साथ इंटर्नशिप की. इस दौरान बिहार के 26 जिलों में जाकर सर्वे किया. यह अनुभव काफी खास रहा, क्योंकि यहां जमीनी स्तर पर राजनीति, जनता के मुद्दों और चुनावी माहौल को बहुत करीब से समझा. इसी अनुभव ने राजनीतिक समझ को और मजबूत बनाया. इसके बाद राजस्थान पत्रिका में 3 महीने की इंटर्नशिप की. यहां खबर लिखने की असली दुनिया को करीब से जाना. महज एक महीने के अंदर ही रियल टाइम न्यूज लिखने लगे. इस दौरान सीखा कि तेजी के साथ-साथ खबर की सटीकता कितनी जरूरी होती है. राजस्थान पत्रिका ने उनके अंदर एक मजबूत डिजिटल पत्रकार की नींव रखी. पत्रकारिता के सफर में आगे बढ़ते हुए पटना के जनता जंक्शन न्यूज पोर्टल में वीडियो प्रोड्यूसर के रूप में भी काम किया. यहां कैमरे के सामने बोलना, प्रेजेंटेशन देना और वीडियो कंटेंट की बारीकियां सीखीं. करीब 6 महीने के इस अनुभव ने कैमरा फ्रेंडली बनाया और ऑन-स्क्रीन प्रेजेंस को मजबूत किया. 1 अप्रैल 2023 को राजस्थान पत्रिका को प्रोफेशनल तौर पर ज्वाइन किया. यहां 17 महीने में कई बड़े चुनावी कवरेज में अहम भूमिका निभाई. लोकसभा चुनाव 2024 में नेशनल टीम के साथ जिम्मेदारी संभालने का मौका मिला. इसके अलावा मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव के दौरान भी स्टेट टीम के साथ मिलकर काम किया. इस दौरान चुनावी रणनीति, राजनीतिक घटनाक्रम और बड़े मुद्दों पर काम करने का व्यापक अनुभव मिला. फिलहाल परितोष शाही प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम के साथ जुड़े हुए हैं. यहां बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान कई बड़ी खबरों को रियल टाइम में ब्रेक किया, ग्राउंड से जुड़े मुद्दों पर खबरें लिखीं और वीडियो भी बनाए. बिहार चुनाव के दौरान कई जिलों में गांव- गांव घूम कर लोगों की समस्या को जाना-समझा और उनके मुद्दे को जन प्रतिनिधियों तक पहुंचाया. उनकी कोशिश हमेशा यही रहती है कि पाठकों और दर्शकों तक सबसे पहले, सही और असरदार खबर पहुंचे. पत्रकारिता में लक्ष्य लगातार सीखते रहना, खुद को बेहतर बनाना और भरोसेमंद पत्रकार के रूप में अपनी पहचान मजबूत करना है.
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