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स्वस्थ रहकर बनाएं अपने बुढ़ापे को बेहतर

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स्वस्थ रहकर बनाएं अपने बुढ़ापे को बेहतर

गया न्यूज : अंतरराष्ट्रीय वृद्ध दिवस पर शहर में निकाली गयी जागरूकता रैली

गया.

उम्र को बढ़ने से रोका नहीं जा सकता है. लेकिन, बढ़ती उम्र के साथ स्वस्थ रहकर बुढ़ापा को बेहतर बनाया जा सकता है. उम्र ढ़लने के साथ शारीरिक समस्याओं के साथ मानसिक चिताएं भी बढ़ती हैं. रोजाना सक्रिय रहकर शारीरिक और मानसिक कमजोरियों से निजात पा सकते हैं. देश में सात से आठ प्रतिशत आबादी बुढ़े लोगों की हैं. भारत में मानव जीवनकाल सत्तर से 74 साल है. शहरी क्षेत्र में जीवनकाल 70 साल व ग्रामीण क्षेत्र में जीवनकाल 74 साल है. वृद्धावस्था की शुरुआत 60 से शुरू हो जाती है. इस 10 से 12 साल स्वस्थ रहें. उक्त बातें अंतरराष्ट्रीय वृद्ध दिवस के मौके पर शहर के जेपीएन अस्पताल परिसर में गैर संचारी रोग विभाग की ओर से निकाली गयी रैली के दौरान गैर संचारी रोग पदाधिकारी डॉ एमइ हक ने सोमवार को कहीं. उन्होंने कहा कि वृद्धावस्था में सबसे अधिक अस्सी प्रतिशत बीमारी आंखों से जुड़ी होती है. इसमें मोतियाबिंद तथा काला मोतियाबिंद शामिल हैं. कान, ह्रदयरोग, भूलने की समस्या, गठिया की परेशानी, पेशाब आदि से जुड़ी समस्या होती है. इन समस्याओं से बचाव के लिए सक्रिय जीवनशैली अपनाना बेहद जरूरी है. डॉ हक ने कहा कि अधिक वजन होना काफी परेशानी का सबब है. खान-पान में तेल मसाले आदि का उपयोग कम करना तथा हेल्दी फूड लेना जरूरी है. रक्तचाप तथा ब्लड शुगर आदि की नियमित जांच करानी जरूरी है. प्रत्येक दिन कम-से-कम 40 मिनट तक व्यायाम जरूर करें. ऐसा कर ओल्ड एज लाइफ को बेहतर बना सकते हैं. स्वास्थ्य विभाग की ओर से अंतरराष्ट्रीय वृद्ध दिवस पर वरिष्ठ नागरिकों के लिए विशेष स्वास्थ्य जांच शिविर लगाया गया है. सभी सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों पर सात अक्तूबर तक वृद्ध अपने स्वास्थ्य की जांच करा सकते हैं. वृद्ध लोगों के लिए नि:शुल्क मधुमेह, उच्च रक्तचाप, ह्रदय रोग, सांस संबंधी परेशानी, गठिया, दंत और नेत्र, नाक, कान और गला आदि से संबंधित समस्याओं की जांच करा चिकित्सीय परामर्श भी दिया जा रहा है.

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