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विकासात्मक समस्याओं से ग्रसित बच्चों की पहचान व उपचार जरूरी

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विकासात्मक समस्याओं से ग्रसित बच्चों की पहचान व उपचार जरूरी

गया. माइंडफुल माइंड द्वारा रविवार को स्वास्थ्य-सावन महोत्सव का आयोजन किया गया. इसमें मुख्य अतिथि व एक्सपर्ट के तौर पर सीयूएसबी के मानविकी संकाय व मनोविज्ञान विभागाध्यक्ष प्रो डॉ धर्मेंद्र कुमार, गया कॉलेज के शिक्षाशास्त्र विभागाध्यक्ष डॉ धनंजय धीरज, इएनटी विशेषज्ञ डॉ संजीव कुमार शामिल हुए. संस्थान की निदेशक डॉ श्वेता कुमारी ने बताया कि कार्यक्रम का उद्देश्य सावन के मौसम में वैसे बच्चे जो ऑटिज्म एडीएचडी या अन्य तरह के विकासात्मक समस्याओं से ग्रसित हैं, उनकी बीमारी के बारे में जागरूक करना और उनका उपचार कैसे संभव हो सकता है, इसके बारे में उन्हें बताना है. सामान्य तौर पर ऐसे पेरेंट्स जिनके बच्चे कई तरह के विकासात्मक समस्याओं से ग्रसित होते हैं उन्हें यह समझ नहीं आता कि इनका उपचार किस माध्यम से किया जाये, सभी तरह के बीमारियों का इलाज दवाइयाें के माध्यम से किया जा सकता है पर कुछ ऐसी समस्यायें हैं जिनका इलाज विभिन्न थेरेपी के माध्यम से संभव हो सकता है. एक्सपर्ट डॉ धर्मेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि ऐसी समस्याओं से ग्रसित बच्चों के पैरेंटस को धैर्य रखना बहुत ही जरूरी है. डॉ संजीव कुमार ने कहा कि आज के दौर में कई बच्चे ऑटिज्म जैसे बीमारियों से सफर कर रहे हैं और कई में स्पीच डिले देखा जाता है जिन्हें स्पीच की समस्या हो वह घबराने की जरूरत नहीं है स्पीच थेरेपी के माध्यम से सुधार लाया जा सकता है.

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