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Home बिहार गया Gaya: शिक्षकों को हाजिरी बनाने में आ रही तकनीकी समस्या, वेतन कटने की सता रही चिंता

Gaya: शिक्षकों को हाजिरी बनाने में आ रही तकनीकी समस्या, वेतन कटने की सता रही चिंता

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Gaya: शिक्षकों को हाजिरी बनाने में आ रही तकनीकी समस्या, वेतन कटने की सता रही चिंता
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Gaya: विभाग ने गया जिले के शिक्षकों को इ शिक्षा कोष एप से हाजिरी बनाने का निर्देश दिया है. शुरू में ऑनलाइन हाजिरी बनाने में काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा था. लेकिन इसे धीरे धीरे इसमें काफी सुधार किया गया है. इधर वर्तमान में एप से हाजिरी बनाने में शिक्षकों को परेशानी छोड़ नहीं रही. इसको लेकर शिक्षकों के बीच ऊहापोह की स्थिति है. कई शिक्षकों का उपस्थिति के बाद भी एप से अटेंडेंस शो नहीं करने व डाटा उड़ने की समस्या आ रही है. इससे कभी उपस्थिति इन तो कभी चेकआउट शो नहीं कर रहा. जिसके कारण शिक्षकों के बीच वेतन कटने की चिंता सता रही है.

परेशानियों का करना पा रहा सामना

शिक्षकों ने कई स्क्रीनशॉट शेयर किये हैं. संबंध में डीपीओ एसएसए असगर आलम खां ने बताया कि कुछ इश्यू है, इसे दिखवा लेते हैं. अटेंडेंस डाटा रिवर्ट हो जाता है. ऐसे शिक्षकों का फिजिकल अटेंडेंस रजिस्टर पर भी दर्ज होता है. चिंता करने की बात नहीं है.

शिक्षकों ने बताया कि सुबह नौ बजे तक अटेंडेंस बनाने का निर्देश है. लेकिन एप से जल्दी अटेंडेंस बन नहीं पाता है. लेट न हो इसके लिए समय से काफी पहले स्कूल पहुंचना पड़ता है. वहीं शाम के समय 4:30 के बाद हाजिरी बनाने का निर्देश है, लेकिन लोकेशन मिलान करने व एप बेहतर काम नहीं करने से आधा घंटा या उससे अधिक देर तक अटेंडेंस बनने का इंतजार करना पड़ता है.

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परितोष शाही पिछले 4 वर्षों से डिजिटल मीडिया और पत्रकारिता में सक्रिय हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका से की और वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल की बिहार टीम का हिस्सा हैं. राजनीति, सिनेमा और खेल, विशेषकर क्रिकेट में उनकी गहरी रुचि है. जटिल खबरों को सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाना और बदलते न्यूज माहौल में तेजी से काम करना उनकी विशेषता है. परितोष शाही ने पत्रकारिता की पढ़ाई बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (BHU) से की. पढ़ाई के दौरान ही पत्रकारिता की बारीकियों को समझना शुरू कर दिया था. खबरों को देखने, समझने और लोगों तक सही तरीके से पहुंचाने की सोच ने शुरुआत से ही इस क्षेत्र की ओर आकर्षित किया. पत्रकारिता में करियर की पहली बड़ी शुरुआत बिहार विधानसभा चुनाव 2020 के दौरान हुई, जब उन्होंने जन की बात के साथ इंटर्नशिप की. इस दौरान बिहार के 26 जिलों में जाकर सर्वे किया. यह अनुभव काफी खास रहा, क्योंकि यहां जमीनी स्तर पर राजनीति, जनता के मुद्दों और चुनावी माहौल को बहुत करीब से समझा. इसी अनुभव ने राजनीतिक समझ को और मजबूत बनाया. इसके बाद राजस्थान पत्रिका में 3 महीने की इंटर्नशिप की. यहां खबर लिखने की असली दुनिया को करीब से जाना. महज एक महीने के अंदर ही रियल टाइम न्यूज लिखने लगे. इस दौरान सीखा कि तेजी के साथ-साथ खबर की सटीकता कितनी जरूरी होती है. राजस्थान पत्रिका ने उनके अंदर एक मजबूत डिजिटल पत्रकार की नींव रखी. पत्रकारिता के सफर में आगे बढ़ते हुए पटना के जनता जंक्शन न्यूज पोर्टल में वीडियो प्रोड्यूसर के रूप में भी काम किया. यहां कैमरे के सामने बोलना, प्रेजेंटेशन देना और वीडियो कंटेंट की बारीकियां सीखीं. करीब 6 महीने के इस अनुभव ने कैमरा फ्रेंडली बनाया और ऑन-स्क्रीन प्रेजेंस को मजबूत किया. 1 अप्रैल 2023 को राजस्थान पत्रिका को प्रोफेशनल तौर पर ज्वाइन किया. यहां 17 महीने में कई बड़े चुनावी कवरेज में अहम भूमिका निभाई. लोकसभा चुनाव 2024 में नेशनल टीम के साथ जिम्मेदारी संभालने का मौका मिला. इसके अलावा मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव के दौरान भी स्टेट टीम के साथ मिलकर काम किया. इस दौरान चुनावी रणनीति, राजनीतिक घटनाक्रम और बड़े मुद्दों पर काम करने का व्यापक अनुभव मिला. फिलहाल परितोष शाही प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम के साथ जुड़े हुए हैं. यहां बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान कई बड़ी खबरों को रियल टाइम में ब्रेक किया, ग्राउंड से जुड़े मुद्दों पर खबरें लिखीं और वीडियो भी बनाए. बिहार चुनाव के दौरान कई जिलों में गांव- गांव घूम कर लोगों की समस्या को जाना-समझा और उनके मुद्दे को जन प्रतिनिधियों तक पहुंचाया. उनकी कोशिश हमेशा यही रहती है कि पाठकों और दर्शकों तक सबसे पहले, सही और असरदार खबर पहुंचे. पत्रकारिता में लक्ष्य लगातार सीखते रहना, खुद को बेहतर बनाना और भरोसेमंद पत्रकार के रूप में अपनी पहचान मजबूत करना है.
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