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Home बिहार गया Gaya News : केवल सीखने पर ध्यान केंद्रित न रखें, शोध में नये रास्ते भी तलाशें

Gaya News : केवल सीखने पर ध्यान केंद्रित न रखें, शोध में नये रास्ते भी तलाशें

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Gaya News : केवल सीखने पर ध्यान केंद्रित न रखें, शोध में नये रास्ते भी तलाशें

गया. सीयूएसबी के स्कूल ऑफ मैनेजमेंट के कॉमर्स एंड बिजनेस स्टडीज द्वारा आयोजित 10 दिवसीय शोध पद्धति कार्यशाला सफलतापूर्वक संपन्न हो गया. कार्यशाला का आयोजन कुलपति प्रो कामेश्वर नाथ सिंह के मार्गदर्शन में डॉ एस राजनारायणन एस और डॉ प्रदीप राम द्वारा किया गया. पीआरओ मोहम्मद मुदस्सीर आलम ने बताया कि इस कार्यक्रम का उद्देश्य शोधार्थियों और शिक्षाविदों को उनके शैक्षणिक और व्यावसायिक विकास के लिए महत्वपूर्ण उन्नत शोध तकनीकों और पद्धतियों से लैस करना था. समापन सत्र की शुरुआत डॉ पावस कुमार ने स्वागत भाषण में सभी प्रतिभागियों का अभिवादन किया और प्रगतिशील शैक्षणिक भविष्य को आकार देने में शोध के महत्व पर प्रकाश डाला. प्रो ब्रजेश कुमार ने अपने संबोधन में शैक्षणिक और व्यावसायिक लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए कार्यशाला से प्राप्त ज्ञान को लागू करने के महत्व पर जोर दिया. उन्होंने विद्वानों को शोध पद्धति और इसके व्यावहारिक अनुप्रयोगों की आलोचनात्मक समझ विकसित करने के लिए प्रोत्साहित किया. कार्यशाला में और अधिक मूल्य जोड़ते हुए तमिलनाडु केंद्रीय विश्वविद्यालय की प्रो डॉ सुधा ने शोध पद्धति प्रशिक्षण के अपेक्षित परिणामों पर गहन चर्चा की. उन्होंने शोधार्थियों से न केवल सीखने पर ध्यान केंद्रित करने, बल्कि शोध में नवीन रास्ते तलाशने का भी आग्रह किया. उन्होंने ज्ञान साझा करने और बिहार तथा पूरे देश के विकास में योगदान देने के महत्व पर जोर दिया. स्कूल ऑफ मैनेजमेंट के डीन प्रो डॉ सुब्रमण्यम षणमुगम ने अध्यक्षीय भाषण में अकादमिक और व्यावसायिक दक्षताओं को बढ़ाने में गहन शोध की भूमिका पर प्रकाश डाला. उन्होंने विद्वानों द्वारा अपने शोध को सामाजिक विकास लक्ष्यों के साथ जोड़ने की आवश्यकता पर जोर दिया. समापन सत्र में पाठ्यक्रम सह-निदेशक डॉ प्रदीप राम ने उन पात्र प्रतिभागियों के नामों की घोषणा की, जिन्होंने आइसीएसएसआर दिशा निर्देशों के अनुसार कार्यशाला को सफलतापूर्वक पूरा किया और उन्हें उनके प्रमाण पत्र प्राप्त होंगे. कार्यक्रम का समापन कोर्स डायरेक्टर डॉ एस राजनारायणन द्वारा धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ, जिन्होंने कार्यशाला को सफल बनाने में योगदान देने के लिए प्रतिभागियों, वक्ताओं और आयोजन समिति के प्रति आभार व्यक्त किया. समारोह का संचालन रितु और अंजलि ने सुचारू रूप से किया.

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