गया जी : इमामगंज में हेलीकॉप्टर आकार का ताजिया बना आकर्षण, हिंदू कारीगर ने किया तैयार

Gaya Muharram News : इमामगंज के झिकटिया गांव में मुहर्रम पर हेलीकॉप्टर आकार का ताजिया आकर्षण का केंद्र बना है. इसे हिंदू कारीगर प्रदीप शर्मा ने तैयार किया है.

By Sakshi kumari | June 26, 2026 2:21 PM

गया जी से निर्भय पांडेय की रिपोर्ट
Gaya Muharram News
: गया जी जिले के इमामगंज प्रखंड स्थित झिकटिया गांव में मुहर्रम के मौके पर इस वर्ष हेलीकॉप्टर की तर्ज पर बनाया गया ताजिया लोगों के आकर्षण का केंद्र बना हुआ है. इसकी खास बात यह है कि इसे गांव के हिंदू कारीगर प्रदीप शर्मा ने तैयार किया है. यह ताजिया बेहतरीन कारीगरी के साथ सामाजिक सौहार्द का भी संदेश दे रहा है.

हेलीकॉप्टरनुमा ताजिया क्यों बना चर्चा का विषय?

इमामगंज प्रखंड के झिकटिया गांव में मुहर्रम के अवसर पर इस वर्ष हेलीकॉप्टर की तर्ज पर तैयार किया गया ताजिया लोगों को खूब आकर्षित कर रहा है. इसकी अनोखी बनावट, आकर्षक सजावट और बारीक कारीगरी को देखने के लिए आसपास के कई गांवों से बड़ी संख्या में लोग पहुंच रहे हैं.

किसने तैयार किया यह अनोखा ताजिया?

इस विशेष ताजिया को गांव के हिंदू बढ़ई प्रदीप शर्मा ने तैयार किया है. प्रदीप शर्मा पिछले करीब 10 वर्षों से लगातार ताजिया बना रहे हैं. हर वर्ष वह नए और अलग डिज़ाइन तैयार करते हैं. इस बार उन्होंने अपनी कला का प्रदर्शन करते हुए ताजिया को हेलीकॉप्टर का स्वरूप दिया है.

लोगों में क्यों हो रही है इसकी सराहना?

स्थानीय लोगों का कहना है कि प्रदीप शर्मा की कारीगरी केवल कला का प्रदर्शन नहीं है, बल्कि यह हिंदू-मुस्लिम एकता और आपसी भाईचारे की मिसाल भी है. वर्षों से वह पूरी लगन और समर्पण के साथ ताजिया तैयार करते आ रहे हैं, जिससे क्षेत्र में उनकी अलग पहचान बन गई है.

आसपास के गांवों से क्यों पहुंच रहे हैं लोग?

हेलीकॉप्टरनुमा ताजिया की चर्चा पूरे इलाके में फैल गई है. इसकी अनोखी बनावट देखने के लिए आसपास के गांवों से लोग झिकटिया पहुंच रहे हैं. ताजिया के साथ लोग तस्वीरें ले रहे हैं और इसकी कारीगरी की सराहना कर रहे हैं.

क्या संदेश देता है यह ताजिया?

ग्रामीणों का कहना है कि यह ताजिया धार्मिक सौहार्द, सामाजिक एकता और पारंपरिक शिल्पकला का सुंदर उदाहरण है. मुहर्रम के अवसर पर यह पहल समाज में भाईचारे और आपसी सम्मान का संदेश भी दे रही है. मुहर्रम के आयोजन के दौरान इस ताजिया को देखने के लिए लोगों की भीड़ लगातार बढ़ रही है. स्थानीय लोगों को उम्मीद है कि यह अनोखी कारीगरी आने वाले वर्षों में भी क्षेत्र की पहचान बनी रहेगी.

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