Gaya Ji Cyber Fraud News : साइबर गिरोह से जुड़े शातिर अपराधियों ने मगध मेडिकल थाना क्षेत्र के कोशडिहरा गांव के रहनेवाले विनय कुमार सिंह की मां संध्या देवी का मोबाइल फोन हैक कर लिया. इसके बाद अपराधियों ने उनके बैंक खाते से करीब नौ लाख रुपये की भारी-भरकम राशि की अवैध निकासी कर ली. यह सनसनीखेज मामला तब प्रकाश में आया, जब अपराधियों ने मोबाइल फोन पर दादी संध्या देवी और पोती पलक को अपनी बातों के झांसे में लिया और उनका पूरा मोबाइल सिस्टम हैक कर लिया.
साइबर थाने में शिकायत दर्ज
जब बाद में परिजनों को जानकारी मिली कि उनके बैंक खाते में जमा करीब नौ लाख रुपये का बैलेंस गायब है, तो उनके होश उड़ गए. पीड़ित परिजनों ने तुरंत साइबर डीएसपी सह थानाध्यक्ष अब्दुल रहमान दानिश सहित पुलिस के अन्य वरीय अधिकारियों से मुलाकात कर अपनी आपबीती सुनाई. इसके बाद पुलिस टीम पूरी तरह एक्टिव हुई और पीड़ित विनय कुमार सिंह के लिखित बयान पर साइबर थाने में बकायदा प्राथमिकी दर्ज की गई.
DTH का नंबर ढूंढना पड़ा महंगा
पीड़ित परिजनों ने साइबर डीएसपी को पूरी घटना की जानकारी देते हुए बताया कि विनय कुमार सिंह की मां संध्या देवी का बैंक खाता आईसीआईसीआई (ICICI) बैंक, बोधगया शाखा में है. संध्या देवी की पोती पलक ने घर में नया डीटीएच (DTH) लगाने के उद्देश्य से सर्च इंजन गूगल (Google) से एक मोबाइल फोन नंबर निकाला था और उस पर कॉल किया. लेकिन, दुर्भाग्यवश जिस नंबर पर पोती पलक ने कॉल किया था, वह किसी वैध डीटीएच लगाने वाली कंपनी का नहीं था, बल्कि वह मोबाइल फोन नंबर साइबर गिरोह से जुड़े शातिर अपराधियों का था.
फोन पे ओपन कराकर मांगी गूगल आईडी
इन अपराधियों ने फोन पर बातचीत करते हुए पलक से पूछा कि अगर उनके घर में ‘फोन पे’ (PhonePe) से जुड़ा कोई मोबाइल नंबर सक्रिय है, तो उसे ओपन कीजिए. इसके बाद साइबर गिरोह के सदस्यों ने उन्हें अपनी मीठी-मीठी बातों के झांसे में ले लिया. अपराधियों ने उनसे फोन पे ओपन कराया और सुरक्षा से जुड़ी गूगल आईडी (Google ID) नंबर मांग ली. इसके तुरंत बाद ही अपराधियों द्वारा उनका मोबाइल फोन हैक किया जाने लगा.
खाते से उड़े नौ लाख
मोबाइल में संदिग्ध गतिविधि देखकर संध्या देवी की पोती पलक पूरी तरह घबरा गई और उसने आनन-फानन में मोबाइल फोन का सिम कार्ड बाहर निकाल दिया. कुछ समय बाद जब उसने दोबारा मोबाइल में सिम कार्ड डाला, तो मोबाइल फोन चालू हो गया. इसके बाद जब विनय कुमार सिंह ने फोन पे के जरिए बैंक का बैलेंस चेक किया, तो पता चला कि उनकी मां के बैंक खाते में रुपये ही नहीं हैं. उस बैंक खाते से अपराधियों द्वारा करीब नौ लाख रुपये की अवैध निकासी की जा चुकी थी.
जांच में जुटी पुलिस
इधर, पीड़ित विनय कुमार सिंह के बयान पर साइबर थाने की पुलिस ने केस दर्ज कर लिया है और पूरे मामले की बारीकी से छानबीन करने में जुट गई है.
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