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Home बिहार गया चाक-चौराहें, पान या फिर चाय की दुकानों पर रोज बन रही अलग अलग सरकारें

चाक-चौराहें, पान या फिर चाय की दुकानों पर रोज बन रही अलग अलग सरकारें

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चाक-चौराहें, पान या फिर चाय की दुकानों पर रोज बन रही अलग अलग सरकारें
मौसम का सांकेति

कोंच. बेमौसम बरसात से मौसम में थोड़ी ठंडी महसूस हो रही है. लेकिन विधानसभा चुनाव होने के कारण वातावरण में गर्मी बनी हुई है़ जैसे-जैसे मतदान का समय नजदीक आ रहा है. चुनावी गर्मी बढ़ती जा रही है. हर चाक-चौराहें हो या पान गुमटियां या फिर चाय की दुकान, हर जगह मतदान किसे किया जाये. कैसी सरकार बिहार के लिए ठीक होगा. इस पर बहस शुरू हो गया है. हर कोई अपने अनुसार फिट बैठने वाले प्रत्याशी में टिकारी का भविष्य बताने में लगे हुए हैं तो कोई बिहार को समृद्धि की ओर ले जाने में युवाओं को रोजगार और पलायन रोकने बाले सरकार बने. इसके लिए चिंतित दिखाई दे रहे हैं. टिकारी विधानसभा से मुख्यतः चार प्रत्याशी का नाम सामने आ रहा है जिसमे तीन पार्टी सिंबल पर चुनाव मैदान में है, तो एक निर्दलीय के रूप में ताल ठोक कर मैदान में बने हुए है. हालांकि, लगातार हो रही पानी के बीच में प्रत्याशी लगातार अपने समर्थकों के बीच वोट मांगते नजर आ रहे हैं. वहीं, एक दिन पहले हम के प्रत्याशी पर हुए जानलेवा हमले के बाद मतदाताओं में एक तरह का भय है, तो दूसरी ओर के प्रत्याशी भी लगातार प्रेस कॉन्फ्रेंस कर लोकतंत्र में हिंसा को गलत बताने में जुट गये हैं. इन सभी बातों के बीच एक बात चाैक-चौराहे पर बहस के दौरान सबसे ज्यादा चर्चा शांति व्यवस्था से जुड़ा मुद्दा दिख रहा है. हालांकि, कुछ वैसे भी समर्थक दिखे रहे हैं. जिनका कहना है कि पीछे का भय दिखाकर सरकार पुनः वापस लौटना चाहती है, जो इस बार जनता नहीं होने देगी. 11 नवंबर को होने वाले मतदान के दिन किस प्रत्याशी का भाग उदय होता है. यह तो 14 नवंबर के दिन सबके सामने आयेगा. लेकिन, जैसे-जैसे समय नजदीक आता जा रहा है. चुनावी गर्मी क्षेत्र में बढ़ती जा रही है और प्रशासन पूरी मुस्तदी के साथ शांतिपूर्ण मतदान के लिए तैयारी में जुटी हुई है. लेकिन, चाय पर चर्चा के दौरान सबके जीवन पर यह बात जरूर आ रही है. क्या चुनाव के दिन शांति व्यवस्था बनी रहेगी.

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