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सूबे में यूजीसी का ग्रेड वन दर्जा पाने वाला बना पहला विवि

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सूबे में यूजीसी का ग्रेड वन दर्जा पाने वाला बना पहला विवि

गया न्यूज : सीयूएसबी के लिए सकारात्मक नोट के साथ 2024 का समापन

गया.

वर्ष 2024 का समापन गया में स्थित दक्षिण बिहार केंद्रीय विश्वविद्यालय (सीयूएसबी) के लिए सकारात्मक नोट के साथ हुआ, जो समस्त विश्वविद्यालय परिवार के लिए काफी उत्साहजनक है. फरवरी महीने की शुरुआत में विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) ने सीयूएसबी को श्रेणी-1 का दर्जा दिया, जो राज्य में किसी विश्वविद्यालय के लिए पहला था. यूजीसी सचिव मनीष आर जोशी ने सीयूएसबी के कुलपति प्रो कामेश्वर नाथ सिंह को लिखे पत्र में कहा है कि 13 फरवरी 2024 को यूजीसी की 577वीं बैठक में यूजीसी ने (ग्रेडेड स्वायत्तता प्रदान करने के लिए विश्वविद्यालयों का वर्गीकरण (केवल)) विनियम 2018 के प्रावधानों के अनुसार इसे श्रेणी-1 विश्वविद्यालय का दर्जा देने की मंजूरी दे दी है. एक भारत श्रेष्ठ भारत कार्यक्रम के तहत सांस्कृतिक आदान-प्रदान कार्यक्रम युवा संगम चरण 5.0 का संचालन करने के लिए भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय की ओर से सीयूएसबी को बिहार राज्य के लिए नोडल संस्थान बनाया गया था. इस कार्यक्रम के तहत राज्यों के बीच सांस्कृतिक आदान-प्रदान के लिए बिहार और कर्नाटक से 50 युवाओं का चयन किया गया था. अपने युग्मित संस्थान आइआइटी धारवाड़ के साथ सीयूएसबी की ओर से युवा संगम 5.0 का सफलतापूर्वक संचालन किया गया और युवाओं को दोनों राज्यों की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत के बारे में पता चला.

कैंपस प्लेसमेंट के माध्यम से नौकरी का मिला अवसर

2009 में स्थापित व जून 2023 में राष्ट्रीय मूल्यांकन और प्रत्यायन परिषद (नैक) से उच्चतम ए पल्स प्लस रेटिंग प्राप्त करने वाले सीयूएसबी की शैक्षणिक उत्कृष्टता और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा बनाये रखने की खोज पूरे वर्ष जारी रही. सीयूएसबी के स्कूल ऑफ लॉ एंड गवर्नेंस (एसएलजी) के कुल 17 छात्रों ने बिहार लोक सेवा आयोग (बीपीएससी) की ओर से आयोजित 32वीं बिहार न्यायिक सेवा परीक्षा 2023 उत्तीर्ण की. वैश्विक प्रतिस्पर्धी बाजार की मांग को ध्यान में रख इस शैक्षणिक वर्ष से विश्वविद्यालय ने 60 सीटों के साथ पांच वर्षीय बीबीए एलएलबी कार्यक्रम शुरू किया, जिसे छात्रों से अच्छी प्रतिक्रिया मिली है. कुलपति प्रो कामेश्वर नाथ सिंह के मार्गदर्शन में विश्वविद्यालय के संकाय सदस्यों, शोधार्थियों व छात्रों ने पूरे वर्ष शैक्षणिक और पाठ्येतर गतिविधियों में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है. सीयूएसबी के मेधावी छात्रों ने लगातार पढ़ाई में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है और अच्छे ग्रेड हासिल किये हैं. वहीं, कैंपस सेलेक्शन, प्रतियोगी परीक्षाओं और साक्षात्कार के माध्यम से रोजगार के अवसर भी हासिल किये हैं.

2024 में सीयूएसबी के सात छात्रों को प्रतिष्ठित अजीम प्रेमजी फाउंडेशन में कैंपस प्लेसमेंट के माध्यम से नौकरी की पेशकश की गयी है. सफल छात्रों को 4.32 लाख रुपये प्रति वर्ष के शुरुआती पैकेज पर कैंपस एसोसिएट्स के रूप में नौकरी की पेशकश की गयी है. साथ ही चिकित्सा सहायता, स्थानांतरण व्यय, बीमा मुक्त ऋण, समूह अवधि जीवन बीमा जैसे अन्य अतिरिक्त लाभ भी दिये गये हैं. पिरामल फाउंडेशन की प्रतिष्ठित गांधी फेलोशिप के तहत सीयूएसबी के विभिन्न विभागों के रिकॉर्ड 22 छात्रों को कैंपस प्लेसमेंट मिला है. इसके तहत सफल उम्मीदवारों को दो साल तक 25000-28000 रुपये मासिक अनुदान दिया जाता है.

साथ ही छात्रों को कई अन्य संस्थानों में अच्छे पैकेज पर प्लेसमेंट मिला है. छात्रों ने गेट / जेआरएफ / नेट आदि राष्ट्रीय स्तर की परीक्षाएं पास कर फेलोशिप प्राप्त की. कुछ छात्रों ने अंतरराष्ट्रीय और राष्ट्रीय स्तर के सम्मेलनों में अपने पेपर प्रस्तुत किये व कई पुरस्कार भी जीते. पढ़ाई के साथ-साथ छात्रों ने राज्य स्तरीय और राष्ट्रीय स्तर की खेल प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट खेल प्रदर्शन कर भी सफलता हासिल की है.

स्नातक स्तर पर 13 नये एकीकृत यूजी व पीजी पाठ्यक्रम शुरू

इस शैक्षणिक वर्ष (2024-25) से विश्वविद्यालय ने युवाओं के भविष्य और करियर के अवसरों को देखते हुए राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनइपी) के अनुरूप स्नातक (यूजी) स्तर पर 13 नये एकीकृत यूजी-पीजी पाठ्यक्रम शुरू किया. आधारभूत संरचना की बात करें, तो 300 एकड़ में फैले हरित परिसर में भवन निर्माण के प्रथम एवं द्वितीय चरण के तहत कई उत्कृष्ट भवनों का निर्माण किया जा चुका है1 तीसरे चरण का निर्माण कार्य जारी है. विश्वविद्यालय की अब तक की उपलब्धियों को देख कुलपति प्रो कामेश्वरनाथ सिंह सहित विश्वविद्यालय परिवार एवं हितधारकों को आशा है कि भविष्य में सीयूएसबी सर्वांगीण उपलब्धियों के साथ नये कीर्तिमान स्थापित करेगा, जो पूरे बिहार के लिए गौरव की बात होगी.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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