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बिहार को समझने पहुंचे कर्नाटक के 50 युवा

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बिहार को समझने पहुंचे कर्नाटक के 50 युवा

गया न्यूज : युवा संगम 5.0 के तहत बिहार भ्रमण पर युवाओं की 50 सदस्यीय टीम पहुंची सीयूएसबी

गया.

एक भारत श्रेष्ठ भारत के अंतर्गत आयोजित युवा संगम फेज 5.0 के तहत बिहार भ्रमण पर कर्नाटक से 50 युवा रविवार की देर रात सीयूएसबी पहुंचे. कुलपति प्रो कामेश्वर नाथ सिंह के नेतृत्व में युवा संगम समिति के नोडल अफसर प्रो पवन कुमार मिश्रा के साथ विश्वविद्यालय परिवार ने युवाओं का भव्य स्वागत किया. विश्वविद्यालय के मुख्य द्वार पर कर्नाटक के युवाओं व अभिभावकों को ढोल-नगाड़े व शंख की ध्वनि के साथ माथे पर तिलक लगाकर व गुलाब भेंट कर परिसर में प्रवेश कराया गया. इस अवसर पर डॉ मंगलेश कुमार मंगलम, डॉ सुजीत कुमार, डॉ प्रिय रंजन, डॉ रचना विश्वकर्मा, डॉ प्रज्ञा गुप्ता, डॉ मितांजलि साहू, डॉ आदित्य मोहंती, डॉ विकल कुमार सिंह, डॉ चंदना सुबा, डॉ पावस कुमार, अनुराग मिश्रा व अन्य के साथ युवा संगम समिति के अन्य सदस्य उपस्थित थे. पीआरओ मोहम्मद मुदस्सीर आलम ने बताया कि कुलपति प्रो सिंह व्यक्तिगत स्तर पर कार्यक्रम के आयोजन की तैयारियों का जायजा ले रहे हैं. कुलपति ने बताया कि भारत सरकार ने इस कार्यक्रम के जरिये बच्चों को पांच प्रमुख एक्सपोजर देने का लक्ष्य रखा गया है, जो पर्यटन, परंपरा, प्रगति, परस्पर संपर्क व प्रौद्योगिकी हैं. कर्नाटक के प्रतिनिधियों का इन्हीं पांच तत्वों पर आधारित भ्रमण होगा. इन पांच दिनों में युवाओं का दल राजगीर, नालंदा, बोधगया समेत पटना का भी भ्रमण करेगा. साथ ही राज्यपाल के यहां भी मिलन कार्यक्रम की योजना बनायी गयी हैं. बोधगया के शंकराचार्य मठ में भी इन प्रतिनिधियों का नागरिक सम्मान समारोह रखा गया है, जिसमें बिहार सरकार के मंत्री प्रेम कुमार शामिल होंगे.

नालंदा, राजगीर, बोधगया व पटना सहिब का करेंगे भ्रमण

सीयूएसबी में ठहरे युवा पांच दिनों में बिहार के विभिन्न हिस्सों का भ्रमण करेंगे, जिनमें दशरथ माझी (माउंटेन मैन) का जन्म स्थान गेहलौर घाटी, वेणु वन राजगीर, शांति स्तूप, गरम कुंड, नालंदा विश्वविद्यालय के खंडहर व संग्रहालय, नव नालंदा महाविहार, पावापुरी जल मंदिर, महाबोधि मंदिर, बोधगया, शंकराचार्य मठ, श्री विष्णुपद मंदिर आदि शामिल हैं. युवा पटना में राजभवन में राज्यपाल से भेंट करने के बाद पटना संग्रहालय तथा तख्त श्री हरमंदिर पटना साहिब का भ्रमण करेंगे. पथरकट्टी-पत्थर नक्काशीदारों का गांव, जीविका-जे-वायर लिमिटेड का दौरा, बिपार्ड में नेक्स्ट जेन लैब, महमदपुर गांव में चौपाल आदि भी पांच दिवसीय भ्रमण का हिस्सा है. इस दौरान कर्नाटक के युवा सीयूएसबी के कैंपस में योग सत्र, एक पेड़ मां के नाम के अंतर्गत पौधारोपण अभियान तथा खेल सत्र आदि गतिविधियों में भाग लेंगे. अंतिम दिन गया शहर के गणमान्य व्यक्तियों के साथ इंटरैक्टिव सत्र तथा सहभोज की भी तैयारी है. विश्वविद्यालय में विदाई समारोह के तौर पर सांस्कृतिक समारोह का आयोजन होगा, जिसमें कर्नाटक के युवा तथा विश्वविद्यालय के बच्चे एक साथ मिलकर कार्यक्रम प्रस्तुत करेंगे. कार्यक्रम में गया के सांसद जीतन राम मांझी व शहर के अन्य गणमान्य लोग शामिल होंगे.

क्या है कार्यक्रम का उद्देश्य

एक भारत श्रेष्ठ भारत कार्यक्रम का उद्देश्य राज्य व केंद्र शासित प्रदेशों के लोगों के बीच बातचीत को बढ़ाना और आपसी समझ को बढ़ावा देना है. इन कार्यक्रमों के जरिये भारत सरकार एक-दूसरे राज्यों की भाषा सीखने, संस्कृति, परंपराओं व संगीत, पर्यटन और व्यंजन, खेल व सर्वोत्तम प्रथाओं आदि को साझा करने पर जोर दे रही है, जिससे सांस्कृतिक संपर्क के जरिये अनेकता में एकता का भाव पैदा हो.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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