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Home बिहार दरभंगा Darbhanga News : ज्ञान प्रसार और नवाचार को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता वेबिनार

Darbhanga News : ज्ञान प्रसार और नवाचार को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता वेबिनार

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Darbhanga News : ज्ञान प्रसार और नवाचार को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता वेबिनार

दरभंगा.

लनामिवि के पीजी रसायन शास्त्र विभाग की ओर से मिथिला काउंसिल ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी के सहयोग से 15 दिसंबर को “जैव एंजाइम : नवाचार और सतत भविष्य के लिए अनुप्रयोग ” विषय पर राष्ट्रीय वेबिनार के ब्रोशर का विमोचन कुलपति प्रो. संजय कुमार चौधरी ने बुधवार को किया.

मौके पर कुलपति ने कहा कि इस प्रकार के वेबिनार छात्रों, शोधकर्ताओं और शिक्षकों के बीच ज्ञान प्रसार और नवाचार को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है. पूरे भारत के विशेषज्ञों को एक मंच पर लाकर, हम न केवल शैक्षणिक विकास में योगदान करते हैं, बल्कि स्थिरता और पर्यावरण संरक्षण जैसी महत्वपूर्ण सामाजिक चुनौतियों का भी समाधान प्रस्तुत करते हैं. कहा कि जैव एंजाइम पर चर्चा का विषय विश्वविद्यालय की हरी रसायन और सतत प्रथाओं को बढ़ावा देने की दृष्टि से पूरी तरह मेल खाता है, जो आने वाली पीढ़ी के कल्याण के लिए आवश्यक है.

राष्ट्र के सतत विकास में योगदान देने के लिए करेगा प्रेरित

कार्यक्रम के संयोजक सह रसायन शास्त्र विभागाध्यक्ष प्रो. प्रेम मोहन मिश्रा ने कहा कि “जैव एंजाइम विकसित भारत के निर्माण के लिए परिवर्तनकारी दृष्टिकोण प्रस्तुत करता है. कृषि, उद्योग, पर्यावरण प्रबंधन और स्वास्थ्य देखभाल में इनके अनुप्रयोग संसाधनों की कमी और प्रदूषण जैसी चुनौतियों का समाधान करने की असीम संभावना रखता है. कहा कि यह वेबिनार प्रतिभागियों को इन संभावनाओं का अन्वेषण करने और राष्ट्र के सतत विकास में योगदान देने के लिए प्रेरित करेगा. कार्यक्रम समन्वयक डॉ सोनू राम शंकर ने कहा कि यह आयोजन पूरे भारत के प्रतिष्ठित संस्थानों और उद्योगों के विशेषज्ञों से सीखने का एक अनोखा अवसर प्रदान करेगा. कहा कि वेबिनार में जैव एंजाइम एंटरप्रेन्योर्स एकेडमी ऑफ इंडिया से प्रीति राव, ख्याली वैद्य, तारू सिंह और जयश्री भटूरिया, आइआइटी जोधपुर से डॉ चंदना एन, आइआइटी दिल्ली से डॉ पंकज कुमार गुप्ता, उका तरसादिया विश्वविद्यालय, बारडोली (गुजरात) से डॉ गोपाल जी गोपाल, फ्लडकॉन कंसल्टेंट एलएलपी के संस्थापक डॉ हरिनारायण तिवारी और सेवानिवृत्त प्रधानाचार्य प्रो. विद्या नाथ झा आदि विचार रखेंगे.

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