दरभंगा के बिरौल से शंकर सहनी की रिपोर्ट
Supaul Bazar Jewelry: अनुमंडल क्षेत्र के मुख्य सुपौल बाजार में सोना खरीदने वाले भोले-भाले ग्राहक बड़े पैमाने पर ठगी के शिकार हो रहे हैं. स्थानीय लोगों का गंभीर आरोप है कि कुछ गिने-चुने नामचीन ज्वेलर्स को छोड़कर अधिकांश छोटे-बड़े विक्रेता नकली सोना और आभूषण बेच रहे हैं. यहां ग्राहकों को असली और शुद्ध सोना बताकर नकली जेवर थमा दिए जाते हैं, जिससे लोगों को आर्थिक नुकसान हो रहा है.
गारंटी के नाम पर कच्चा बिल थमाते हैं दुकानदार
पीड़ित ग्राहकों का कहना है कि शादी-विवाह या त्योहारों के सीजन में जब वे सोना खरीदने दुकान पहुंचते हैं, तो दुकानदार शुद्धता की बड़ी-बड़ी गारंटी देता है. भुगतान के समय बिल भी कंप्यूटराइज्ड नहीं बल्कि हाथ से बना कच्चा पर्चा थमा दिया जाता है. बाद में जब लोग किसी दूसरी जगह या शहर में आभूषण की जांच कराते हैं, तो सोना पूरी तरह नकली निकलता है. कई बार तो आभूषण कुछ ही दिनों में काला पड़ जाता है.
बीआईएस केयर ऐप की जांच में फेल हो रहा हॉलमार्क
स्थानीय लोगों के अनुसार बाजार में दर्जनों ऐसी दुकानें खुल गई हैं जिनके पास ज्वेलरी बेचने का वैध लाइसेंस तक नहीं है. ग्राहकों को झांसा देने के लिए आभूषणों पर नकली हॉलमार्क का निशान भी लगा दिया जाता है. जब जागरूक ग्राहक सरकारी ‘बीआईएस केयर ऐप’ से उसकी शुद्धता की जांच करते हैं, तो कोड मैच ही नहीं करता. इस फर्जीवाड़े की शिकायत लेकर दुकान पहुंचने पर ग्राहकों को डराया-धमकाया जाता है.
एसडीओ ने वरीय अधिकारियों को जांच के लिए लिखा पत्र
इस बड़े गोरखधंधे पर बिरौल एसडीओ शशांक राज ने बताया कि फिलहाल बिरौल अनुमंडल में माप-तौल विभाग के कोई पदाधिकारी नहीं बैठते हैं. उन्होंने इस गंभीर मामले को संज्ञान में लेते हुए वरीय पदाधिकारियों को पत्र लिखा है. विभाग से संबंधित अधिकारी की जानकारी मिलते ही सुपौल बाजार की दुकानों पर औचक जांच और छापेमारी की कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी ताकि अवैध दुकानों को बंद कर दोषियों पर सख्त एक्शन लिया जा सके.
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