[tdb_header_weather inline="yes" temp_color="#000000" loc_color="#000000" api="653566bd56b7ecfee45d74c0fc937fc1" float_right="yes" align_horiz="content-horiz-center" icon_size="24" icon_space="10" f_temp_font_family="420" f_temp_font_size="14" f_temp_font_weight="500" f_unit_font_size="14" f_loc_font_size="14" f_unit_font_family="882" location="Ranchi" icon_color="#000000"]
[tdb_header_categories align_horiz="content-horiz-left" el_align_horiz="content-horiz-left" tdc_css="eyJhbGwiOnsibWFyZ2luLXJpZ2h0IjoiNSIsImhlaWdodCI6IjQwIiwiZGlzcGxheSI6IiJ9fQ==" icon_size="18" limit="18" elem_text_color="#2d2800" f_elem_font_family="420" f_elem_font_size="16px" f_elem_font_weight="500" tdicon="tdc-font-fa tdc-font-fa-navicon-reorder-bars" inline="yes" shadow_shadow_size="0" shadow_shadow_offset_vertical="0" shadow_shadow_spread="0" bg_color="#f9f9f9" include="1028, 1081, 1446, 1228, 3706, 2624,1071"][tdb_mobile_horiz_menu inline="yes" menu_id="372" tdc_css="eyJwaG9uZSI6eyJkaXNwbGF5IjoiIn0sInBob25lX21heF93aWR0aCI6NzY3LCJhbGwiOnsiYm9yZGVyLXN0eWxlIjoibm9uZSIsImRpc3BsYXkiOiIifX0=" f_elem_font_size="18px" f_elem_font_weight="eyJhbGwiOiI3MDAiLCJwaG9uZSI6IiJ9" f_elem_font_family="420" text_color_h="#f58220" main_sub_icon_size="13"]
Home बिहार दरभंगा Darbhanga News: समाजशास्त्र के ख्याति लब्ध विद्वान थे प्रो. हेतुकर झा

Darbhanga News: समाजशास्त्र के ख्याति लब्ध विद्वान थे प्रो. हेतुकर झा

0
Darbhanga News: समाजशास्त्र के ख्याति लब्ध विद्वान थे प्रो. हेतुकर झा

Darbhanga News: दरभंगा. प्रख्यात समाजशास्त्री स्व. प्रो. हेतुकर झा की आठवीं पुण्यतिथि पर महाराजाधिराज कामेश्वर सिंह कल्याणी फाउंडेशन, दरभंगा के न्यासी सह पूर्व कुलपति डॉ रामचंद्र झा की अध्यक्षता में श्रद्धांजलि सभा हुई. मुख्य अतिथि प्रो. नरेंद्र नारायण सिंह ””””निराला”””” ने कहा कि प्रो. हेतुकर झा समाजशास्त्र के ख्यातिलब्ध विद्वान थे. कल्याणी फाउंडेशन के विविध शोधात्मक गतिविधियों का श्रेय प्रो. झा को ही है. कहा कि अभी मिथिला में शोधपरक प्रकाशन का अकाल सा है. शोधकार्यों के लिए मिथिला उनका सदैव ऋणी रहेगा. कहा कि उनकी याद में “स्मृति ग्रंथ ” का प्रकाशन होना चाहिए. भोलानंद झा ने प्रो. झा के साथ बिताये छात्र जीवन से लेकर अंत तक का संस्मरण साझा किया. कहा कि उनके जैसा नम्र और विद्वान व्यक्तित्व नहीं देखा.

बहुमुखी विचारक और शोधकर्ता थे प्रो. झा- डॉ रामचंद्र

अध्यक्षीय उद्बोधन में डॉ रामचंद्र झा ने कहा कि समाज शास्त्र में समाजमूलक विविधता का समावेश होता है और प्रो. झा का उन सभी विविधताओं पर एकाधिकार था. यही कारण है कि वे बहुमुखी विचारक और शोधकर्ता थे. उनकी जितनी विशेषज्ञता समाजशास्त्र में थी, उतनी ही विज्ञान, इतिहास, लोक कला, संस्कृति, भाषा आदि में भी थी. वे निरंतर शोध करते रहते थे. कहा कि शोधकार्य को अनवरत जारी रखना ही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी. संस्था के कार्यपालक पदाधिकारी श्रुतिकर झा ने धन्यवाद ज्ञापित किया. श्रद्धांजलि सभा में डॉ अवनींद्र कुमार झा, उदय नाथ झा, डॉ सुशांत कुमार, अमल झा, मुरारी कुमार झा, डॉ संतोष कुमार, डॉ जमील हसन अंसारी, दिनकर झा, आनंद मोहन झा ने भी विचार रखा. इससे पूर्व उनके चित्र पर पुष्प अर्पित कर सभी ने श्रद्धांजलि दी.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

ऐप पर पढें
होम आप का शहर
News Snap News Reel