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Home बिहार दरभंगा Darbhanga News: प्रभात खबर कवि सम्मेलन: साहित्य की उर्वर धरा पर लहलहा उठी हास्य-व्यंग्य की अमरबेल

Darbhanga News: प्रभात खबर कवि सम्मेलन: साहित्य की उर्वर धरा पर लहलहा उठी हास्य-व्यंग्य की अमरबेल

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Darbhanga News: प्रभात खबर कवि सम्मेलन: साहित्य की उर्वर धरा पर लहलहा उठी हास्य-व्यंग्य की अमरबेल

Darbhanga News: दरभंगा. साहित्य की उर्वर धरा पर रविवार की शाम हास्य-व्यंग्य की अमर बेल लतर गयी. अवसर था प्रभात खबर की ओर से आयोजित कर्मयोगी सम्मान समारोह सह विराट कवि सम्मेलन का. उद्घाटन सत्र के बाद समाज के विभिन्न क्षेत्रों में अनुकरणीय अवदान देनेवाले लोगों को कर्मयोगी सम्मान से विभूषित किया गया. इसके पश्चात जैसे ही संचालक डॉ अमलेंदु शेखर पाठक ने मंच कवियों के हवाले किया, लोगों की खुशी छलक पड़ी. कवियों की रचानाओं को सुनने के लिए श्रोताओं की आकांक्षाओं के तपते मन पर कवियों ने भी फुहार बरसाना आरंभ कर दिया. अपने ही जीवन के पहलू में छिपे हास्य को कवियों के माध्यम से सामने पाकर झूम उठे. सरस्वती वंदना से आरंभ कवि सम्मेलन जैसे-जैसे आगे बढ़ता गया, लोग आनंद विभोर होते चले गये.

भगवती वंदना से आरंभ हुआ कवि सम्मेलन

मौसम का मिजाज तो पिछले पांच दिनों से तल्ख चल रहा था, लेकिन रविवार को इसमें अचानक बदलाव आ गया, मानों प्रकृति भी इसके लिए खुद को तैयार हो गयी हो. आसमान में प्रात: काल से ही सूरज चमकने लगा था. इसने मौसम को सुहावना बना रखा था. इस सुहावने मौसम से सजी ठहाकों की महफिल में चार चांद लग गये. कवि सम्मेलन का आरंभ पारंपरिक तरीके से भगवती वंदना से हुआ. कवि व कवयित्री ने जब अपनी रचनाओं के माध्यम से प्रेम रस की बरसात शुरू की, तो युवा मन झूम उठा. वहीं बुजुर्गों के हृदय को भी पुरानी यादों ने स्पंदित कर दिया. प्रेम के रसधारा में गोते लगाते मन को राष्ट्र प्रेम परक रचनाओं ने उत्साह से भर दिया. चुटीले अंदाज से दाम्प्त्य जीवन की नोंक-झोंक संग जीवन के दूसरे पहलुओं पर जब व्यंग्य के नस्तर चलने लगे तो पूरा नगर भवन झूम उठा. मंच से प्रवाहित साहित्य की पयस्विनी में सुधि श्रोता देर रात तक गोते लगाते रहे.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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