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Darbhanga News: हिंदी मेजर विषय की परीक्षा में वस्तुनिष्ठ प्रश्न में विकल्प नहीं

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Darbhanga News: हिंदी मेजर विषय की परीक्षा में वस्तुनिष्ठ प्रश्न में विकल्प नहीं

Darbhanga News: दरभंगा. लनामिवि की ओर से स्नातक प्रथम सेमेस्टर सत्र 2024-28 की संचालित परीक्षा में हिंदी मेजर के छात्रों का 20 अंकों का वस्तुनिष्ठ प्रश्न अन्य विषयों से भिन्न रहा. छात्रों की शिकायत रही कि अन्य विषयों के 20 अंकों के वस्तुनिष्ठ प्रश्नों में उत्तर देने के लिये चार-चार विकल्प उपलब्ध कराये गये थे. जबकि हिंदी विषय में ऐसा नहीं था. बिना विकल्प का प्रश्न पूछा गया. प्रश्न में इस बात का जिक्र भी नहीं किया गया था, कि छात्रों को इसका उत्तर कितने शब्द या लाइन में देना है.

अपनी समझ के अनुसार प्रश्न का जवाब दे आये छात्र

बताया जाता है संबंधित विषय के छात्र- छात्रा ने अपनी समझ के मुताबिक एक-एक प्रश्न का उत्तर कोई एक पाराग्राफ में तो कोई आधा पेज में तो कोई पूरे पेज में लिख दिया है. इस गलती के कारण उन्हें लघुउतरीय तथा दीर्घ उतरीय प्रश्नों का जवाब देने के लिये समय नहीं मिल पाया. बाहर निकलने पर जब छात्रों ने आपस में बात की तो अधिकांश को गलती का अहसास हुआ. उन्हें यह चिंता सताने लगी कि इसका असर रिजल्ट पर पडना तय है.

इधर, वस्तुनिष्ठ प्रश्न बिना विकल्प के केवल हिंदी मेजर में ही क्यों पूछा गया, इस संबंध में पूछने पर परीक्षा नियंत्रक प्रो. विनोद कुमार ओझा ने बताया कि विकल्प आधारित प्रश्न पूछा जाना छात्रों के लिए सुविधाजनक होता. बिना विकल्प आधारित वस्तुनिष्ठ प्रश्नों का उत्तर छात्रों को एक लाइन में देना है. कहा कि किसी खास विषय में ही ऐसा प्रश्न सेट नहीं होना चाहिये था. कहा कि वे इसे लेकर वे हिंदी के क्वेश्चन सेटर से बात करेंगे.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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