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Home बिहार दरभंगा Darbhanga: शिक्षण संस्थान से अधिक विद्वान बनाते हैं पुस्तकालय

Darbhanga: शिक्षण संस्थान से अधिक विद्वान बनाते हैं पुस्तकालय

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Darbhanga: शिक्षण संस्थान से अधिक विद्वान बनाते हैं पुस्तकालय

अलीनगर. तुमौल गांव में शनिवार को स्वामी विवेकानंद सार्वजनिक पुस्तकालय का शिलान्यास राम-जानकी मंदिर परिसर में किया गया. शुरुआत संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया गया. वहीं स्वामी विवेकानंद के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर श्रद्धा निवेदित की गयी. मौके पर बतौर मुख्य अतिथि कामेश्वर सिंह दरभंगा संस्कृत विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति डॉ रामचंद्र झा ने कहा कि यह धरती विद्वानों और आंदोलनकारियों की रही है. नई पीढ़ी भी उर्जावान है. पुस्तकालय की स्थापना सकारात्मक विचार का परिणाम है. हर आयु वर्ग के लोग पुस्तकालय से लाभान्वित होंगे. वहीं मौनी बाबा ने शुभकामना देते हुए कहा कि यह बिहार में अपना नाम स्थापित करेगा. कहा कि पुस्तकालय साक्षात भगवान होते हैं. डब्ल्यूआइटी के पूर्व निदेशक डॉ प्रेम मोहन मिश्र ने कहा कि एक विश्वविद्यालय जितने विद्वान नहीं उत्पन्न कर सकते, एक पुस्तकालय उससे कई गुना अधिक विद्वान तैयार कर देते हैं. पुस्तकालय विद्या की मंदिर है. इधर गायिका शिवानी झा, गायक रामबिहारी झा तथा दीपक कुमार झा ने अपनी प्रस्तुतियों से समा बांध दिया. कार्यक्रम की अध्यक्षता पुस्तकालय निर्माण समिति के अध्यक्ष व सेवानिवृत्त एसडीपीओ दयानाथ झा व संचालन सुनील कुमार झा ने किया. कार्यक्रम को संबोधित करने वालों में जदयू के नीतीश प्रभाकर चौधरी, मुखिया सतीश चंद्र झा, सेवानिवृत प्राचार्य डॉ फूलचन्द्र मिश्र, भाकपा नेता राम कुमार झा, पूर्व सरपंच शिव शंकर झा, पूर्व पंसस प्रेम कुमार झा आदि शामिल थे. वहीं मौके पर पूर्व पंसस शशिकांत झा, विश्वविद्यालय कर्मचारी संघ के प्रदेश अध्यक्ष गंगा प्रसाद झा, राघव पोद्दार, पूर्व मुखिया राधेश्याम झा, विजय यादव, पुस्तकालय निर्माण समिति के कार्यकारी अध्यक्ष शिव शंकर झा, सचिव मृत्युंजय मृणाल, उपाध्यक्ष प्रेम कुमार झा, कोषाध्यक्ष राजेन्द्र झा आदि मौजूद थे.

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