DMCH News: दरभंगा मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (डीएमसीएच) के मेडिसिन वार्ड में गुरुवार को उस समय अफरा-तफरी का माहौल बन गया, जब आयुष्मान भारत योजना से जुड़े कुछ कर्मी बिना पहचान पत्र के मरीजों के बीच रजिस्ट्रेशन करते नजर आए. एक मरीज और उसके परिजनों ने कर्मियों से आईडी कार्ड दिखाने की मांग की, जिसके बाद दोनों पक्षों के बीच नोकझोंक हो गई.
यह भी पढ़ें: अस्पताल में नहीं उपलब्ध था स्प्लिंट, मरीज के टूटे पैर पर कार्टन बांधकर किया इलाज
मरीज ने पूछा पहचान पत्र, बढ़ गया विवाद
जानकारी के अनुसार, मेडिसिन वार्ड-1 में भर्ती एक मरीज के पास आयुष्मान कार्ड से संबंधित रजिस्ट्रेशन के लिए कुछ कर्मी पहुंचे. मरीज ने उनसे उनकी पहचान सुनिश्चित करने के लिए आईडी कार्ड दिखाने को कहा.
परिजनों का कहना था कि अस्पताल के वार्ड जैसे संवेदनशील स्थान पर कार्यरत प्रत्येक कर्मी के पास पहचान पत्र होना चाहिए, ताकि मरीज और उनके परिजन यह जान सकें कि संबंधित व्यक्ति अधिकृत कर्मचारी हैं.
पुलिसकर्मी होने की बात कहकर उठाया सुरक्षा का मुद्दा
आरोप है कि शुरुआत में कर्मियों की ओर से कोई स्पष्ट जवाब नहीं दिया गया. इस पर मरीज और परिजनों ने आपत्ति जताई. देखते ही देखते मौके पर लोगों की भीड़ जुट गई.
मरीज ने खुद को बिहार पुलिस में कार्यरत बताते हुए कहा कि बिना पहचान पत्र के किसी भी व्यक्ति का अस्पताल के वार्ड में घूमना सुरक्षा की दृष्टि से उचित नहीं है.
यह भी पढ़ें: सात दिन के नवजात को बंद कर भागा अस्पताल संचालक, प्रशासनिक कार्रवाई में दो अवैध अस्पताल सील
वरिष्ठ कर्मी के पहुंचने पर शांत हुआ मामला
मामले की जानकारी मिलने के बाद आयुष्मान विभाग के एक वरिष्ठ कर्मी मौके पर पहुंचे. उन्होंने संबंधित कर्मी के पहचान संबंधी दस्तावेज और आईडी कार्ड दिखाया. इसके बाद मरीज और उनके परिजन शांत हुए तथा आयुष्मान योजना के तहत रजिस्ट्रेशन का कार्य दोबारा शुरू कराया गया.
उपाधीक्षक बोले, बिना आईडी कार्ड वार्ड में घूमना उचित नहीं
डीएमसीएच के उपाधीक्षक डॉ. अमित कुमार झा ने कहा कि बिना आईडी कार्ड के वार्ड में घूमना उचित नहीं है. उन्होंने बताया कि संबंधित कर्मियों को पहचान पत्र साथ रखने का निर्देश दिया जाएगा, ताकि भविष्य में इस तरह की स्थिति उत्पन्न न हो.
यह भी पढ़ें: डीएमसीएच में परीक्षा से रोके जाने पर मोबाइल टावर पर चढ़ गया बीएससी नर्सिंग का छात्र
