दरभंगा के बहादुरपुर से पुरुषोत्तम चौधरी की रिपोर्ट
Darbhanga Rain News: बहादुरपुर प्रखंड समेत जिले के विभिन्न हिस्सों में रविवार रात हुई मूसलाधार बारिश से भीषण गर्मी से परेशान लोगों को बड़ी राहत मिली है. वहीं लंबे समय से बारिश का इंतजार कर रहे किसानों के चेहरे भी खिल उठे हैं. सूख रहे धान के बिचड़े को नई जिंदगी मिल गई है और खेतों में पर्याप्त नमी आने से धान रोपनी का रास्ता भी साफ हो गया है.

रातभर हुई बारिश, मौसम हुआ सुहाना
रविवार रात करीब 9 बजे शुरू हुई बारिश सोमवार तड़के तक रुक-रुक कर होती रही. सोमवार सुबह भी आसमान में बादल छाए रहे. बारिश के कारण तापमान में करीब 4 से 5 डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की गई. उमस भरी गर्मी से राहत मिलने पर लोगों ने सुकून की सांस ली. बिजली कटौती के बावजूद मौसम सुहाना रहने से बाजारों और घरों में राहत का माहौल देखा गया.
धान के बिचड़े को मिला नया जीवन
बारिश नहीं होने के कारण जिले के कई प्रखंडों में किसानों के खेतों में धान का बिचड़ा सूखने लगा था. इससे समय पर रोपनी नहीं हो पाने की चिंता बढ़ गई थी. बारिश के बाद खेतों में पर्याप्त नमी आ गई है, जिससे धान के बिचड़े को नया जीवन मिला है.
अब रोपनी के लिए अनुकूल हुआ मौसम
कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि जिन किसानों का बिचड़ा तैयार हो चुका है, वे हल्की सिंचाई कर धान की रोपनी शुरू कर सकते हैं. खेतों में नमी रहने के कारण कम पानी में भी रोपाई आसानी से की जा सकेगी.
किसानों के चेहरे पर लौटी मुस्कान

किसान राजकुमार यादव, जगी यादव, श्याम नंदन यादव, सुरेश सिंह, विजय कुमार सिंह, श्याम सुंदर सिंह, शंभू पासवान और नागेंद्र यादव ने बताया कि यदि दो दिन और बारिश नहीं होती तो धान का बिचड़ा पूरी तरह खराब हो जाता. उनका कहना है कि समय-समय पर ऐसी बारिश होती रही तो इस बार धान की खेती बेहतर होगी.
अगले 48 घंटे तक बारिश के आसार
मौसम विभाग के अनुसार अगले 48 घंटों के दौरान जिले में हल्की बारिश की संभावना बनी हुई है. इससे खरीफ फसलों को और लाभ मिलने की उम्मीद है.
कृषि पदाधिकारी ने किसानों से की अपील
जिला कृषि पदाधिकारी डॉ. सिद्धार्थ ने कहा कि रविवार रात हुई बारिश से किसानों को काफी फायदा होगा. धान के बिचड़े को राहत मिली है और अब रोपनी में किसी प्रकार की कठिनाई नहीं होगी. उन्होंने बताया कि तीनों अनुमंडल कृषि पदाधिकारियों और सभी प्रखंड कृषि पदाधिकारियों को धान समेत विभिन्न फसलों का शत-प्रतिशत आच्छादन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है.
