दरभंगा के जाले से केशवेन्द्र प्रताप ठाकुर की रिपोर्ट
Darbhanga Crime News: जाले थाना क्षेत्र के बसंत गांव से 12 जून को लापता हुई 22 वर्षीय युवती 24 दिन बाद रविवार को अपने घर लौट आई. घर पहुंचने के बाद युवती ने गांव के ही शिवराज कुमार पर अपहरण कर नेपाल ले जाने, बंधक बनाकर रखने, मारपीट करने, जबरन शारीरिक संबंध बनाने और देह व्यापार के लिए मजबूर करने का गंभीर आरोप लगाया है. वहीं आरोपी ने सभी आरोपों को खारिज करते हुए इसे प्रेम प्रसंग और आपसी सहमति से हुई शादी का मामला बताया है. पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है.
Jale news: नेपाल ले जाकर बंधक बनाने का आरोप
युवती ने बताया कि 12 जून की दोपहर करीब तीन बजे शिवराज कुमार उसे खुशी देवी के घर के पास से जबरन उठा ले गया. आरोप है कि पहले एक मंदिर में जबरन माला पहनाकर तस्वीरें खींची गईं और पूर्व से तैयार दस्तावेजों पर हस्ताक्षर कराए गए. इसके बाद उसे नेपाल ले जाकर एक कमरे में बंद रखा गया. युवती का आरोप है कि वहां उसके साथ मारपीट की गई और परिवार को जान से मारने की धमकी देकर कोर्ट में झूठा बयान देने का दबाव बनाया गया. मौका मिलने पर वह किसी तरह वहां से निकलकर 5 जुलाई को अपने घर पहुंची.
परिजनों ने पहले ही दर्ज कराई थी प्राथमिकी
युवती की मां पूनम देवी ने 15 जून को जाले थाना में दर्ज प्राथमिकी में शिवराज कुमार सहनी और संतोष कुमार सहनी को नामजद आरोपी बनाया था. आवेदन में बेटी के अपहरण, धमकी देने तथा उसे बेचने या देह व्यापार में धकेले जाने की आशंका जताई गई थी.
आरोपी ने बताया प्रेम विवाह का मामला
दूसरी ओर आरोपी शिवराज कुमार का कहना है कि दोनों पिछले तीन वर्षों से प्रेम संबंध में थे और आपसी सहमति से शादी कर नेपाल में रह रहे थे. उसका आरोप है कि युवती अब अपने परिजनों के दबाव में बयान बदल रही है. उसने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है.
पुलिस करेगी कोर्ट में बयान दर्ज
युवती के लापता होने के बाद 15 और 16 जून को परिजनों एवं ग्रामीणों ने खड़का जीरो माइल पर जाले-औराई मुख्य सड़क जाम कर बरामदगी की मांग की थी. इस मामले में जाले थाना कांड संख्या-124/26 दर्ज है, जिसमें 10 नामजद और 100 अज्ञात लोगों को आरोपित बनाया गया है. रविवार को पुलिस युवती का बयान लेने उसके घर पहुंची, लेकिन परिजनों और ग्रामीणों के विरोध के कारण वापस लौटना पड़ा. थानाध्यक्ष संदीप कुमार पाल ने बताया कि पीड़िता का बयान धारा-164 के तहत न्यायालय में दर्ज कराया जाएगा. कॉल डिटेल रिकॉर्ड, नेपाल में रहने के साक्ष्य, मंदिर और अन्य दस्तावेजों की जांच की जा रही है. जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसी आधार पर आगे की विधिसम्मत कार्रवाई की जाएगी.
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