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Home बिहार दरभंगा Bihar News: म्यांमार के साइबर माफिया का दरभंगा में सेंटर, चीन और थाइलैंड के रास्ते चल रहा नेटवर्क

Bihar News: म्यांमार के साइबर माफिया का दरभंगा में सेंटर, चीन और थाइलैंड के रास्ते चल रहा नेटवर्क

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Bihar News: म्यांमार के साइबर माफिया का दरभंगा में सेंटर, चीन और थाइलैंड के रास्ते चल रहा नेटवर्क

Bihar News: पटना. राजस्व खुफिया निदेशालय (डीआरआई) ने एक गुप्त अभियान के दौरान बिहार के दरभंगा जिले की गलियों में जो सुराग पकड़ा है, उससे दक्षिण-पूर्व एशियाई साइबर नेटवर्क के कुख्यात केंद्र केके पार्क के बिहार से चौंकाने वाले संबंध उजागर हुए हैं. दरभंगा से गिरफ्तार मास्टरमाइंड रोशन कुमार झा (30) को केके पार्क से संचालित उसके चीनी आकाओं द्वारा निर्देशित किया जा रहा था. म्यांमार के केके पार्क पर इस समय अमेरिकी एजेंसियां ​​नजर रख रही हैं.

दरभंगा में तैयार मिले तीन स्पूफिंग सेंटर

दरभंगा जिले के बलहा गाँव का निवासी रोशन ने दरभंगा में तीन स्पूफिंग सेंटर या “स्टूडियो” स्थापित कर रखा था., जो उच्च-स्तरीय संचार प्रणालियों से लैस थे और संचालन के लिए तैयार थे. ये केंद्र लक्ष्मी सागर में ज्ञान भारती पब्लिक स्कूल के पास, एक अन्य जे.पी. चौक के पास और तीसरा मारवाड़ी कॉलेज के पास मदारपुर में साहू निवास में स्थित थे. रोशन पहले मुंबई में ऑर्केस्ट्रा और बार सिंगर के तौर पर काम करता था और दो साल से ज़्यादा समय से केके पार्क साइबर नेटवर्क का हिस्सा है. एजेंसी सूत्रों ने बताया कि तीसरे आरोपी, हरियाणा के कुरुक्षेत्र निवासी बॉबी कल्याण को भी दरभंगा से गिरफ्तार किया गया है.

थाईलैंड से भेजी गई दो पार्सलों से खुला राज

बिहार में जब जनता और कानून प्रवर्तन एजेंसियां ​​चुनाव और सुरक्षा व्यवस्था में व्यस्त थीं, तब डीआरआई की पटना इकाई ने थाईलैंड से भेजी गई दो पार्सल जब्त की. “पावर एम्पलीफायर” के रूप में सूचीबद्ध ये पार्सल नई दिल्ली और कोलकाता में प्राप्त हुए थे. दोनों दरभंगा जिले के भौआर गाँव के बिट्टू के पते पर थे, जो रोशन का एक करीबी सहयोगी है. जांच के दौरान एजेंसी ने सात व्यक्तियों की पहचान की, जिनमें विजय, ऋषि कुमार और रितेश कुमार शामिल हैं, जो सभी बहेरा पुलिस स्टेशन के अंतर्गत आने वाले हवी भौआर गांव के निवासी हैं. सुजीत कुमार ठाकुर (पता ज्ञात नहीं), अभिषेक कुमार ठाकुर और मनीष कुमार, दोनों घनश्यामपुर पुलिस स्टेशन के अंतर्गत आने वाले कोर्थू गांव के निवासी हैं. निर्मला कुलपति, जो रोशन की पत्नी हैं और महाराष्ट्र के मालेगांव की मूल निवासी हैं.

बिट्टू के बयान पर रोशन तक पहुंची पुलिस

एजेंसी के सूत्रों की माने तो 31 अक्टूबर को डीआरआई ने जाल बिछाया और बिट्टू को माल उठाते हुए गिरफ्तार कर लिया. पार्सल में पाँच वीओआईपी डिवाइस, चार 32-सिम स्लॉट यूनिट और एक 256-सिम स्लॉट यूनिट थी, जिन पर “मेड इन चाइना” लिखा था. कोलकाता वाले पार्सल में भी ऐसा ही एक सेट था. एजेंसी ने दोनों को ज़ब्त कर लिया है. पूछताछ के दौरान बिट्टू ने खुलासा किया कि यह पार्सल रोशन ने मंगाया था, जिसे उसका मैनेजर और मास्टरमाइंड बताया गया था. इसके बाद डीआरआई ने रोशन को बिहार से गिरफ्तार कर लिया है.

चीनी हैंडलर के लिए काम करने काम करता था रोशन

मूल रूप से बहेरा पुलिस स्टेशन के अंतर्गत बल्हा गाँव का रहने वाला, उसने कथित तौर पर नकली सिम कार्डों का थोक विक्रेता होने और एक चीनी हैंडलर के लिए काम करने की बात कबूल की है. रोशन को उसके मैनेजर ने वाई-फाई नियंत्रित स्मार्ट सॉकेट, उच्च दक्षता वाले इन्वर्टर सिस्टम, इंटरनेट-सक्षम कैमरे, सिम बॉक्स और अन्य उपकरणों से लैस तीन स्पूफिंग सेंटर स्थापित करने का निर्देश दिया था.

डिजिटल एरेस्ट, जुआ और सेक्सटॉर्शन

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, “डीआरआई द्वारा ज़ब्त किए गए ये वीओआइपी उपकरण साइबर अपराधों को अंजाम देने के लिए हाई-टेक स्पूफिंग सेंटर या स्टूडियो स्थापित करने के लिए थे. एक बार चालू होने के बाद, इन्हें केके पार्क के अंदर बैठे चीनी संचालकों द्वारा दूर से नियंत्रित किया जाना था. वे दरभंगा में चौथा स्पूफिंग केंद्र स्थापित करने की फिराक में थे, लेकिन उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया. जाँच में पता चला है कि उन्होंने नई दिल्ली के जनकपुरी में भी ऐसा ही एक स्पूफिंग केंद्र स्थापित किया था. रोशन मुंबई में अंतरराष्ट्रीय साइबर अपराधियों के संपर्क में आया.” उन्होंने आगे कहा, आप दुनिया भर में डिजिटल एरेस्ट, जुआ घोटालों और सेक्सटॉर्शन के मामलों के रूप में जो कुछ देखते हैं, उनमें से अधिकतर केके पार्क से संबंद्ध होते हैं.

अत्याधुनिक संचार उपकरण बरामद

डीआरआई और बिहार पुलिस द्वारा की गई छापेमारी में अत्याधुनिक संचार उपकरण बरामद हुए. आरोपियों ने कथित तौर पर लोगों को मुफ्त सिम कार्ड, असीमित अवधि के लिए असीमित डेटा, मुफ्त पावर बैंक और हेयर ट्रिमर का लालच दिया. उन्होंने विभिन्न सेवा प्रदाताओं से कई सिम कार्ड खरीदे, जिनका इस्तेमाल बाद में साइबर धोखाधड़ी में किया गया.

इन धाराओं में मामला दर्ज

इस बीच, बिहार साइबर पुलिस ने दरभंगा के साइबर थाने में (थाना कांड संख्या 72/25) भारतीय दंड संहिता की धारा 111(12), 111(3), 318(4), 319(2), 336(3), 337, 338, 339, 340(20), और 3(5) के साथ-साथ आईटी एक्ट की धारा 66(सी) और 66(डी) के तहत एक प्राथमिकी दर्ज की है. बिहार पुलिस की आर्थिक अपराध इकाई इस मामले की जाँच कर रही है.

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