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Home बिहार दरभंगा खरीफ कर्मशाला में नहीं पहुंचे कृषि वैज्ञानिक, निराश लौटे किसान

खरीफ कर्मशाला में नहीं पहुंचे कृषि वैज्ञानिक, निराश लौटे किसान

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खरीफ कर्मशाला में नहीं पहुंचे कृषि वैज्ञानिक, निराश लौटे किसान

बेनीपुर. स्थानीय किसान सभा भवन में गुरुवार को प्रखंड स्तरीय खरीफ महाअभियान सह प्रशिक्षण कर्मशाला का आयोजन किया गया. उद्घाटन किसान समिति सदस्य के अध्यक्ष नरेश झा व बीएओ सूर्य कुमार ने किया. हालांकि कार्यक्रम में एक भी कृषि वैज्ञानिक, स्थानीय जनप्रतिनिधि व स्थानीय अधिकारियों के नहीं पहुंचने से किसानों में मायूसी दिखी. किसानों का कहना था कि कर्मशाला की खानापूरी कर सरकारी राशि की बंदर-बांट हो रही है. किसानों ने बताया कि कार्यशाला में वैज्ञानिक तरीकों से धान की खेती करने की जानकारी देनेवाले कोई नहीं थे. बीएओ व कृषि समन्वयक ने ही मंतव्य रखते हुए कार्यशाला संचालन की महज खानापूरी कर दी. इस दौरान कृषि समन्वयक पंकज कुमार साह ने किसानों को मिट्टी जांच, मखाना की खेती पर सरकार द्वारा दिये जाने वाले अनुदान, प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि आदि से संबंधित जानकारी दी. वहीं बीएओ ने किसानों से जैविक खाद के रुप में मूंग व ढैंचा लगाने की सलाह दी. इससे फसल को होने वाले फायदे बताये. कहा कि ढैंचा व मूंग में 75 प्रतिशत नाइट्रोजन की मात्रा होती है. इससे मिट्टी को जल संधारण की क्षमता बढ़ती है. इसके अलावा कार्बनिक खाद के रूप में भी पौधे को उर्वरक उपलब्ध होता है. इधर कार्यशाला में कृषि वैज्ञानिक, स्थानीय अधिकारी व जनप्रतिनिधियों की मौजूदगी के संबंध में पूछने पर बीएओ ने कहा कि कर्मशाला में भाग लेने के लिए जिला से पौध संरक्षण विभाग के सहायक निदेशक साहिल जमाल, कृषि अभियंत्रण के सहायक निदेशक डॉ आकांक्षा सहित अनुमंडल कृषि पदाधिकारी को अधिकृत किया गया था, लेकिन किसी ने भाग नहीं लिया. उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधि व विशिष्ट अतिथि के रूप में प्रमुख चौधरी मुकुंद राय एवं बीडीओ प्रवीण कुमार को भी आमंत्रित किया गया था, लेकिन कोई नहीं पहुंचे. इस कारण अधिकांश किसान कर्मशाला से भाग लिए बगैर वापस चले गये. इस दौरान कृषि समन्वयक वरुण प्रसाद, विनय कुमार, अजित कुमार आदि मौजूद थे.

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