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बिहार के सभी सरकारी स्कूलों में होगी कंप्यूटर की पढ़ाई, पेशेवर प्रोफेशनल लेंगे कक्षाएं

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बिहार के सभी सरकारी स्कूलों में होगी कंप्यूटर की पढ़ाई, पेशेवर प्रोफेशनल लेंगे कक्षाएं

पटना. जिस तरीके की कवायद हो रही है, उससे लगता है कि शिक्षा विभाग बिहार के सरकारी स्कूलों का स्तर बदल कर रख देगा. अब सरकारी स्कूलों के बच्चे भी माउस और की बोर्ड पर हाथ चलायेंगे. अब प्रत्येक माध्यमिक और उच्च माध्यमिक विद्यालय में कंप्यूटर की क्लास ली जाएगी. इसके लिए तैयारी करने का आदेश बिहार शिक्षा परियोजना परिषद और राज्य शिक्षा शोध एवं प्रशिक्षण परिषद को दिया है. अब सभी माध्यमिक और उच्च माध्यमिक स्कूलों में 20 कंप्यूटर और मध्य में 10-10 कंप्यूटर सिस्टम उपलब्ध कराये जायेंगे.

लगभग 600 करोड़ उपलब्ध कराये जायेंगे

शिक्षा विभाग ने वित्तीय वर्ष 2023-24 में समग्र शिक्षा की राशि में से प्रदेश के 10 हजार प्राथमिक और मध्य स्कूलों में कंप्यूटर/ लैपटॉप एवं आइसीटी इंस्ट्रक्टर उपलब्ध कराने के आदेश बिहार शिक्षा परियोजना को दिये हैं. निर्देश में कहा है कि 15 अगस्त से इन विद्यालयों में कंप्यूटर कक्षाएं चरणबद्ध तरीके से शुरू की जाएं. बिहार शिक्षा परियोजना यह सुनिश्चित करे कि प्राथमिक/ मध्य विद्यालय के शिक्षकों के लिए कंप्यूटर /टैब सुविधा भी इसी योजना के तहत इंटीग्रेटेड तरीके से दी जाये. इसके लिए लगभग 600 करोड़ उपलब्ध कराये जायेंगे. यह दिशा- निर्देश अपर मुख्य सचिव केके पाठक की अध्यक्षता में समग्र शिक्षा योजना के संदर्भ में आयोजित बैठक में दिये गये. इस दौरान समग्र शिक्षा के एक्शन प्लान पर विमर्श हुआ.

पेशेवेर प्रोफेशनल चलायेंगे कक्षाएं

कंप्यूटर की पढ़ाई के लिए पेशेवेर प्रोफेशनल की सेवा मानदेय के आधार पर ली जाएगी. इसके साथ ही सभी कंप्यूटर पैनलबद्ध वेडर्स के जरिए लगवाए जाएंगे. इस कंप्यूटर के माध्यम से ई-लाइब्रेरी की सुविधा भी उपलब्ध कराई जाएगी. इसके लिए राज्य शिक्षा शोध एवं प्रशिक्षण परिषद को नोडल एजेंसी बनाया जाएगा. ई-लाइब्रेरी में कक्षा छह से बारह तक के कक्षाओं के लिए अध्ययन सामग्री, प्रश्न पत्र बैंक, गेस पेपर, प्रैक्टिस पेपर्स और मल्टी मीडिया कंटेंट उपलब्ध कराया जाएगा.

15 अगस्त से कंप्यूटर की क्लास शुरू होगी

शिक्षा विभाग ने नये फरमान में कहा है कि प्रदेश के सभी सरकारी विद्यालयों में 15 अगस्त से कंप्यूटर की क्लास शुरू होगी. यह आदेश बिहार शिक्षा परियोजना परिषद और राज्य शिक्षा शोध एवं प्रशिक्षण परिषद को देते कहा गया है कि स्कूल में कंप्यूटर की पढ़ाई की व्यवस्था विंडो ऑपरेटिंग सिस्टम के माध्यम से की जाएगी. शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव केके पाठक ने प्रत्येक माध्यमिक और उच्च माध्यमिक विद्यालय में 20 लैपटाप और प्रत्येक मध्य विद्यालय में 10 कंप्यूटर सेट उपलब्ध कराने का आदेश दिया है. इसके साथ ही यह भी आदेश दिया है कि राज्य के सभी सरकारी स्कूल में किसी भी हाल में 15 अगस्त से कंप्यूटर की क्लास शुरू हो जानी चाहिए.

लैपटाप की सुरक्षा की जिम्मेदारी प्रधानाध्यापक को

इसको लेकर वो खुद औचक निरक्षण भी कर सकते हैं. शिक्षा विभाग से जारी आदेश में यह भी साफ़ किया गया है कि स्कूल में लैपटाप की सुरक्षा की जिम्मेदारी प्रधानाध्यापक यानी हेडमास्टर की होगी. वह यह सुनिश्चित करेंगे शाम में स्कूल की टाइमिंग समाप्त होने के बाद सभी लैपटाप वापस बंद कर किसी आलमारी अथवा लोहे के बक्से में रखा जाए. चोरी होने पर इसकी जिम्मेवारी सीधे तौर पर प्रधानाध्यापक पर मानी जाएगी. इसलिए जहां-जहां लैपटाप लगाए जाएंगे, वहां रात्रि प्रहरी की व्यवस्था सुनिश्चित करेंगे. रात्रि प्रहरी को राशि विद्यालय के विकास कोष या छात्र कोष से दी जाएगी.

11717 विद्यालयों के 30379 शौचालयों दुरुस्त कराने का निर्देश

बैठक में बताया गया कि 11717 विद्यालयों के 30379 शौचालयों दुरुस्त कराने के लिए निविदा आमंत्रित करने की कार्रवाई प्रारंभ की गयी है. इसमें 188 करोड़ के टेंडर किये जा रहे हैं. बिहार शिक्षा परियोजना से अनुरोध किया गया कि अन्य मदों से राशि प्राप्त करने की कोशिश करें, ताकि 11717 विद्यालयों के अतिरिक्त और भी विद्यालयों में शौचालयों को चालू किया जाये. कहा गया है कि राज्य के प्राथमिक विद्यालयों में अधिकतर शौचालय चालू हालत में नहीं हैं. चालू वित्तीय वर्ष में इन सब को चालू करने का लक्ष्य दिया गया है. इस पूरी कवायद को विद्यालय स्वच्छता मिशन का नाम दिया जाये. इस संबंध में टेंडर की प्रक्रिया जब भी हो तो यह सुनिश्चित करें कि एजेंसी को तीन साल के लिए न सिर्फ शौचालयों का निर्माण करना होगा, बल्कि उसकी साफ-सफाई भी करनी होगा.

शौचालयों की सफाई के लिए मिलेंगे 70 करोड़

फिलहाल जब तक शिक्षा बिहार शिक्षा परियोजना स्कूली शौचालयों के लिए एक विशेष व्यवस्था तय नहीं कर लेती है, तब तक विभाग की तरफ से सूची बद्ध एजेंसी के माध्यम से शौचालों की दैनिक साफ सफाई करायी जाये. प्राथमिक विद्यालयों में इसके लिए शिक्षा विभाग 70 करोड़ की राशि मुहैया करायेगा. माध्यमिक स्कूलों के लिए कुल 23.34 करोड़ की राशि दी जायेगी. हालांकि, यह राशि उन स्कूलों को दी जायेगी, जिनमें छात्र एवं विकास कोष में पर्याप्त राशि नहीं है. जिन विद्यालयों में समुचित राशि नहीं है, वह विभाग की तरफ से तय दरों पर वेंडर से यह काम करा सकते हैं. दूसरी तरफ, एससीइआरटी को शिक्षकों की ट्रेनिंग की अधियाचना भेजने के निर्देश दिये गये हैं. इसके लिए प्रति प्रधानध्यापक 1200 रुपये और प्रति अध्यापक यह बजट 800 रुपये निर्धारित है. केंद्र से पांच सौ रुपये प्रति अध्यापक मिलता है. शेष राशि विभाग देगा.

राशि कैसे खर्च करेंगे, एक सप्ताह में एक्शन प्लान बनाने दिये निर्देश

  • – निपुण भारत मिशन के तहत 464.55 करोड़ का व्यय करने बीइपीसी बनायगी एक्शन प्लान

  • – खेल इत्यादि खर्च करने बनायें एक्शन प्लान, 69.15 करोड़ की राशि प्रावधानित

  • – प्रोग्राम मैनेजमेंट के लिए स्वीकृत 273.95 करोड़ खर्च करने के लिए बनायी जाये कार्ययोजना

  • – माध्यमिक विद्यालयों में विज्ञान लैब संचालित करने आउटसोर्सिंग के जरिये करने का प्रस्ताव है विचाराधीन. बीइपीसी तय करेगा कि इसके लिए राशि कहां से ली जा सकती है.

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