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प्राथमिक शिक्षा को और अधिक रोचक बनाने के लिए किया जा रहा काम

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प्राथमिक शिक्षा को और अधिक रोचक बनाने के लिए किया जा रहा काम

डुमरांव . जिला शिक्षा व प्रशिक्षण संस्थान के तत्वाधान में जिला सशक्तिकरण कार्यक्रम के अंतर्गत डिजिटल कोर्स एवं प्रोजेक्ट के सामग्री निर्माण, संचालन एवं प्रभाव के अध्ययन के लिए का दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला का गुरुवार को समापन किया गया. कार्यशाला के संबंध में प्राचार्य विवेक कुमार मौर्य ने कहा कि नई शिक्षा नीति 2020 में पढ़ने की प्रकिया को आनंददायी बनाने की बात कही गयी है, जिसे ध्यान में रखकर प्राथमिक शिक्षा को और अधिक रोचक बनाने के लिए शिक्षण प्रक्रिया को बाल साहित्य से जोड़ना है. बाल साहित्य के संदर्भ में शिक्षकों की अवधारणा, विचार और समझ में नयापन लाने के लिए ऐसे कोर्स का निर्माण किया जा रहा है. आईपीईएल से जुड़े बाल साहित्य विशेषज्ञ नवनीत नीरव ने कॉन्फ्रेंस के माध्यम से इस कोर्स निर्माण की ढांचा, शैली और कंटेंट पर विचार व्यक्त किये. उन्होंने बताया कि इस कोर्स का निर्माण वैसे शिक्षकों के लिए हो रहा है, जो प्राथमिक कक्षाओं में काम कर रहे हैं. इस ऑनलाइन कोर्स के माध्यम से प्रशिक्षित होकर कक्षाओं में बाल साहित्य का प्रयोग कर पाएंगे. कार्यशाला के प्रथम दिन शिक्षकों ने कोर्स का उद्देश्य, उसकी ढांचा पर समूहवार चर्चा किए. वे छोटे छोटे समूहों में बटकर सामूहिक विमर्श के द्वारा कोर्स के निर्माण किए. दुसरे दिन इस कोर्स से जुड़े एम आई पी के निर्माण की चर्चा की गयी. दीक्षा कोर्स कोर्डिनेटर नवनीत कुमार सिंह ने बताया कि इस कार्यशाला में बाल साहित्य का कक्षा शिक्षण में कैसे प्रयोग करें? इसके लिए कोर्स का निर्माण किया जा रहा है. जिसे दीक्षा पोर्टल पर अपलोड किया जायेगा. कार्यशाला समाप्ति के उपरांत सभी को प्रमाण पत्र भी वितरित किए गये. इस कार्यशाला में मंत्रा फॉर चेंज से गुंजन चतुर्वेदी, कोर्स क्रिएटर डॉ दिनेश सिंह, आईपीईएल के प्रियंका पंडित, धीरज कुमार और कोर्स लेखन समूह से भगवान सत्यनारायण, मो. इमाम अली अंसारी, पवन मिश्र, विमल कुमार सिंह, नूपुर, दुर्ग मांगे, शालिनी सिंह, शिखा सिंह, राजेश कुमार सिंह, पूर्णानन्द मिश्र, प्रिया श्रीवास्तव, प्रवीण कुमार, सतेंद्र ओझा, संदीप आर्य, सूर्य प्रकाश गुप्त व अन्य सभी उपस्थित रहें.

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