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Home बिहार बक्सर फाइल- 18- बक्सर जिले में अभी तक मात्र 38.48 फीसदी हुई है गेहूं की बोआई, किसान परेशान

फाइल- 18- बक्सर जिले में अभी तक मात्र 38.48 फीसदी हुई है गेहूं की बोआई, किसान परेशान

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फाइल- 18- बक्सर जिले में अभी तक मात्र 38.48 फीसदी हुई है गेहूं की बोआई, किसान परेशान
सांकेतिक तस्वीर

24 दिसंबर- फोटो- 12- गेहूं की बोआई करते किसान.

प्रतिनिधि बक्सर. जिले में रबी मौसम के दौरान गेहूं की बुआई की रफ्तार इस वर्ष काफी धीमी है. सामान्य तौर पर कृषि वैज्ञानिकों और कृषि विभाग द्वारा यह माना जाता है कि गेहूं की बोआई का उपयुक्त समय 15 नवंबर से 15 दिसंबर के बीच होता है, ताकि फसल को अनुकूल तापमान, पर्याप्त समय और बेहतर पैदावार मिल सकें.लेकिन 24 दिसंबर बीत जाने के बाद भी जिले में गेहूं की बोआई मात्र 38.43 प्रतिशत ही हो पाई है, जो न केवल किसानों बल्कि कृषि विभाग के लिए भी चिंता का विषय बन गया है. विभागीय आंकड़ों के अनुसार जिले में कुल 99,605.45 हेक्टेयर क्षेत्रफल में गेहूं की खेती का लक्ष्य निर्धारित किया गया है. इसके मुकाबले अब तक केवल 38,277.994 हेक्टेयर में ही बुआई पूरी हो सकी है. शेष लगभग 61 हजार हेक्टेयर से अधिक क्षेत्र में अभी बुआई बाकी है. विशेषज्ञों का मानना है कि यदि आने वाले दिनों में बोआई और अधिक देर से होती है, तो इसका सीधा असर गेहूं की उत्पादकता और गुणवत्ता पर पड़ेगा.

लेट बोआई से घट सकती है उपज :

कृषि वैज्ञानिकों डाॅ देवकरण ने कहां कि समय से की गई बुआई से गेहूं को लंबी अवधि तक ठंडा तापमान मिलता है, जिससे पौधों की जड़ें मजबूत होती हैं और बालियों का विकास बेहतर होता है. वहीं, देर से बुआई होने पर फसल को अपेक्षाकृत कम समय मिलता है और मार्च-अप्रैल की बढ़ती गर्मी का असर सीधे दाने भरने की अवस्था पर पड़ता है. इससे दाने सिकुड़ जाते हैं और प्रति हेक्टेयर उपज में 10 से 20 प्रतिशत तक की कमी आ सकती है. जिला कृषि पदाधिकारी धर्मेंद्र कुमार ने कहना कि यदि किसान दिसंबर के अंतिम सप्ताह या जनवरी में गेहूं की बोआई करते हैं, तो उन्हें अगेती किस्मों के बजाय देर से पकने वाली या अल्पावधि किस्मों का चयन करना चाहिए, ताकि नुकसान को कुछ हद तक कम किया जा सके.

बोआई में देरी के कारण परेशान :

जिले में गेहूं की बुआई में देरी के पीछे कई कारण सामने आ रहे हैं. किसानों के अनुसार मेंंथा तूफान को आने से धान की कटाई में देरी हुआ. इस वर्ष धान की फसल देर से पकने के कारण खेत समय पर खाली नहीं हो सके. जिसके कारण खेती में बुआई के लेट हो रहा. जिसका सीधा असर उत्पादन पर पड़ेगा.

किस प्रखंड में कितना है बोआई का लक्ष्य और कितना हुआ है बोआई

प्रखंड लक्ष्य बोआई

ब्रह्मपुर 10054.98 2300.59

बक्सर 8816.50 2357.60

चक्की 811.00 424.00

चौसा 7008.40 3602.00

चौगाई 3278.10 837.60

डुमरांव 13155.75 4302.20

इटाढ़ी 15598.50 7741.00

केसठ 1900.00 727.00

नावानगर 12803.50 4529.50

राजपुर 19075.72 5598.75

सिमरी 7103.00 5857.70

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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