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पछुआ हवा के कारण तापमान पहुंचा 42 डिग्री सेल्सियस

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पछुआ हवा के कारण तापमान पहुंचा 42 डिग्री सेल्सियस

बक्सर. उमस भरी गर्मी से पिछले कई दिनों से लोगों का जन जीवन काफी बेहाल हो गया है. शरीर का पसीना न तो सुख रहा है और न ही कुलर व पंखे की हवा से घरों में भी राहत महसूस हो रही है. वहीं बाहर आग जैसी तेज गर्मी के कारण बाहर निकलना भी मुश्किल हो गया है. बाहर तेज पछुआ हवा के कारण गर्म हवा चलती रही. दिन में तापमान वृद्धि होने के कारण उमस भरी गर्मी से लोगों के जीवन के साथ जीवों का भी जीवन पूरी तरह प्रभावित हो गया है. रविवार को मौसम विभाग के अनुसार जिले का तापमान 42 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया. इसके साथ ही उमसभरी गर्मी से लोग बेहाल हो गये है. जिससे लोग काफी प्रभावित हो गये है. असहनीय गर्मी के कारण आम जनों के साथ ही पशु पक्षियों एवं कामगारों का भी जीवन यापन की परेशानी सामने आने लगी है. जिसके कारण लोगों को गर्मी से राहत नहीं मिल रही है. लोग गर्मी से राहत के लिए ग्रामीण क्षेत्रों में बगीचे में शरण ले रहे है. वहीं पंखा की हवा तक लोगों को राहत पहुंचाने में विफल साबित हो रहा है. उमस भरी गर्मी के कारण लोगों के शरीर से ज्यादा पसीना निकलने के कारण लोगों में डिहाईड्रेशन की समस्या बढ़ सकती है. ऐसे में लोगों को ज्यादा से ज्यादा पानी सेवन करने की सलाह चिकित्सकों द्धारा दी गई है. जिससे इस उमस भरी गर्मी से राहत प्राप्त किया जा सके. जिले में तापमान 42 डिग्री सेल्सियस बना हुआ है. वहीं उमस भरी गर्मी के कारण लोगों को 47 डिग्री तापमान का अनुभव हो रहा है. जिसके कारण लोगों को हाल बेहाल हो गया है. उमस भरी गर्मी से जनजीवन बेपटरी, पशु पक्षी भी परेशान चक्की. भीषण गर्मी एवं लू चलने से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है. चक्की प्रखंड अंतर्गत गांवों के खेल के मैदानों से लेकर गालियों तक सन्नाटा पसरा है. उमस भरी गर्मी व भीषण लू के थपड़े चल रहे हैं. लोग घरों से कम निकल रहे हैं. सामान्य कामकाज भी प्रभावित होने लगा है. स्कूली बच्चों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. देर शाम तक लू चलने से परेशानी बढ़ गई है. रात में भी राहत नहीं मिल रही है. दोपहर तो काटे नहीं कट रही है. सुबह सूर्यदेव की आंख खुलते ही दिन तपने लगता है. लू के कहर से लोग कहीं आने-जाने से भी परहेज कर रहे हैं. सुबह नौ बजे के बाद लू के कहर से लोग घर से बाहर निकलने से परहेज कर रहे हैं. वहीं शाम के समय में भी खेल के मैदानों में बच्चे कम दिखाई पड़ रहे हैं. महीनों से चल रही उमस भरी गर्मी से पशु पक्षी भी परेशान हैं. पशु चिकित्सक कुमारी मनीषा ने बताया कि इस समय गर्मी बहुत बढ़ गई है. इसमें खासकर पशु को हीट स्ट्रोक होने का खतरा रहता है. इससे बचाने के लिए पशुओं को सुबह-सुबह स्नान कराकर ठंडे एवं हवादार जगह पर रखना चाहिए. साथ ही दोपहर में ओआरएस एवं ग्लूकोज पानी में मिलाकर पिलाना चाहिए. पंखा कूलर की ठंडी हवा में रखना चाहिए ताकि पशु हिट स्ट्रोक से बचें सके. लू चलने से जीवन अस्त व्यस्त हो गया है. लू के थपड़ों से लग रहा है कि शरीर जल जाएगा. इस समय लू से ज्यादा लोग ग्रसित भी हैं. इस संबंध में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारी चिकित्सा डॉक्टर अंजनी कुमार ने बताया कि लू से बचना बहुत जरूरी है. लू की पहचान बुखार के साथ चक्कर आना व दस्त होना , ज्यादा प्यास लगनी, बार बार मुंह सुखना, मांसपेशियों में ऐंठन होता है. वह जल्द ही अपने नजदीकी डॉक्टर से दिखाकर दवा लेना शुरू करे. इस भीषण गर्मी से बचने के लिए सादा भोजन करना चाहिए . खीरा, ककड़ी, तरबूज, छाछ, दही, लस्सी आदि का सेवन अत्यधिक मात्रा में करना चाहिए. अधिक से अधिक ग्लूकोस, इलेक्ट्राल आदि का इस्तेमाल करना चाहिए ज्यादा से ज्यादा पानी पीना चाहिए. ज्यादा जरूरी काम होने पर ही घर से बाहर निकलें और लू से बच कर रहना चाहिए. लू से बचने के लिए ठंड से ठंडा जगह रहें एसी पंखा, कूलर के हवा के पास रहना चाहिए ताकि लू का असर होने न पाए. बताते चलें कि भीषण गर्मी में बिजली कटौती से भी लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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