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लंबे इंतजार के बाद भी नहीं चालू हुआ निकृष पंप कैनाल, किसान मायूस

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लंबे इंतजार के बाद भी नहीं चालू हुआ निकृष पंप कैनाल, किसान मायूस

फाइल-1- 6 जून- फोटो-1- निर्माणाधीन निकृष पंप कैनाल राजपुर . प्रखंड के पश्चिमी क्षेत्र के किसानों के लिए बन रहा निकृष पंप कैनाल का कार्य समय पर पूरा नहीं हुआ. लंबे इंतजार के बाद भी इससे सिंचाई का पानी किसानों के लिए नहीं मिल पाया है. इससे किसान काफी मायूस है.पिछले कई वर्षों से सूखे की मार झेल रहे इस क्षेत्र के किसान आर्थिक रूप से कमजोर हो चुके हैं. इस क्षेत्र के रामपुर, निकृष, डिहरी, मंगरॉव, संगरॉव एवं आसपास के कई गांव के बधार के लगभग 1600 एकड़ से अधिक खेत सिंचाई के अभाव में परती रह जाता है. पिछले दो वर्षों पर नजर डालें तो कुछ किसानों ने अपने खेतों में निजी समरसेबल कर खेती शुरू किया है. फिर भी अभी अधिकतर खेत पशुओं का चारागाह बना रहता है.सरकार के पहल पर कर्मनाशा नदी पर बन रहे इस पंप कैनाल से किसानों को उम्मीद जगी थी कि पानी समय पर मिलने पर फसल की पैदावार के साथ समेकित कृषि प्रणाली की ओर किसान मुड़ेंगे एवं अपनी आर्थिक उन्नति करेंगे. अभी फिलहाल उनके उम्मीद पर पानी फिर गया है. क्षेत्र के किसान सह सेवानिवृत शिक्षक जनार्दन राय के प्रयास से समाजसेवी संस्थाओं एवं किसानों की मांग पर पिछले 10 वर्ष से अधिक समय से यह कार्य चल रहा है. कोरोना काल में कार्य गति धीमी होने से समय पर काम पूरा नहीं हुआ. फिर भी जिलाधिकारी ने इस कार्यस्थल का निरीक्षण किया तो उस समय बताया गया कि दिसंबर 2023 तक किसानों को पानी मिल जाएगा. जो अब तक नहीं मिल पाया है. हर बार कार्य एजेंसी की तरफ से एक नई तारीख दे दी जाती है. 2012 में मिली थी मंजूरी कर्मनाशा नदी चौसा प्रखंड के अंतर्गत आता है. जहां पंप कैनाल का निर्माण कार्य चल रहा है. लगभग 68 करोड़ की लागत से इसका निर्माण किया जा रहा है. जिससे लगभग 2700 हेक्टेयर सिंचित भूमि की सिंचाई करने की कार्य योजना है.क्षेत्र के किसान विनय पांडेय,विमल राय, मुन्ना पाठक ,ललन पांडेय एवं अन्य किसानों ने बताया कि समय पर पंप कैनाल से पानी नहीं मिलने से इस बार भी किसान काफी मायूस है. समय पर धान का बिचड़ा नहीं डाला गया है.जिन खेतों के पास बिजली एवं डीजल पंप है. वहां बिचड़ा डालने की तैयारी कर रहे हैं. अगर इस बार भी समय पर पानी नहीं मिला तो रबी फसल भी प्रभावित होगा.

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