[tdb_header_weather inline="yes" temp_color="#000000" loc_color="#000000" api="653566bd56b7ecfee45d74c0fc937fc1" float_right="yes" align_horiz="content-horiz-center" icon_size="24" icon_space="10" f_temp_font_family="420" f_temp_font_size="14" f_temp_font_weight="500" f_unit_font_size="14" f_loc_font_size="14" f_unit_font_family="882" location="Ranchi" icon_color="#000000"]
[tdb_header_categories align_horiz="content-horiz-left" el_align_horiz="content-horiz-left" tdc_css="eyJhbGwiOnsibWFyZ2luLXJpZ2h0IjoiNSIsImhlaWdodCI6IjQwIiwiZGlzcGxheSI6IiJ9fQ==" icon_size="18" limit="18" elem_text_color="#2d2800" f_elem_font_family="420" f_elem_font_size="16px" f_elem_font_weight="500" tdicon="tdc-font-fa tdc-font-fa-navicon-reorder-bars" inline="yes" shadow_shadow_size="0" shadow_shadow_offset_vertical="0" shadow_shadow_spread="0" bg_color="#f9f9f9" include="1028, 1081, 1446, 1228, 3706, 2624,1071"][tdb_mobile_horiz_menu inline="yes" menu_id="372" tdc_css="eyJwaG9uZSI6eyJkaXNwbGF5IjoiIn0sInBob25lX21heF93aWR0aCI6NzY3LCJhbGwiOnsiYm9yZGVyLXN0eWxlIjoibm9uZSIsImRpc3BsYXkiOiIifX0=" f_elem_font_size="18px" f_elem_font_weight="eyJhbGwiOiI3MDAiLCJwaG9uZSI6IiJ9" f_elem_font_family="420" text_color_h="#f58220" main_sub_icon_size="13"]
Home बिहार बक्सर आरा-बक्सर सीट पर होने वाले MLC उपचुनाव में ‘महिला फैक्टर’ है खास, सियासी समीकरणों में भारी उथल-पुथल

आरा-बक्सर सीट पर होने वाले MLC उपचुनाव में ‘महिला फैक्टर’ है खास, सियासी समीकरणों में भारी उथल-पुथल

0
आरा-बक्सर सीट पर होने वाले MLC उपचुनाव में ‘महिला फैक्टर’ है खास, सियासी समीकरणों में भारी उथल-पुथल
सांकेतिक तस्वीर

MLC By Election: (मृत्युंजय सिंह) बिहार की राजनीति में स्थानीय प्राधिकारी निर्वाचन क्षेत्र में एमएलसी का चुनाव हमेशा से ही रसूख और जमीनी पकड़ की परीक्षा माने जाते रहे हैं. भोजपुर-सह-बक्सर सीट पर हो रहे उपचुनाव ने इस बार एक नया रिकॉर्ड बनाया है. चुनावी आंकड़ों के विश्लेषण से साफ है कि इस बार बक्सर जिले की महिला मतदाता ही वह ‘एक्स-फैक्टर’ हैं, जो किसी भी प्रत्याशी की नैया पार लगा सकती हैं या डुबो सकती हैं.

चुनाव में ‘महिला फैक्टर’ क्यों है खास?

यह उपचुनाव पूर्व एमएलसी राधा चरण साह के इस्तीफे (संदेश विधानसभा से विधायक बनने के बाद) से खाली हुई सीट को भरने के लिए हो रहा है. इस चुनाव की सबसे दिलचस्प बात यह है कि बक्सर जिले में महिला जनप्रतिनिधियों (वोटरों) की संख्या पुरुषों से काफी अधिक है.

बक्सर में कितनी है वोटरों की संख्या?

बक्सर में टोटल वोटरों की संख्या 2,303 है. इनमें महिला वोटर 1,223 जबकि पुरुष वोटर 1,080 हैं. आंकड़ों के मुताबिक, बक्सर में महिलाओं की संख्या पुरुषों से 143 अधिक है. इसका सीधा मतलब यह है कि वार्ड सदस्य, मुखिया, बीडीसी और जिला परिषद जैसे पदों पर महिलाओं का दबदबा है. राजनीतिक जानकारों का मानना है कि जो उम्मीदवार महिलाओं के मुद्दों और उनके मान-सम्मान को केंद्र में रखकर प्रचार कर रहा है, उसकी बढ़त तय है.

प्रखंडवार जंग कहां कितनी ताकत?

बक्सर जिले के 11 प्रखंडों में चुनाव की बिसात बिछ चुकी है.सिमरी का रण 337 वोटरों के साथ सिमरी जिला का सबसे बड़ा चुनावी केंद्र है. यहाँ की एक-एक सीट पर प्रत्याशियों की पैनी नजर है.राजपुर और ब्रह्मपुर: राजपुर 298 और ब्रह्मपुर 288 में भी बड़ी संख्या में वोटर हैं, जो परिणाम को पलटने की क्षमता रखते हैं.

छोटे प्रखंडों का बड़ा असर

केसठ 54, चककी 64 और चौगाई 77 जैसे छोटे प्रखंड भले ही संख्या में कम हों, लेकिन उपचुनाव की नजदीकी लड़ाई में ये ‘टिपिंग पॉइंट’ साबित हो सकते हैं. इस उपचुनाव में प्रत्याशियों के लिए चुनौती यह है कि वे भोजपुर (आरा) के साथ-साथ बक्सर के ग्रामीण इलाकों में भी अपनी पकड़ मजबूत करें. भोजपुर में 3,783 वोटर हैं, जहां भी महिला वोटरों (2,031) की संख्या पुरुषों (1,752) से अधिक है.

प्रशासन की तैयारी, सुरक्षा व्यवस्था टाइट

जिला निर्वाचन पदाधिकारी सह डीएम की अध्यक्षता में हुई हालिया बैठकों में साफ निर्देश दिए गए हैं. बक्सर में 11 बूथ बनाए गए हैं, जहां सुरक्षा के लिए अर्धसैनिक बलों और स्थानीय पुलिस की तैनाती रहेगी. पूरी मतदान प्रक्रिया की वीडियोग्राफी कराई जाएगी. चुनावी खर्च और प्रचार प्रसार पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है ताकि धनबल का दुरुपयोग न हो सके.

स्थानीय विश्लेषकों का कहना है कि एमएलसी चुनाव अक्सर व्यक्तिगत संबंधों और स्थानीय समीकरणों पर टिका होता है. यह उपचुनाव आगामी 12 मई को होने जा रहा है, ऐसे में गर्मी के इस मौसम में बक्सर की ‘सियासी तपिश’ भी चरम पर है. महिला प्रतिनिधियों का एक बड़ा वर्ग साइलेंट वोटर की तरह व्यवहार कर रहा है, जो आखिर में चौंकाने वाले परिणाम दे सकता है.

Also Read: पटना मेट्रो का खेमनीचक स्टेशन कब तक होगा तैयार? कॉरिडोर-1 का 70 प्रतिशत काम बाकी

Previous article KATIHAR : डॉ मिलन कुमार बने केबी झा कॉलेज के नये मुख्य परीक्षा नियंत्रक
Next article कल है मासिक कृष्ण जन्माष्टमी, जल्दी से नोट कर लें पूजा सामग्री
Avatar Of Preeti Dayal
प्रीति दयाल, प्रभात खबर डिजिटल में बतौर कंटेंट राइटर काम कर रहीं हैं. यूट्यूब पोर्टल सिटी पोस्ट लाइव से पत्रकारिता की शुरुआत की. इसके बाद डेलीहंट और दर्श न्यूज जैसे मीडिया संस्थानों में काम कर चुकीं हैं. डिजिटल मीडिया और कंटेंट राइटिंग में साढ़े 3 साल का अनुभव है. खबरें लिखना, वेब कंटेंट तैयार करने और ट्रेंडिंग सब्जेक्ट पर सटीक और प्रभावी खबरें लिखने का काम कर रहीं हैं. प्रीति दयाल ने पत्रकारिता की पढ़ाई संत जेवियर्स कॉलेज ऑफ मैनेजमेंट एंड टेक्नोलॉजी से की. इस दौरान पत्रकारिता से जुड़ी कई विधाओं को सीखा. मीडिया संस्थानों में काम करने के दौरान डिजिटल जर्नलिज्म से जुड़े नए टूल्स, तकनीकों और मीडिया ट्रेंड्स को सीखा. पहली बार लोकसभा चुनाव 2024 और बिहार विधानसभा चुनाव 2025 जैसे बड़े चुनावी कवरेज में काम करने का अवसर मिला. इस दौरान बिहार की राजनीति, चुनावी रणनीतियों, राजनीतिक दलों और प्रमुख नेताओं से जुड़े कई प्रभावशाली और पाठकों की रुचि के अनुसार कंटेंट तैयार किए. चुनावी माहौल को समझते हुए राजनीतिक विश्लेषण और ट्रेंडिंग मुद्दों पर आधारित खबरों को आसान और प्रभावी भाषा में तैयार करना कार्यशैली का महत्वपूर्ण हिस्सा रहा है. कंटेंट रिसर्च, SEO आधारित लेखन, सोशल मीडिया फ्रेंडली कंटेंट तैयार करना और तेजी से बदलते न्यूज वातावरण में काम करना प्रमुख क्षमताओं में शामिल है. बिहार की राजनीति, सामाजिक मुद्दों, सिनेमा और देश-दुनिया की महत्वपूर्ण घटनाओं पर रुचि और समझ है. टीम के साथ बेहतर समन्वय बनाकर काम करना और समय सीमा के अंदर गुणवत्तापूर्ण काम पूरा करना कार्यशैली का हिस्सा है. प्रीति दयाल का उद्देश्य डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में लगातार सीखते हुए अपनी पत्रकारिता कौशल को और बेहतर बनाना और पाठकों तक विश्वसनीय और प्रभावशाली खबरें पहुंचाना है.
ऐप पर पढें
होम आप का शहर
News Snap News Reel