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दिल्ली में फंसे बक्सर के कामगारों को फसल काटने की हुई चिंता

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दिल्ली में फंसे बक्सर के कामगारों को फसल काटने की हुई चिंता

बक्सर. दिल्ली में वर्षों से रह रहे रोहतास जिला के करगहर प्रखंड अंतर्गत पिपरा गांव के कामगार गोपाल राम के पिता राम एकबाल राम एवं उनकी मां अमरावती देवी अपने बहू के साथ दिल्ली गयी थी. तभी लॉकडाउन के कारण वहीं फंस गये. अपनी आपबीती सुनाते हुए राम इकबाल राम ने बताया कि 18 मार्च को वह अपने बहू को पहुंचाने के लिए दिल्ली आये थे. लॉकडाउन से वहीं फंस गये. गांव पर गेंहू,चना की फसल पककर तैयार हो गयी है. खेतों की रखवाली करने वाला भी कोई नहीं है. घर में ताला देकर हम इस उम्मीद के साथ आये थे कि एक-दो दिन के अंदर वापस गांव चले आयेंगे. तब तक सभी गाड़ियां बंद हो गयी.

उन्होंने बताया कि अगर सरकार हमें किसी भी गाड़ी से जाने की इजाजत दे तो हम अपने घर पहुंचकर फसलों की कटाई करा सकते हैं. दिल्ली के गुड़गांव स्थित निजी कंपनी में काम करने वाले गोपाल राम, उत्तरप्रदेश के दिलदारनगर के रहने वाले परमानंद कुमार, मनोहर, धर्मेंद्र कुमार, कैमूर जिला के मोहनिया के रहने वाले नंदलाल कुमार,बक्सर के राजपुर प्रखंड के संगराव के रहने वाले रामनिवास सिंह सहित ऐसे लगभग 50 मजदूर हैं जो कंपनी बंद हो जाने से बेहाल हो गये हैं .आपबीती सुनाते हुए कहा कि कंपनी बंद हो जाने से रोजी-रोटी की समस्या उत्पन्न हो गयी है. खाने के लिए राशन मिल रहा है, परंतु छोटे से कमरे में 8 से 10 लोगों को रहने में काफी परेशानी हो रही है.

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