[tdb_header_weather inline="yes" temp_color="#000000" loc_color="#000000" api="653566bd56b7ecfee45d74c0fc937fc1" float_right="yes" align_horiz="content-horiz-center" icon_size="24" icon_space="10" f_temp_font_family="420" f_temp_font_size="14" f_temp_font_weight="500" f_unit_font_size="14" f_loc_font_size="14" f_unit_font_family="882" location="Ranchi" icon_color="#000000"]
[tdb_header_categories align_horiz="content-horiz-left" el_align_horiz="content-horiz-left" tdc_css="eyJhbGwiOnsibWFyZ2luLXJpZ2h0IjoiNSIsImhlaWdodCI6IjQwIiwiZGlzcGxheSI6IiJ9fQ==" icon_size="18" limit="18" elem_text_color="#2d2800" f_elem_font_family="420" f_elem_font_size="16px" f_elem_font_weight="500" tdicon="tdc-font-fa tdc-font-fa-navicon-reorder-bars" inline="yes" shadow_shadow_size="0" shadow_shadow_offset_vertical="0" shadow_shadow_spread="0" bg_color="#f9f9f9" include="1028, 1081, 1446, 1228, 3706, 2624,1071"][tdb_mobile_horiz_menu inline="yes" menu_id="372" tdc_css="eyJwaG9uZSI6eyJkaXNwbGF5IjoiIn0sInBob25lX21heF93aWR0aCI6NzY3LCJhbGwiOnsiYm9yZGVyLXN0eWxlIjoibm9uZSIsImRpc3BsYXkiOiIifX0=" f_elem_font_size="18px" f_elem_font_weight="eyJhbGwiOiI3MDAiLCJwaG9uZSI6IiJ9" f_elem_font_family="420" text_color_h="#f58220" main_sub_icon_size="13"]
Home बिहार बक्सर Buxar News : पंचायत चुनाव में पूरी तरह बदलेगा आरक्षण का स्वरूप, 50% सीटें महिलाओं के लिए सुरक्षित

Buxar News : पंचायत चुनाव में पूरी तरह बदलेगा आरक्षण का स्वरूप, 50% सीटें महिलाओं के लिए सुरक्षित

0
Buxar News : पंचायत चुनाव में पूरी तरह बदलेगा आरक्षण का स्वरूप, 50% सीटें महिलाओं के लिए सुरक्षित
सांकेतिक तस्वीर

Buxar News : (संतोष कांत): बक्सर जिले के ग्रामीण इलाकों में एक बार फिर चुनावी सरगर्मियां उफान पर हैं. वर्ष 2026 में होने वाले आगामी त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव को लेकर राज्य निर्वाचन आयोग के निर्देश के बाद जिला प्रशासन ने अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं.

इस बार का पंचायत चुनाव बक्सर जिले की ग्रामीण राजनीति की तस्वीर को पूरी तरह बदलने वाला साबित होगा. जिले के सभी प्रखंडों की ग्राम पंचायतों में वार्ड सदस्य से लेकर जिला परिषद सदस्य तक के पदों पर आरक्षण का स्वरूप पूरी तरह बदलने जा रहा है. नए सिरे से और वर्तमान जनसंख्या के आंकड़ों को आधार मानकर किए जा रहे इस बदलाव से संभावित उम्मीदवारों और वर्तमान जनप्रतिनिधियों के बीच गुणा-भाग का दौर शुरू हो गया है.

जानिए…क्यों बदल रहा है आरक्षण का चक्र

बिहार पंचायती राज अधिनियम के कड़े प्रावधानों के अनुसार, कोई भी पद लगातार दो आम चुनावों से अधिक समय तक एक ही श्रेणी के लिए आरक्षित नहीं रखा जा सकता है. दो चुनावों के बाद आरक्षण का चक्र (रोटेशन) बदलना कानूनी रूप से अनिवार्य है.आरक्षण निर्धारण के तहत बक्सर जिले में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में अनुसूचित जाति (SC), अनुसूचित जनजाति (ST), अत्यंत पिछड़ा वर्ग (EBC) और महिलाओं को मिलाकर कुल पदों पर अधिकतम 50 प्रतिशत तक आरक्षण देने का प्रावधान लागू रहेगा.

  • तीन बिंदु से समझिये
  • SC/ST आरक्षण: नियमों के मुताबिक, अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति को उनकी स्थानीय आबादी के सटीक अनुपात में आरक्षण दिया जाता है.
  • अत्यंत पिछड़ा वर्ग (EBC): आबादी के अनुपात के बाद शेष बचे पदों में से अत्यंत पिछड़ा वर्ग के लिए करीब 20 प्रतिशत सीटें आरक्षित की जाएंगी.
  • महिला आरक्षण: बिहार में वर्ष 2006 से लागू ऐतिहासिक कानून के तहत इस बार भी जिले के कुल पदों में से आधे (50 प्रतिशत) पद आधी आबादी यानी महिलाओं के लिए आरक्षित रहेंगे.

पुराने दिग्गजों को झटका, नए चेहरों के खुले रास्ते

आरक्षण के इस नए बदलाव से बक्सर जिले की पंचायत राजनीति के धुरंधरों को बड़ा झटका लगने की संभावना है। कई ऐसे कद्दावर नेता जो पिछले 10 वर्षों से अपनी सीटों पर काबिज थे, उनकी सीटें इस बार उनके वर्ग से बाहर हो सकती हैं. सीटों के रोटेशन के कारण कई पुराने चेहरों को चुनावी मैदान से बाहर होना पड़ सकता है.

दूसरी तरफ, इस बदलाव ने बक्सर के युवाओं, नए चेहरों और उन वर्गों के लिए चुनावी मैदान में उतरने का सुनहरा रास्ता खोल दिया है, जिन्हें पिछले दो चुनावों से प्रतिनिधित्व का मौका नहीं मिल सका था। कुल मिलाकर, बक्सर जिले में इस बार का पंचायत चुनाव बेहद दिलचस्प और अप्रत्याशित नतीजों वाला होने की उम्मीद है।

क्या होगा असर

बक्सर जिले में पिछले दो पंचायत चुनावों (वर्ष 2016 और वर्ष 2021) में जो पद लगातार एक ही जातिगत कोटि के लिए आरक्षित थे, उनका मुक्त होना अब तय है. उदाहरण के लिए, यदि किसी पंचायत में मुखिया का पद पिछले दो बार से SC या EBC के लिए आरक्षित था, तो इस बार वह सामान्य (अनारक्षित) या महिला कोटि में जा सकता है. इसी तरह, जो सीटें पिछले दो बार से सामान्य थीं, वे अब आरक्षित श्रेणियों के पाले में चली जाएंगी.

Also Read : डिजिटल अपग्रेडेशन के चलते बिजली विभाग का बड़ा फैसला

Previous article 33वें दिन भी नहीं थम रही ‘भूत बंगला’ की रफ्तार, अब तक कमाए इतने करोड़
Next article ऑनलाइन दवा बिक्री के विरोध में मेडिकल स्टोर्स बंद, मरीज परेशान
Avatar Of Ragini Sharma
मैं रागिनी शर्मा वर्तमान में पटना स्थित प्रभात खबर डिजिटल की टीम के साथ कंटेंट राइटर के रूप में कार्यरत हूं. यहां मैं बिहार के विभिन्न जिलों से जुड़ी अहम खबरों, राजनीतिक-सामाजिक मुद्दों और ट्रेंडिंग विषयों पर काम कर रही हूं. मेरा उद्देश्य हर खबर को सरल, सटीक और प्रभावी तरीके से प्रस्तुत करना है, ताकि पाठक न सिर्फ जानकारी प्राप्त करें बल्कि उससे जुड़ाव भी महसूस करें और डिजिटल पत्रकारिता को और अधिक सार्थक बनाया जा सके. पत्रकारिता की पढ़ाई के दौरान ही मैंने प्रिंट और डिजिटल मीडिया की बारीकियों को समझना शुरू कर दिया था. अपने कॉलेज के समय में हिंदुस्तान के साथ इंटर्नशिप के दौरान मुझे पहली बार वेब पोर्टल पर खबर लिखने और डिजिटल न्यूज राइटिंग का व्यावहारिक अनुभव मिला. इसी दौरान मैंने न्यूज़ लेखन, हेडलाइन स्ट्रक्चर और डिजिटल स्टोरी प्रेजेंटेशन की बुनियादी समझ विकसित की. इसके बाद वर्ष 2025 में पत्रकारिता में ग्रेजुएशन पूरा करने के साथ ही मैंने अपने प्रोफेशनल करियर की शुरुआत की. डिजिटल मीडिया में मेरी पहली भूमिका फर्स्ट बिहार झारखंड के साथ रही, जहाँ मैंने एंकरिंग और ग्राउंड रिपोर्टिंग के माध्यम से बिहार के जमीनी मुद्दों को कवर किया. इस दौरान मैंने राज्य की राजनीति, सामाजिक सरोकारों और आम जनता से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर सक्रिय रूप से रिपोर्टिंग की.
ऐप पर पढें
होम आप का शहर
News Snap News Reel