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Home बिहार बक्सर Success Story: बक्सर के लाल ने किया कमाल, अमेरिका की कंपनी अमेजन में मिला 3 करोड़ पैकेज

Success Story: बक्सर के लाल ने किया कमाल, अमेरिका की कंपनी अमेजन में मिला 3 करोड़ पैकेज

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Success Story: बक्सर के लाल ने किया कमाल, अमेरिका की कंपनी अमेजन में मिला 3 करोड़ पैकेज
सांकेतिक फोटो

Success Story: बिहार के बक्सर के रहने वाले हिमांशु पटेल ने इतिहास रचा है. सिमरी प्रखंड के बड़का सिंघनपुर गांव के रहने वाले हिमांशु ने अपनी मेहनत से सफलता की एक ऐसी इबारत लिखी है, जिसने उनके परिवार के साथ-साथ पूरे जिले का सिर गर्व से ऊंचा कर दिया है.

साधारण परिवार से ग्लोबल मुकाम तक

हिमांशु के पिता राम पटेल पेशे से एक किसान हैं. हिमांशु की शुरुआती पढ़ाई बक्सर के ही डीएवी स्कूल से हुई. उन्होंने पंजाब से बीटेक किया. यहां उन्होंने गोल्ड मेडल पाया. पहले ही प्रयास में गेट परीक्षा पास कर आईआईटी गुवाहाटी से एमटेक की डिग्री हासिल की. फिलहाल वे बेंगलुरु में अमेजन कंपनी में सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट इंजीनियर (SDE-2) के पद पर काम कर रहे हैं.

करोड़ों का पैकेज और चुनौतीपूर्ण वीजा

हिमांशु की प्रतिभा को देखते हुए अमेजन ने उन्हें अमेरिका के अर्लिंग्टन स्थित अपने मुख्यालय में एक स्पेशल प्रोजेक्ट के लिए चुना है. खास बात यह है कि उन्हें अमेरिका का L1B वीजा मिला है. इसे हासिल करना दुनिया के सबसे मुश्किल कामों में से एक माना जाता है. अब अमेरिका में उनका सालाना पैकेज लगभग 2.5 से 3 करोड़ रुपये के बीच होगा.

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सफलता का श्रेय अपनों को

अपनी इस शानदार कामयाबी का श्रेय हिमांशु ने अपने माता-पिता, अपने बड़े पापा कमला शंकर प्रसाद और अपने दोस्तों को दिया है. हिमांशु की इस उपलब्धि की खबर मिलते ही बक्सर के ओल्ड राइस मिल इलाके और उनके पैतृक गांव में जश्न का माहौल है.

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परितोष शाही पिछले 4 वर्षों से डिजिटल मीडिया और पत्रकारिता में सक्रिय हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका से की और वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल की बिहार टीम का हिस्सा हैं. राजनीति, सिनेमा और खेल, विशेषकर क्रिकेट में उनकी गहरी रुचि है. जटिल खबरों को सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाना और बदलते न्यूज माहौल में तेजी से काम करना उनकी विशेषता है. परितोष शाही ने पत्रकारिता की पढ़ाई बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (BHU) से की. पढ़ाई के दौरान ही पत्रकारिता की बारीकियों को समझना शुरू कर दिया था. खबरों को देखने, समझने और लोगों तक सही तरीके से पहुंचाने की सोच ने शुरुआत से ही इस क्षेत्र की ओर आकर्षित किया. पत्रकारिता में करियर की पहली बड़ी शुरुआत बिहार विधानसभा चुनाव 2020 के दौरान हुई, जब उन्होंने जन की बात के साथ इंटर्नशिप की. इस दौरान बिहार के 26 जिलों में जाकर सर्वे किया. यह अनुभव काफी खास रहा, क्योंकि यहां जमीनी स्तर पर राजनीति, जनता के मुद्दों और चुनावी माहौल को बहुत करीब से समझा. इसी अनुभव ने राजनीतिक समझ को और मजबूत बनाया. इसके बाद राजस्थान पत्रिका में 3 महीने की इंटर्नशिप की. यहां खबर लिखने की असली दुनिया को करीब से जाना. महज एक महीने के अंदर ही रियल टाइम न्यूज लिखने लगे. इस दौरान सीखा कि तेजी के साथ-साथ खबर की सटीकता कितनी जरूरी होती है. राजस्थान पत्रिका ने उनके अंदर एक मजबूत डिजिटल पत्रकार की नींव रखी. पत्रकारिता के सफर में आगे बढ़ते हुए पटना के जनता जंक्शन न्यूज पोर्टल में वीडियो प्रोड्यूसर के रूप में भी काम किया. यहां कैमरे के सामने बोलना, प्रेजेंटेशन देना और वीडियो कंटेंट की बारीकियां सीखीं. करीब 6 महीने के इस अनुभव ने कैमरा फ्रेंडली बनाया और ऑन-स्क्रीन प्रेजेंस को मजबूत किया. 1 अप्रैल 2023 को राजस्थान पत्रिका को प्रोफेशनल तौर पर ज्वाइन किया. यहां 17 महीने में कई बड़े चुनावी कवरेज में अहम भूमिका निभाई. लोकसभा चुनाव 2024 में नेशनल टीम के साथ जिम्मेदारी संभालने का मौका मिला. इसके अलावा मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव के दौरान भी स्टेट टीम के साथ मिलकर काम किया. इस दौरान चुनावी रणनीति, राजनीतिक घटनाक्रम और बड़े मुद्दों पर काम करने का व्यापक अनुभव मिला. फिलहाल परितोष शाही प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम के साथ जुड़े हुए हैं. यहां बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान कई बड़ी खबरों को रियल टाइम में ब्रेक किया, ग्राउंड से जुड़े मुद्दों पर खबरें लिखीं और वीडियो भी बनाए. बिहार चुनाव के दौरान कई जिलों में गांव- गांव घूम कर लोगों की समस्या को जाना-समझा और उनके मुद्दे को जन प्रतिनिधियों तक पहुंचाया. उनकी कोशिश हमेशा यही रहती है कि पाठकों और दर्शकों तक सबसे पहले, सही और असरदार खबर पहुंचे. पत्रकारिता में लक्ष्य लगातार सीखते रहना, खुद को बेहतर बनाना और भरोसेमंद पत्रकार के रूप में अपनी पहचान मजबूत करना है.
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