[tdb_header_weather inline="yes" temp_color="#000000" loc_color="#000000" api="653566bd56b7ecfee45d74c0fc937fc1" float_right="yes" align_horiz="content-horiz-center" icon_size="24" icon_space="10" f_temp_font_family="420" f_temp_font_size="14" f_temp_font_weight="500" f_unit_font_size="14" f_loc_font_size="14" f_unit_font_family="882" location="Ranchi" icon_color="#000000"]
[tdb_header_categories align_horiz="content-horiz-left" el_align_horiz="content-horiz-left" tdc_css="eyJhbGwiOnsibWFyZ2luLXJpZ2h0IjoiNSIsImhlaWdodCI6IjQwIiwiZGlzcGxheSI6IiJ9fQ==" icon_size="18" limit="18" elem_text_color="#2d2800" f_elem_font_family="420" f_elem_font_size="16px" f_elem_font_weight="500" tdicon="tdc-font-fa tdc-font-fa-navicon-reorder-bars" inline="yes" shadow_shadow_size="0" shadow_shadow_offset_vertical="0" shadow_shadow_spread="0" bg_color="#f9f9f9" include="1028, 1081, 1446, 1228, 3706, 2624,1071"][tdb_mobile_horiz_menu inline="yes" menu_id="372" tdc_css="eyJwaG9uZSI6eyJkaXNwbGF5IjoiIn0sInBob25lX21heF93aWR0aCI6NzY3LCJhbGwiOnsiYm9yZGVyLXN0eWxlIjoibm9uZSIsImRpc3BsYXkiOiIifX0=" f_elem_font_size="18px" f_elem_font_weight="eyJhbGwiOiI3MDAiLCJwaG9uZSI6IiJ9" f_elem_font_family="420" text_color_h="#f58220" main_sub_icon_size="13"]
Home बिहार बक्सर सदर अस्पताल में अपनी मांगों को लेकर डॉक्टरों ने किया ओपीडी का बहिष्कार

सदर अस्पताल में अपनी मांगों को लेकर डॉक्टरों ने किया ओपीडी का बहिष्कार

0
सदर अस्पताल में अपनी मांगों को लेकर डॉक्टरों ने किया ओपीडी का बहिष्कार
सांकेतिक तस्वीर

बक्सर. सदर अस्पताल के डॉक्टरों ने अपनी स्थानीय विभिन्न मांगों को लेकर सदर अस्पताल में पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के तहत सोमवार को ओपीडी का बहिष्कार किया गया. जिससे दूर दराज से आने वाले मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ा. वहीं मरीजों को वापस बिना इलाज के ही लौट जाना पड़ा. वहीं सदर अस्पताल परिसर में कुछ समय के लिए अव्यवस्था कायम रही. वहीं डॉक्टरों के ओपीडी की सेवा नहीं देने के कारण रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया भी नहीं की गई. इस दौरान विशेष रूप से बीमारी से परेशान मरीजों ने इमरजेंसी में अपना इलाज कराया. वहीं पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के तहत डॉक्टरों ने अपनी आवाज को बुलंद करते हुए एक सभा का आयोजन ओपीडी परिसर में किया. जिसमें सदर अस्पताल के डॉक्टरों के साथ ही कर्मियों ने अपनी सहभागिता निभाई. सभा के दौरान स्थानीय समस्याओं पर डॉक्टरों एवं कर्मियों ने अपनी बातों को रखा. कार्यक्रम बिहार स्वास्थ्य सेवा संघ की जिला इकाई के तहत आयोजित की गई. जिसकी अध्यक्षता डॉ संजय सिंह ने किया. जिनके नेतृत्व में कार्यक्रम आयोजित किया गया. मुख्य रूप से सभा के दौरान डॉ संजय सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि 22 जुलाई को सदर अस्पताल परिसर में इलाज के दौरान एक बच्ची की अचानक मौत से परिजन एवं उनके सहयोगी लोगों द्वारा चिकित्सा एवं कर्मचारियों से गाली गलौज करने, मारपीट पर उतारू होने एवं एफआईआर किया गया है. जिससे डॉक्टरों को कार्य करने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. ऐसे में डॉक्टरों ने अपनी सुरक्षा की पुख्ता व्यवस्था करने, चिकित्सकों एवं कर्मचारियों के ऊपर किये गये एफआइआर को अविलंब निरस्त किये जाने, दुर्व्यवहार करने, भयपूर्ण माहौल बनाने एवं सरकारी कार्य में बाधा पहुंचाने वाले लोगों पर एफआइआर किये जाने की मांग की गयी है. जिससे डॉक्टरों को अपने कार्यों के संपादन में किसी तरह की समस्या का सामना नहीं करना पड़े. जानकारी के अनुसार जिले के सभी पीएचसी पर भी डॉक्टरों ने ओपीडी के कार्य का बहिष्कार किया. इस मौके पर सदर अस्पताल के डॉ नमिता सिंह, डॉ मधु सिंह, डॉ संजय सिंह, डॉ वरूण सांकृत, डॉ एससी मिश्रा समेत अन्य सभी डॉक्टरों के साथ ही अस्पताल कर्मी शामिल रहे.

दूर दराज से पहुंचे मरीज दिखे परेशान : जिले के दूर दराज से सदर अस्पताल पहुंचे मरीजों को डॉक्टरों के ओपीडी बहिष्कार के कारण परेशानी का सामना करना पड़ा. सामान्य बीमारी से पीड़ित मरीजों को इस खराब व बारिश वाले मौसम में बैरंग वापस लौटना पड़ा. वहीं आवश्यकता वाले मरीजों ने अपना इमरजेंसी में इलाज कराया. कई मरीजों को इस दौरान काफी समस्या का सामना करना पड़ा. इस दौरान काफी गंभीर रूप से बीमार होम गार्ड जवान जिले के रसेन बहुआरा निवासी जगनारायण शर्मा इलाज के लिए करीब 2 बजे सदर अस्पताल पहुंचे. जहां उन्हें डॉक्टरों के हड़ताल पर चले जाने की जानकारी मिली. जिसके बाद उन्होंने मुख्य गेट के पास ही फर्श पर लेट गया था. जो डॉक्टर से इलाज के लिए इंतजार कर रहा था.

प्रतिदिन सदर अस्पताल इलाज के लिए पहुंचते हैं 800 से ज्यादा मरीज

जिले के सुदूर इलाकों के साथ ही आस-पास से करीब प्रतिदिन सामान्य दिनों मेंं इलाज के लिए 800 से ज्यादा की संख्या में मरीज पहुंचते है. वहीं सोमवार को रविवार की बंदी के कारण अपेक्षाकृत मरीजों की संख्या काफी बढ़ जाती है. इस दौरान दूर दराज से पहुंचे सामान्य मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ा. गंभीर व दूर दराज से पहुंचे कुछ मरीजों ने इमरजेंसी में इलाज कराकर वापस लौटे.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

ऐप पर पढें
होम आप का शहर
News Snap News Reel