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Home बिहार बक्सर 90 की जगह मिल रही 70 मेगावाट बिजली

90 की जगह मिल रही 70 मेगावाट बिजली

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90 की जगह मिल रही 70 मेगावाट बिजली

बक्सर. शहर सहित ग्रामीण इलाकों में ऊमस भरी गर्मी में लोगों को बिजली कटौती से जूझना पड़ रहा है. अनियमित बिजली कटौती के कारण शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों में त्राहिमाम मचा है. इसके पीछे विभागीय कर्मियों का तर्क है कि हीट वेब के कारण ट्रांसफार्मरों के की अर्थिंग नहीं मिल पा रहा है. जिस कारण ट्रांसफॉर्मरों को फेज उड़ना आम बात हो गयी है. विभागीय अधिकारी की माने तो जिले में 60 से 70 मेगावाट बिजली की मिल रही है. जबकि गर्मी के कारण बिजली की खपत बढ़ गयी है. लिहाजा 80 से 90 मेगावाट बिजली की जरूरत है. भीषण गर्मी के मौसम में बिजली की आंख मिचौली की समस्या से लोग परेशान व त्रस्त है.शहर सहित ग्रामीण इलाकों में प्रतिदिन कई बार लोगो को अघोषित कटौती का सामना करना पड़ता हैं.लोगों का कहना है कि तेज धूप व उमस ने सभी को परेशान करके रखा है, ऊपर से बिजली की आंख मिचौली व अघोषित कटौती इस समय आग में घी डालने का काम कर रही है.रात हो या दिन किसी भी वक्त बिजली गुल हो जाती है, एक दिन में आठ से दस बार बिजली गुल होना आम बात हो गया है.

ग्रामीण इलाकों में लो वोल्टेज बना समस्या

ग्रामीण इलाकों में रात के वक्त लो वोल्टेज के कारण कूलर व पंखे काम करना बंद कर दे रहे हैं. बिजली की इस आंख मिचौली के कारण छोटे-छोटे बच्चों समेत बुजुर्गों को ज्यादा परेशानियों का सामना करना पड़ता हैं. ग्रामीण क्षेत्रों में कब बिजली आएगी और कब कटेगी, इसका कोई समय-सारणी ही नहीं है. बिजली कटौती ने लोगों का जीना हराम कर दिया है. बावजूद इसके बिजली विभाग द्वारा कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है. यह स्थिति क्षेत्र में लगातार बनी हुई है.गर्मी के मौसम में लोगों को नियमित रूप से बिजली नहीं मिलने से पीने के पानी का संकट भी झेलना पड़ रहा है.

जिले के शहरी क्षेत्रों में 22 घंटे और ग्रामीण क्षेत्र में 20 घंटे देना है बिजली

जिले में विभागों के अनुसार बिजली मिल रही है.लोड शेडिंग की समस्या नहीं है. शहरी क्षेत्र में 21 से 22 तो ग्रामीण इलाकों में 19 से 20 घंटे बिजली दी जा रही है. हालांकि,गर्मी के कारण ट्रीपिंग की समस्या बढ़ गयी है. फ्यूज कॉल की शिकायतों में इजाफा हो गया है. पिछले कुछ दिन के अपेक्षा गर्मी के इस मौसम में विद्युत लोड में 20 प्रतिशत की लोड बढ़ गया है. विभागीय अधिकारी की माने तो उपभोक्ताओं की शिकायत दूर करने हेतु दिन रात अधिकारी लगे रहते हैंं ताकि कम समय में शिकायतों को दूर किया जा सके. सबसे अधिक समस्या बिजली आपूर्ति ठप होने से होता है जो कि तार को तोड़ देते हैं. पिछले कुछ दिनों से ग्रामीण क्षेत्रों में गेहूं की फसल लगने से 10 बजे दिन से 5 बजे शाम तक बिजली आपूर्ति ठप रहती थी. गेहूं की फसल पक कर तैयार होने के कारण ग्रामीण क्षेत्रों में 10 बजे से लेकर 5 बजे तक बिजली बंद किया जाता था लेकिन अब गेहूं की फसल कट गया है अब जाकर बिजली 19 से घंटे दिया जा रहा है.

गर्मी में मिट्टी सूख जाने के कारण ट्रांसफार्मर का अर्थिंग हो जा रहा है फेल

जिला हीटवेब की चपेट में आने से ट्रांसफार्मर का अर्थिंग हो रहा है फैल. ट्रांसफार्मर की अर्थिंग फेल होने के कारण लोगो के घरों में लगे लाखों रुपये बिजली उपकरण जल जा रहे हैं . ग्रामीणों ने विभाग के कर्मचारियों पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि विभाग को पता है कि गर्मी में मिट्टी सूख जाती है तो विभाग को गर्मी से पूर्व ही तैयारी कर लेना चाहिए लेकिन विभाग तो कान में तेल डालकर सोया रहा . गर्मी के दिनों में तेज हवा से बहुत सारे पेड़ों की डालिये तार पर टूट कर गिर जाने की वजह से विद्युत लाइन बाधित रहता था.

कहते हैं कार्यपालक अभियंता तेज प्रताप सिंह

गर्मी को मौसम को देखते हुए शहरी क्षेत्र में 22 घंटा और ग्रामीण क्षेत्र में 20 घंटा लाइन देने का प्रयास किया जा रहा है . सभी अधिकारी और कर्मचारियों को निर्देश दिया गया है कि अगर कहीं विद्युत आपूर्ति की समस्या आती है तो उसे हर हाल में ठीक करने का प्रयास करना है.

-बिजली की कटौती से शहर के लोग परेशान हैं. कहीं फाॅल्ट हो, तो घंटों पूरे फेज के उपभोक्ताओं को कटौती का शिकार होना पड़ रहा है. अब जरूरत है कि बेहतर इंतजाम कराया जाये. 16 मई- फोटो-17- सोनू कुमार

– तेज हवा का झोंका भी बिजली के पोल व तार नहीं सह पा रहे हैं. दावा किया जा रहा कि 24 घंटे बिजली की आपूर्ति दे रहे है. मगर उपभोक्ताओं को अधिक बिल देकर शोषण किये जाने की शिकायत भी मिल रही है. बिल को दुरुस्त कराने के लिए ग्राहक भटकते हैं. 16 मई- फोटो-18- विकास कुमार बाजार समिति

-शहर में बिजली की कटौती ऐसे हो रही कि उपभोक्ता बेचैन हो रहे हैं. गांव में जो हालात है वह कहना मुश्किल है. गांव में आठ से 10 घंटा भी बिजली मिल जाये, तो बड़ी बात है. अगर लाइन कही फाल्ट हो जाती है तो 8 से 10 घंटे में बनाया जाता है. 16 मई- फोटो-19- कुश पाण्डेय नई बाजार

– विभाग का दावा है कि शहर में 23 घंटे बिजली की आपूर्ति हो रही है. कहीं फाॅल्ट होने पर तत्काल दुरुस्त करने के काम पर जोर दिया जा रहा है. ग्रामीण इलाके में भी अधिक से अधिक आपूर्ति मिले, इस पर काम हो रहा. ग्रामीण इलाके में भी 18 घंटे बिजली की आपूर्ति हो रही है. लेकिन सब कागज पर है. 16 मई- फोटो- 20- मदन कुमार

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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