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Home बिहार बक्सर जिले में आज भी 3510 बच्चे अतिकुपोषित, 5767 बच्चे कुपोषण की चपेट में

जिले में आज भी 3510 बच्चे अतिकुपोषित, 5767 बच्चे कुपोषण की चपेट में

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जिले में आज भी 3510 बच्चे अतिकुपोषित, 5767 बच्चे कुपोषण की चपेट में
सांकेतिक तस्वीर

बक्सर. जिले में आज भी हजारों बच्चे कुपोषण और अतिकुपोषण जैसी गंभीर समस्या से जूझ रहे हैं. अप्रैल माह के आइसीडीएस आंकड़ों के अनुसार जिले में छह माह से पांच वर्ष तक की उम्र के 3510 बच्चे अतिकुपोषित पाये गये हैं, जबकि 5767 बच्चे कुपोषण के शिकार हैं. यह आंकड़ा न केवल स्वास्थ्य विभाग बल्कि समाज के लिए भी चिंता का विषय बन गया है. विशेषज्ञों की मानें तो बच्चों में कुपोषण के पीछे कई सामाजिक और स्वास्थ्य संबंधी कारण जिम्मेदार हैं. कम उम्र में शादी होना, गर्भवती महिलाओं को पर्याप्त पोषण नहीं मिलना, दूषित पानी का सेवन तथा बच्चों की सही देखभाल नहीं होना इसके प्रमुख कारणों में शामिल हैं. ग्रामीण क्षेत्रों में आज भी कई परिवार जागरूकता के अभाव में गर्भवती महिलाओं के खानपान पर विशेष ध्यान नहीं देते, जिसका सीधा असर जन्म लेने वाले बच्चों के स्वास्थ्य पर पड़ता है. आइसीडीएस अधिकारियों के अनुसार गर्भावस्था के दौरान यदि महिला को संतुलित आहार, आयरन, कैल्शियम और जरूरी पोषक तत्व नहीं मिलते हैं तो जन्म लेने वाला बच्चा कमजोर हो जाता है. ऐसे बच्चों में रोग प्रतिरोधक क्षमता कम होती है और वे जल्दी कुपोषण का शिकार बन जाते हैं. इसके अलावा कई क्षेत्रों में स्वच्छ पेयजल की समस्या भी गंभीर बनी हुई है. दूषित पानी पीने से बच्चों में बार-बार संक्रमण और दस्त जैसी बीमारियां होती हैं, जिससे उनका शारीरिक विकास प्रभावित होता है.

स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि कम उम्र में शादी होने के कारण किशोरियां शारीरिक रूप से पूरी तरह विकसित नहीं हो पाती हैं. ऐसे में गर्भधारण करने पर मां और बच्चे दोनों के स्वास्थ्य पर बुरा असर पड़ता है. कम उम्र की माताओं से जन्म लेने वाले बच्चों में कमजोर शरीर, कम वजन और कुपोषण की संभावना अधिक रहती है.

बोली अधिकारी

जिले में आंगनबाड़ी केंद्रों के माध्यम से बच्चों और गर्भवती महिलाओं की नियमित जांच की जा रही है. गंभीर रूप से अतिकुपोषित बच्चों को चिन्हित कर पोषण पुनर्वास केंद्र भेजने की प्रक्रिया भी चल रही है. साथ ही गर्भवती महिलाओं को पौष्टिक भोजन, स्तनपान और साफ-सफाई के प्रति जागरूक किया जा रहा है.

कवि प्रिया, जिला प्रोगाम पदाधिकारी, आइसीडीएस

किस वर्ष कितना अतिकुपोषित और कुपोषित थे बच्चे अप्रैल में

वर्ष अतिकुपोषित कुपोषित

2023 5226 6740

2024 5084 6361

2025 6375 7926

2026 3510 5767

2026 में जिले के किस प्रखंड में कितने अतिकुपोषित और कुपोषित बच्चे अप्रैल

प्रखंड अतिकुपोषित कुपोषित

ब्रह्मपुर 110 531

बक्सर 758 984

चक्की 35 125

चौगाई केसठ 233 316

चौसा 135 441

डुमरांव 570 863

इटाडी 516 721

नवानगर 318 479

राजपुर 432 707

सिमरी 403 603

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