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Home बिहार बक्सर Buxar News: कृषि गणना फेज टू के लिए जिले के 224 गांवों का किया गया चयन

Buxar News: कृषि गणना फेज टू के लिए जिले के 224 गांवों का किया गया चयन

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Buxar News: कृषि गणना फेज टू के लिए जिले के 224 गांवों का किया गया चयन

बक्सर .

जिले मे फेज टू के तहत शीघ्र ही कृषि गणना शुरू होगी. कृषि गणना को लेकर जिले में 224 गांवों का चयन किया गया है. जिसके तहत जिले में संबंधित कर्मियों को जिला स्तर पर ट्रेनिंग दी जायेगी. जिसके बाद इस साल के अंत में अथवा नये साल के प्रारंभ में कृषि गणना का कार्य शुरू होगा.

जिले में पहली बार 1970-71 में हुआ था गणना

ज्ञात हो कि जिले में पहली बार 1970-1971 में कृषि गणना किया गया था. कृषि गणना प्रत्येक चार से पांच साल के अंतराल पर केंद्र सरकार के द्वारा कराया जाता है. जिले में 11वीं बार कृषि गणना किया जा रहा है. जिसको लेकर जिले में कृषि गणना फेज टू के लिए 224 गांव का चयन किया गया है. 224 गांव में कुल एक लाख दो हजार 81 किसानों का गणना किया जायेगा. जिले में कृषि गणना का प्रथम का काम 15-16 में जिले के सभी पंचायत के मौजा में किया गया था. गणना करने के बाद डाटा केंद्र सरकार को भेज दिया गया था. वर्तमान में संदर्भ वर्ष 2021-22 के साथ 11वीं कृषि जनगणना फेज टू शुरू करने की तैयारी चल रही है. कृषि जनगणना के माध्यम से उत्पन्न समय श्रृंखला के आंकड़े नीति निर्धारण के लिए मूल्यवान इनपुट प्रदान करते हैं. वर्षों में कृषि क्षेत्र में परिवर्तन को ट्रैक करते हैं. कृषि गणना में डेटा संग्रह के लिए मूल सांख्यिकीय इकाई स्वामित्व होल्डिंग के बजाय स्वामित्व होल्डिंग है, क्योंकि खेत स्तर के फैसले उन लोगों द्वारा लिए जाते हैं जो भूमि का संचालन करते हैं न कि उन लोगों द्वारा जो इसके मालिक हैं.

कृषि गणना के मुख्य उद्देश्य हैं

भूमि के उपयोग, कृषि मशीनरी और उपकरणों, उर्वरकों के उपयोग सहित परिचालन जोतों पर सांख्यिकीय डेटा प्रदान करके कृषि संरचना और कृषि की संबंधित विशेषताओं का वर्णन करना, नए कृषि विकास कार्यक्रम तैयार करने और उनकी प्रगति के मूल्यांकन के लिए आवश्यक बेंचमार्क डेटा प्रदान करना. भविष्य के कृषि सर्वेक्षणों को करने के लिए परिचालन जोत के बुनियादी ढांचे प्रदान करना और वर्तमान कृषि आंकड़ों के लिए एक एकीकृत कार्यक्रम विकसित करने के लिए एक आधार रखना शामिल है. कृषि गणना योजना एक केंद्रीय क्षेत्र की योजना है और इसे कृषि जनगणना, अर्थशास्त्र और सांख्यिकी की एकीकृत योजना के एक घटक के रूप में लागू किया जा रहा है. पिछले वर्ष के खर्च और वर्तमान वर्ष के लिए आवश्यक आवश्यकता के आधार पर वेतन, कार्यालय व्यय, मानदेय, सारणीयन और अनुसूची आदि के भुगतान के लिए राज्यों, संघ राज्य क्षेत्रों को 100 प्रतिशत वित्तीय सहायता प्रदान की जाती है. तिमाही के आधार पर राज्यों व केंद्रशासित प्रदेशों को धनराशि जारी की जाती है.

गणना में किसानों की सारी जानकारी की जायेगी इकट्ठी

बिहार कृषि गणना 2021-22 फेज टू में जिले के किसानों को बेहतर सुविधा उपलब्ध कराने के लिए किसानों की डाटा संग्रह किया जाएगा. जिसमें जिले अंतर्गत कितने किसान खेती करते हैं. खेती का साधन क्या है, सिंचाई कैसे करते हैं, सिंचाई का साधन क्या है, ट्यूबवेल आहार नहर, एक मौजे में कितने किसान हैं जो की एक फसल या दो फसल तीन फसल क्या खेती करते हैं, किसान की साक्षरता क्या है, किसान की सालाना आय कितना है, किसान खेती में कौन-कौन सा उर्वरक का प्रयोग करता है, जिले में छोटे किसान व बड़े किसानों की संख्या कितनी है, किसान द्वारा उपज किया गया फसल का बाजार मूल्य कितना है, किस को खेती करने से कितना नुकसान और कितना मुनाफा होता है अन्य सारे जानकारी विभाग के वेबसाइट पर अपलोड किया जाएगा. ताकि केंद्र सरकार व राज्य सरकार किसान हित में नई योजनाओं का लंच कर सके.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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