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बाढ़ का पानी नये इलाकों में फैला

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बाढ़ का पानी नये इलाकों में फैला

हिलसा. फल्गु की शाखा लोकाईन नदी में जल स्तर वृद्धि होने से कई इलाकों में बाढ़ का पानी फैल रहा है. बुधवार को हिलसा प्रखंड के जूनियार, चकमुन्ना, चकजोहरा व गुरुवार को मई गांव, अर्जुन टोला, ढिवरापर आदि गांवों के खेतों में लगे धान का फसल बाढ़ के पानी के कारण डूब गया है. किसान का खेत में रोपा गया धान का फसल बाढ़ के पानी के कारण डूब गया है. हिलसा प्रखंड के मई गांव, अर्जुन टोला, ढिवरापर के सैकड़ों किसान एकजुट हुए हैं और प्रदर्शन करते हुए हिलसा के एसडीओ अमित कुमार पटेल को आवेदन देकर मांग की है कि डोर नदी से एक पैन मई गांव के पास से होकर गुजरती है. गांव के पूर्व दक्षिण छिलका बना हुआ जिसकी अधिक ऊंचाई के कारण पानी का निकास बंद है. शुक्रवार को पानी का जल स्तर बढ़ते जा रहा है अब किसानों को खेत में लगे फसल के साथ मवेशी के रखरखाव को लेकर भी चिंता बढ़ गयी है. मई गांव लोग के कुछ लोग के द्वारा अतिक्रमण कर लिया गया है जिसके कारण बाढ़ का पानी खेतों में फैला और खेतों में धान का फसल रोपा गया है वह डूब गया है. इसी प्रकार चकमुन्ना गांव में दो दर्जन से अधिक लोग हैं जो की पैक अतिर्तिक्रमण किये गये हैं जिसके कारण पैन का पानी एक स्थान से दूसरे स्थान नहीं जा पता है, किसानों में काफी आक्रोश है, किसानों का कहना कि पैन के अतिक्रमण के कारण किसानों को परेशानी हो रहा है. इस तरह किसान उमेश प्रसाद, अजय कुमार, गुड्डू कुमार, मुनारिक प्रसाद, जय किशोर कुमार, विकास कुमार, सुनील कुमार, उदय कुमार, मुकेश अभिषेक, किशुन कुमार, चन्दु यादव, युगल प्रसाद, रामनाथ प्रसाद, सुनील कुमार, राजेश कुमार, रामविलास कुमार, रामब्रज प्रसाद ने कहा कि जल्द इस पर कोई निदान हो. इस मामले में एसडीओ अमित कुमार पटेल ने संबंधित अधिकारी को आवश्यक दिशा निर्देश देते हुए कहा कि मामले का समाधान किया जाये. हसनपुर गांव के खंधा में दर्जन मोटर सेट से पानी निकालने में जुटे किसान : फल्गु की शाखा लोकन नदी में 19 जून एवं 16 जुलाई को बाढ़ का पानी आया जिसके कारण एक ही स्थान में चौथी बार धुरी बिगहा गांव के पास तटबंध टूटा, लेकिन किसानों की कमर टूट गई क्योंकि खेतों में इस वर्ष दो-दो बार धान की रोपाई किए थे. इतना ही नहीं हसनपुर गांव के मछली तालाब के दक्षिण कई जगह पर तटबंध टूटा था जहां चंदा कर हसनपुर गांव के लोग तटबंध मरम्मत किया था वह भी 16 जुलाई के बढ़ाया तो पुन: कई जगह पर टूट गया इसी प्रकार पास में ही हरिहर खन्धा के पास मड़वा गांव के लोग टूटे तटबंध का मरम्मत किया था, आपसी चंदा करीब डेढ़ लाख रुपया की मदद से, हसनपुर गांव के शिवपूजन सहाय, रंजीत कुमार, अरुण कुमार, दिनेश प्रसाद, रामेश्वर प्रसाद, अर्जुन प्रसाद, संजय प्रसाद, विजय प्रसाद, बिरजू दास, राजेंद्र पंडित रामबाबू यादव, अनुज प्रसाद, सत्येंद्र कुमार, रंजीत कुमार, पुरुषोत्तम कुमार, अभिषेक कुमार, अभय कुमार, शैलेंद्र प्रसाद, कृष्ण देव प्रसाद, भूलकण यादव, अवधेश प्रसाद, सुभाष पासवान, जनार्दन मिस्त्री, लल्लू महतो, मुंशी प्रसाद शैलेंद्र प्रसाद अभय कुमार, कैलू मांझी उन्हें शुक्रवार को बताया कि हसनपुर गांव का खंधा कोरामा पंचायत का काफी निचला हिस्सा है जहां एक बार बाढ़ का पानी प्रवेश कर जाता है, तो जल्दी निकलता नहीं है, पहले ही ओलावृष्टि के कारण खेत में लगे टमाटर मूंग की फसल बर्बाद हो गया था और इसी वर्ष दो-दो बार बाढ़ के पानी के कारण खेत में लगे हुए धान का फसल डूब गया है, हसनपुर गांव के किसानों की कमर टूट गई है, हालांकि मुआवजा को लेकर अनुमंडल पदाधिकारी अमित कुमार पटेल, जिला परिषद सदस्य के प्रतिनिधि संजय कुमार समेत कई लोगों से मुआवजा की मांग किए हैं लेकिन अब तक कोई पहले नहीं किया गया. एक बार पुन हसनपुर गांव के किसान किसी तरह हिम्मत जुटा कर दर्जनों मोटर के सहारे कंधे में घुसे बाढ़ के पानी को निकल रहे हैं और सगे संबंधी के यहां से धान का मोरी लाकर रोपाई कर रहे हैं, हालांकि प्रखंड कृषि पदाधिकारी रामानुज प्रसाद ने बताया कि हिलसा प्रखंड में किसानों के हौसला बुलंद करते हुए 95% धान की रोपाई की गयी है.

कई इलाकों में बाढ़ के पानी के कारण धान की रोपाई नहीं हो पायी : फल्गु की शाखा लोकायन नदी में बाढ़ का पानी का जलस्तर कभी घट रहा है. कभी बढ़ रहा है हालांकि प्रशासन की ओर से टूटे तटबंध का मरम्मत का कार्य लगभग पूर्ण करने की स्थिति में है. कई ऐसे निचले इलाके हैं, जहां पर बाढ़ का पानी अभी खेतों में मौजूद है जिसके कारण खेतों में धान का फसल की रोपाई नहीं हो पाया है.

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