[tdb_header_weather inline="yes" temp_color="#000000" loc_color="#000000" api="653566bd56b7ecfee45d74c0fc937fc1" float_right="yes" align_horiz="content-horiz-center" icon_size="24" icon_space="10" f_temp_font_family="420" f_temp_font_size="14" f_temp_font_weight="500" f_unit_font_size="14" f_loc_font_size="14" f_unit_font_family="882" location="Ranchi" icon_color="#000000"]
[tdb_header_categories align_horiz="content-horiz-left" el_align_horiz="content-horiz-left" tdc_css="eyJhbGwiOnsibWFyZ2luLXJpZ2h0IjoiNSIsImhlaWdodCI6IjQwIiwiZGlzcGxheSI6IiJ9fQ==" icon_size="18" limit="18" elem_text_color="#2d2800" f_elem_font_family="420" f_elem_font_size="16px" f_elem_font_weight="500" tdicon="tdc-font-fa tdc-font-fa-navicon-reorder-bars" inline="yes" shadow_shadow_size="0" shadow_shadow_offset_vertical="0" shadow_shadow_spread="0" bg_color="#f9f9f9" include="1028, 1081, 1446, 1228, 3706, 2624,1071"][tdb_mobile_horiz_menu inline="yes" menu_id="372" tdc_css="eyJwaG9uZSI6eyJkaXNwbGF5IjoiIn0sInBob25lX21heF93aWR0aCI6NzY3LCJhbGwiOnsiYm9yZGVyLXN0eWxlIjoibm9uZSIsImRpc3BsYXkiOiIifX0=" f_elem_font_size="18px" f_elem_font_weight="eyJhbGwiOiI3MDAiLCJwaG9uZSI6IiJ9" f_elem_font_family="420" text_color_h="#f58220" main_sub_icon_size="13"]
Home बिहार बिहारशरीफ मंडल कारा में कैदियों को हुनरमंद बनाने के लिए दिया जा रहा प्रशिक्षण

मंडल कारा में कैदियों को हुनरमंद बनाने के लिए दिया जा रहा प्रशिक्षण

0
मंडल कारा में कैदियों को हुनरमंद बनाने के लिए दिया जा रहा प्रशिक्षण

शेखपुरा.

बिहार सरकार के विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं की पहुंच समाज के हर वर्ग तक सुनिश्चित कराने की कवायद के तहत मंडल कारा शेखपुरा के कैदियों को भी हुनरमंद बनाने की सकारात्मक पहल की जा रही है. इसके लिए उन्हें न सिर्फ प्रशिक्षित किया जाएगा बल्कि प्रमाण-पत्र भी दिया जायेगा. जिससे वह जेल से रिहा होने के बाद रोजगार के रास्ते पर जाएं. जेल में बंद कैदियों को एक माह का निःशुल्क प्रशिक्षण जिला उद्योग केन्द्र, उद्योग विभाग के अंतर्गत बिहार राज्य खादी ग्रामोद्योग बोर्ड के माध्यम से दिया जा रहा है. यह प्रशिक्षण सजायाफ्ता या उन कैदियों को दिया जा रहा है. जिन्होंने इसके लिए अपनी इच्छा जाहिर किया है. जनवरी के पहले हफ्ते से ही इसकी शुरूआत कि गई है. इसे मार्केट की डिमांड और कैदियों की रूचि के अनुसार शुरू किया गया है. प्रशिक्षण पाकर कैदी जेल से बाहर आने के बाद समाज के मुख्यधारा में शामिल होकर इज्जत के साथ अपने परिवार का भरन पोषण कर सकेंगे. इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में 18 से 45 वर्ष के आयु के कैदी शामिल हैं.अगरबत्ती- डिटर्जेंट पाउडर निर्माण का दिया जा रहा प्रशिक्षण : इस योजना के तहत कैदियों को अगरबत्ती और डिटरजेंट पाउडर निर्माण का प्रशिक्षण एक माह के लिए शेखपुरा मंडल कारा के अन्दर अनुभवी ट्रेनर के माध्यम से दिया जा रहा है. कैदी हुनरमंद होने के बाद भी जेल में बंद है या किसी कैदी को किसी खास काम में महारत हासिल है तो उसे वही काम मिलेगा. इसलिए जेल में रहने के दौरान वे अपने हुनर का प्रयोग करते रहेंगे. जेल से रिहा होने के बाद भी वे हुनर की बदौलत कमाई कर समाज की मुख्य धारा में शामिल होकर अपने एवं अपने परिवार का भरण -पोषण इज्जत के साथ कर सकेंगे.

समाज के मुख्यधारा से जोड़ने का प्रयास : जिला उद्योग केंद्र के महाप्रबंधक सुजात ने बताया कि यह प्रशिक्षण शेखपुरा मंडल कारा के उन कैदियों को दिया जा रहा है, जिनकी उम्र 18 से 45 वर्ष के बीच की है. ऐसे प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य कैदियों को समाज के मुख्य धारा से जोड़ने के साथ-साथ उन्हें अपना खुद का उद्योग धंधा लगाने में मदद करना और उन्हें हुनरमंद बनाना है. जिससे एक तरफ वे बुराइयों का त्याग करेंगे दूसरी तरफ उनकी आर्थिक स्थिति भी सुधरेगी. सरकार का ये प्रयास भविष्य में मील का पत्थर साबित होगा.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

ऐप पर पढें
होम आप का शहर
News Snap News Reel