[tdb_header_weather inline="yes" temp_color="#000000" loc_color="#000000" api="653566bd56b7ecfee45d74c0fc937fc1" float_right="yes" align_horiz="content-horiz-center" icon_size="24" icon_space="10" f_temp_font_family="420" f_temp_font_size="14" f_temp_font_weight="500" f_unit_font_size="14" f_loc_font_size="14" f_unit_font_family="882" location="Ranchi" icon_color="#000000"]
[tdb_header_categories align_horiz="content-horiz-left" el_align_horiz="content-horiz-left" tdc_css="eyJhbGwiOnsibWFyZ2luLXJpZ2h0IjoiNSIsImhlaWdodCI6IjQwIiwiZGlzcGxheSI6IiJ9fQ==" icon_size="18" limit="18" elem_text_color="#2d2800" f_elem_font_family="420" f_elem_font_size="16px" f_elem_font_weight="500" tdicon="tdc-font-fa tdc-font-fa-navicon-reorder-bars" inline="yes" shadow_shadow_size="0" shadow_shadow_offset_vertical="0" shadow_shadow_spread="0" bg_color="#f9f9f9" include="1028, 1081, 1446, 1228, 3706, 2624,1071"][tdb_mobile_horiz_menu inline="yes" menu_id="372" tdc_css="eyJwaG9uZSI6eyJkaXNwbGF5IjoiIn0sInBob25lX21heF93aWR0aCI6NzY3LCJhbGwiOnsiYm9yZGVyLXN0eWxlIjoibm9uZSIsImRpc3BsYXkiOiIifX0=" f_elem_font_size="18px" f_elem_font_weight="eyJhbGwiOiI3MDAiLCJwaG9uZSI6IiJ9" f_elem_font_family="420" text_color_h="#f58220" main_sub_icon_size="13"]
Home बिहार बिहारशरीफ ट्रेन से कटने से तीन मवेशियों की मौत

ट्रेन से कटने से तीन मवेशियों की मौत

0
ट्रेन से कटने से तीन मवेशियों की मौत

राजगीर. राजगीर-बख्तियारपुर रेलखंड में एक दुखद घटना की खबर सामने आयी है. तीन मवेशियों की ट्रेन से कटकर मौके पर ही मौत हो गयी है. यह हृदयविदारक हादसा शहर के रेलवे क्राॅसिंग के समीप हुआ है. इस हादसे से एक गरीब पशुपालक महिला की जिंदगी पूरी तरह से उजड़ गई है. यह घटना कब और किस ट्रेन से हुई है किसी ने नहीं देखा है. पीड़ित पशुपालक प्रविला देवी, पति स्वर्गीय अनिल यादव राजगीर के उपाध्याय टोला की निवासी हैं. उन्होंने बताया कि उनके तीन मवेशी शनिवार को कहीं भटक गये थे. काफी खोजबीन के बाद भी जब कोई पता नहीं चला तो उन्होंने यह मान लिया था कि शायद मवेशी की चोरी हो गयी है. लेकिन रविवार की सुबह जब लोगों से खबर मिली कि रेलवे क्रॉसिंग के पास रेलवे ट्रैक पर तीन मवेशियों की लाश पड़ी है, तो वह दौड़ती हुई घटनास्थल पर पहुंचीं. वहां का दृश्य देख वह स्तब्ध रह गईं. तीनों मवेशी जिनसे उनका जीवन चलता था. वह क्षत-विक्षत हालत में पड़े थे. प्रविला देवी के अनुसार उनके पति की मृत्यु कुछ वर्षों पूर्व हो चुकी है. पति के जाने के बाद उन्होंने पशुपालन को ही अपना सहारा बना लिया था. तीन भैंसों का दूध बेचकर वह गुजर-बसर करती थीं. यही मवेशी उनकी आजीविका का एकमात्र साधन थी. अब उनके चले जाने के बाद उनके सामने जीविकोपार्जन का संकट खड़ा हो गया है. आंखों में आंसू और दिल में ग़म लिए प्रविला देवी कहती हैं ””””””””””””””””अब मेरा क्या होगा? कौन मेरा सहारा बनेगा? यही तो मेरी जिंदगी का आधार था. इस घटना को लेकर शहर के नागरिकों में गहरी संवेदना है. लोगों का कहना है कि खुले रेलवे ट्रैक के पास सुरक्षा का कोई इंतज़ाम नहीं है. पशुओं के आने-जाने को रोकने के लिए कोई बैरिकेडिंग या फेंसिंग नहीं की गई है. पीड़िता और स्थानीय लोगों ने रेलवे प्रशासन से मांग की है कि पीड़ित महिला को यथाशीघ्र मुआवजा दिया जाय. भविष्य में ऐसे हादसे न हों, इसके लिए आवश्यक सुरक्षा प्रबंध किया जाय. इस दर्दनाक घटना ने यह साफ कर दिया है कि ट्रैक पर सुरक्षा केवल इंसानों के लिए ही नहीं, पशुधन के लिए भी जरूरी है.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

ऐप पर पढें
होम आप का शहर
News Snap News Reel